थाईलैंड मास्टर्स में भारत की नज़र एक बेहतर खेल पर होगी

ऐसे में जब ज़्यादातर भारतीय शटलर पीबीएल में व्यस्त हैं तो भारत की तरफ़ से इस सुपर 300 टूर्नामेंट में सिर्फ़ चार शटलर शिरकत कर रहे हैं

रविवार, 19 जनवरी को इंडोनेशिया मास्टर्स समाप्त हुआ है और उसके ठीक दो दिन बाद यानी 21 जनवरी, मंगलवार से थाईलैंड मास्टर्स की शुरुआत होने जा रही है। जहां भारत के कई बड़े नामों ने 170,000 अमेरिकी डॉलर वाले इस इवेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। प्रीमियर बैडमिंटन लीग का पांचवां संस्करण 20 जनवरी से शुरू हो चुका है इसलिए कई शटलर थाईलैंड मास्टर्स से नदारद हैं।

हालांकि, कुछ ऐसे भी शटलर हैं जिनका ओलंपिक क्वालिफ़िकेशन बीडब्लूएफ़ रैंकिंग पर निर्भर है, जो अप्रैल के अंत तक सामने आएगा। लिहाज़ा वैसे शटलरों के लिए ये सुपर 300 प्रतियोगिता काफ़ी अहमियत रखती है।

नेहवाल की नज़र फ़ॉर्म में वापसी पर

कैरोलिना मरीन के हाथों मलेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फ़ाइनल में और फिर इंडोनेशिया मास्टर्स में राउंड ऑफ़ 32 में ही सायाका ताकाहाशी के हाथों हार झेलने वाली, 2012 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल के लिए साल 2020 का आग़ाज़ बेहद निराशाजनक रहा है।

इन हारों का बदला लेने के इरादे के साथ विश्व नंबर-11 साइना नेहवाल अपने अभियान का आग़ाज़ डेनमार्क की लीन होजमार्क क्जार्सफ़ेल्ट के ख़िलाफ़ करेंगी। थाईलैंड मास्टर्स में साइना को पांचवीं वरीयता हासिल है, लिहाज़ा डेनमार्क की शटलर के ख़िलाफ़ साइना प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। अब तक इन दोनों के बीच हुए चार मुक़ाबलों में से एक में भी साइना की हार नहीं हुई है।

साइना नेहवाल की टक्कर डेनमार्क की लीन होजमार्क क्जार्सफ़ेल्ट से होगी
साइना नेहवाल की टक्कर डेनमार्क की लीन होजमार्क क्जार्सफ़ेल्ट से होगीसाइना नेहवाल की टक्कर डेनमार्क की लीन होजमार्क क्जार्सफ़ेल्ट से होगी

अगर पहले दो दौर का मुक़ाबला साइना जीत जाती हैं, तो इसके बाद उनकी भिड़ंत दूसरी वरीयता प्राप्त रत्चानोक इन्टानोन के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल में हो सकती है। ताज़ा ताज़ा इंडोनेशिया मास्टर्स का ख़िताब जीतने वाली इस थाई शटलर के ख़िलाफ़ साइना का ये मुक़ाबला बेहद कड़ा हो सकता है।

बदला लेंगे श्रीकांत

मलेशिया मास्टर्स के पहले ही दौर में दूसरी वरीयता हासिल चोऊ टीन चेन के हाथों करारी शिकस्त झेलने वाले किदांबी श्रीकांत से उम्मीद थी कि वह इंडोनेशिया मास्टर्स की पहली चुनौती आराम से पार कर लेंगे। लेकिन शेसर हिरेन रुस्तावितो ने पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 शटलर और साल 2017 में चार सुपर सीरीज़ के विजेता को इंडोनेशिया मास्टर्स में शेसर ने चारों खाने चित कर दिया था।

थाईलैंड मास्टर्स के पहले दौर में एक बार फिर किदांबी के सामने शेसर की ही चुनौती होगी, इन दोनों के बीच अब तक हुए सभी 3 मैचों में जीत का सेहरा थाईलैंड के शटलर शेसर के ही सिर बंधा है, लेकिन इस बार वह इन आंकड़ों को बदलते हुए बदला लेने की फ़िराक़ में कोर्ट पर उतरेंगे। अगर ये सच हो जाता है तो आगे चलकर क्वार्टर फ़ाइनल में उनकी भिड़ंत चीन के शी यू की से हो सकती है।

प्रणॉय के इरादे पलटवार पर

भारत के फ़्रैंचाइज़ बेस्ड प्रीमियर बैडमिंटन लीग यानी पीबीएल में एच एस प्रणॉय सबसे सफल भारतीय शटलरों में से एक हैं, ऐसे में पीबीएल छोड़कर थाईलैंड मास्टर्स में खेलने का फ़ैसला ये दर्शाता है कि उनके इरादे क्या हैं। उनकी नज़र यहां अच्छे प्रदर्शन के दम पर टोक्यो 2020 में भारतीय बैडमिंटन दल का हिस्सा बनने पर है।

प्रणॉय पहले राउंड में मलेशिया के डैरन ल्यू के साथ भिड़ेंगे, जबकि अगर इस मुक़ाबले में उनकी जीत हो गई तो दूसरे दौर में भारतीय शटलर के सामने चीन के शी यू की से सामना होगा। पहले दौर में प्रणॉय और श्रीकांत दोनों अगर अपने अपने मुक़ाबले जीत गए तो बैंकॉक के इंडोर स्टेडियम हुआमार्क क्वार्टर फ़ाइनल में आमने सामने दो भारतीय चुनौती भी मुमकिन है।

इन सभी के अलावा समीर वर्मा का पहले दौर में सामना सातवीं वरीयता हासिल ली ज़ी जिया के ख़िलाफ़ होगा। और अगर उनकी जीत का सिलसिला जारी रहा तो क्वार्टर फ़ाइनल में उनके सामने तीसरी वरीयता प्राप्त एनजी का लॉन्ग से हो सकता है।

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