वर्मा ब्रदर्स मिलकर ट्रेनिंग में कर रहे हैं एक-दूसरे की मदद

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सौरभ वर्मा ने बताया कि कैसे वो अपने भाई समीर की ट्रेनिंग से प्रेरित होकर उसे अभ्यास में ला रहे हैं।  

लेखक ओलंपिक चैनल ·

जहां COVID-19 महामारी के कारण सेल्फ-आइसोलेशन के दौरान दुनिया भर के अधिकांश एथलीट खुद को फिट और एक्टिव रखने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं और ऐसे में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सौरभ और समीर वर्मा (Sameer Verma) एक दूसरे की ट्रेनिंग में मदद कर रहे हैं।

सौरभ वर्मा (Sourabh Verma) ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, "यह मानसिक रूप से बहुत मददगार है।" ऐसी स्थिति से खुद को बाहर लाना बहुत मुश्किल होता है लेकिन हम एक-दूसरे को प्रेरित कर रहे हैं।”

 “कभी-कभी, मैं ऊब जाता हूं लेकिन समीर को कड़ी मेहनत करते देख, मुझे प्रेरणा मिलती है। हम एक दूसरे के साथ तकनीक और रणनीति पर भी चर्चा करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि "एक कंपनी के तौर पर उनका मेरे साथ होना इस स्थिति में एक अच्छी बात है।"

बैडमिंटन एशिया मिक्स्ड टीम चैंपियनशिप 2019 के दौरान एक्शन में भारत के सौरभ वर्मा

अपने घर वापस लौटे वर्मा ब्रदर्स

वर्मा ब्रदर्स हैदराबाद में गोपीचंद अकादमी से अपने शहर वापस आ गए हैं। पिछले महीने कोरोना वायरस प्रकोप के समय वर्मा ब्रदर्स हैदराबाद में गोपीचंद अकादमी में ही ट्रेनिंग कर रहे थे।

हालांकि, अकादमी से दूर होने के बावजूद सौरभ वर्मा ने बताया कि कैसे एथलीट अभी भी अपनी फिटनेस के लिए ट्रेनिंग कर रहे हैं।

इस 27 वर्षीय शटलर ने कहा कि, “ट्रेनर दिनाज वर्वत्वाला फिटनेस सत्र के लिए वीडियो कॉल के माध्यम से लगभग 90 ट्रेनियों के साथ हर एक दिन के बाद जुड़ते हैं। गोपी सर (पुलेला गोपीचंद) भी सत्रों की निगरानी करते हैं। इसके अलावा, हमें हर दिन अकादमी से एक कार्यक्रम भी मिलता है।”

अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए सौरभ वर्मा जानते हैं कि उनके और भाई समीर का केवल बेहतर प्रदर्शन ही उन्हें ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करा सकता है। आपको बता दें कि पिछले महीने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने रैंकिंग को फ्रीज़ कर दिया था, उससे भी दोनों भाइयों को मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि, "अब, हर किसी के पास एक मौका है (अपनी रैंकिंग में सुधार करने के लिए) और जो रैंकिंग में आगे थे, उन्हें अपनी स्थिति बनाए रखने की आवश्यकता है।"

सौरभ और समीर वर्मा वर्तमान में क्रमशः 30 वें और 31 वें स्थान पर हैं, और उन्हें टोक्यो का टिकट हासिल करने के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन की आवश्यकता है क्योंकि शीर्ष 16 में से केवल दो भारतीय शटलर खेलों के लिए क्वालिफाई कर सकेंगे।

अश्विनी पोनप्पा कर रही हैं घर पर ट्रेनिंग

वर्मा भाइयों की तरह भारतीय बैडमिंटन स्टार अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponnappa) भी घर पर अपने समय का सदुपयोग करती हुई टोक्यो का टिकट हासिल करने के लिए बेक़रार हैं।

अश्विनी पोनप्पा ने कहा कि,"ये घर पर अपने समय को सबसे अधिक कीमती बनाने का समय है। सौभाग्य से इन दिनों, इस उम्र में आप घर पर बहुत सारे व्यायाम कर सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि “जब आप घर पर हों और आपके पास अनुशासन में रहने के लिए अधिक समय हो तो ये कठिन हो जाता है। मैं जल्दी जागने की कोशिश करती हूं और कुछ श्वास अभ्यास, स्ट्रेच और व्यायाम करती हूं ... ये वो चीजें है जिन्हें आप घर पर कर सकते हैं।”

दो बार की ओलंपियन ने अपनी ट्रेनिंग की एक झलक को ट्विटर पर भी शेयर किया था।

अश्विनी पोनप्पा टोक्यो खेलों के लिए क्वालिफाई करने और क्वालिफ़िकेशन टूर्नामेंट फिर से शुरू होने पर ओलंपिक में तीसरी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अपनी पार्टनर एन सिक्की रेड्डी (N Sikki Reddy) के साथ मिलकर कोर्ट में उतरेंगी।