भारत के लिए और भी कई महिला खिलाड़ी जीत सकती हैं पदक: पीवी सिंधु

साल 2016 रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु को BBC इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारत की तरफ से और महिलाएं मेडल जीतेंगी।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ( PV Sindhu*)* 2019 BBC इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड जीतने में कामयाब रही। ये खिलाड़ी पिछले साल शानदार प्रदर्शन कर ये अवॉर्ड जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। साल 2019 में सिंधु BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी।

बीबीसी की तरफ से अवॉर्ड पाने के बाद पीवी सिंधु ने कहा कि “मेरा सभी युवा महिला खिलाड़ियों के लिए यही संदेश है कि वह खुद पर विश्वास रखें। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत में कई महिला खिलाड़ी अपने देश के लिए पदक जीत सकती हैं”

दुनिया की छठी नंबर की 24 साल की ये खिलाड़ी ओलंपिक में बैडमिंटन का रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय है। सिंधु ने ये कारनामा 2016 रियो ओलंपिक में किया था, इसके अलावा उन्होंने 5 और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (World Championships) भी जीते।

पीवी सिंधु इस साल 2020 के ओलंपिक में  बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही हैं. इसके अलावा उन्होंने महसूस किया कि इस तरह के पुरस्कारों से एक एथलीट को उनके प्रयासों के लिए प्रेरणा मिलती है। 

अवॉर्ड जीतने के बाद इस खिलाड़ी ने कहा कि “मैं ये अवॉर्ड अपने समर्थक और फैंस को समर्पित करती हूं, इस तरह के अवॉर्ड से प्रोत्साहन मिलता है और अच्छा करने की प्रेरणा भी मिलती है”।

पीवी सिंधु ने 2019 BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता था स्वर्ण पदक।

पीटी उषा को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

इसी इवेंट में भारत की महान एथलीट पीटी उषा (PT Usha) को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस खिलाड़ी ने अपने शुरुआती दिनों से ही देश में एथलीटों के लिए खेल का माहौल बनाया था।

अवॉर्ड जीतने के बाद इस महान खिलाड़ी ने खुलासा किया कि “जब मैंने अपने करियर की शुरुआत की, तो मैंने रेलवे ट्रैक पर प्रैक्टिस की, मेरे पास ट्रेनिंग करने की कोई जगह नहीं है”।

पीटी उषा ने बताया कि “ अब चीजें काफी बदल गई, मुझे खुशी है कि बीबीसी ने मुझे ये सम्मान दिया। ये अवॉर्ड आने वाली पीढ़ी को खेल में आने के लिए भी प्रेरणा देगा”।

दिग्गज भारतीय धावक ने साल 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों में पदक जीतने बिल्कुल करीब से चूक गई, जब उन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक के लिए दूसरे भाग का एक सौवां भाग से चूक गईं थीं।