खिलाड़ियों को लय में आने के लिए लगेगा क़रीब एक महीने का वक़्त: विमल कुमार

प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में मुख्य प्रशिक्षक ट्रेनिंग शुरू होने के बाद खिलाड़ियों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

बेंगलुरु में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन ऐकेडमी में लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) और अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponnappa) सहित 20 खिलाड़ी करीब 3 महीने के ब्रेक के बाद कोर्ट में लौटे।

सरकार द्वारा लॉकडाउन में कुछ राहत देने के बाद देश के टॉप खिलाड़ियों में से कुछ ने पिछले हफ्ते से कोर्ट में प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी है, ताकि कोविड-19 के कारण बिगड़ी लय और फिटनेस को फिर से वह दोबारा हासिल कर सके।

हालांकि, लॉकडाउन के समय में भी खिलाड़ियों ने खुद को फिट रखा है। मुख्य कोच और ऐकेडमी के डायरेक्टर विमल कुमार (Vimal Kumar) को विश्वास है कि खिलाड़ी एक महीने में उसी स्थिति में होंगे, जहां वह कोरोना वायरस के कारण मिले ब्रेक से पहले थे।

विमल कुमार ने ओलंपिक चैनल से बातचीत में कहा कि “वे सभी ठीक लगे रहे हैं लेकिन उन्हें शेप में आने में आना होगा। शारीरिक तौर पर वे ठीक है लेकिन कोर्ट पर बहुत से कौशल सत्रों से गुजरना पड़ेगा”

इसके अलावा उन्होंने बताया कि “हम जिम की सुविधा अब भी नहीं उठा सकते इसलिए वे कोर्ट पर कुछ शारीरिक प्रशिक्षण भी कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें अपनी पूरी फॉर्म में आने में आने में एक महीने से लेकर डेढ़ महीने का समय लगेगा। "

सरकार द्वारा एथलीटों को कोर्ट पर जाने की इजाज़त जरूर मिल गई है लेकिन इसके साथ ही उन पर कई सुविधाओं के लिए प्रतिबंध भी लगाया हुआ है। पूर्व नेशनल चैंपियन विमल कुमार को लगता है कि कुछ हफ्तों में सुधार जरूर आएगा।

पूर्व नेशनल चैंपियन ने कहा कि “देखते हैं कि अधिकारी आने वाले हफ्तों में नियमों में कुछ संशोधन करते हैं या नहीं। लेकिन कम से कम यह एक अवसर है और शटलर अब खुश हैं। ”

विमल कुमार, जिन्हें पिछले साल द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, वे भारतीय शटलरों के प्रशिक्षण सत्रों की देखरेख कर रहे हैं। फोटो: पीआईबी 
विमल कुमार, जिन्हें पिछले साल द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, वे भारतीय शटलरों के प्रशिक्षण सत्रों की देखरेख कर रहे हैं। फोटो: पीआईबी विमल कुमार, जिन्हें पिछले साल द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, वे भारतीय शटलरों के प्रशिक्षण सत्रों की देखरेख कर रहे हैं। फोटो: पीआईबी 

आगे की स्पष्टता का इंतजार

 इस हफ्ते भी BWF ने 25 अगस्त से सीजन को फिर से शुरू करने पर जोर दिया, जिसकी शुरुआत सान्या में चाइना मास्टर्स सुपर 100 इवेंट (China Masters Super 100 event) से होगी।

 विमल कुमार ने अंतरराष्ट्रीय निकाय के इस कदम का स्वागत किया लेकिन इसके साथ ही उनके मन में थोड़ा संकोच भी है।

द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित इस कोच ने कहा कि "मुझे लगता है कि BWF ने जो किया है, उन्होंने बैडमिंटन सर्किट को थोड़ा पॉजिटिव बनाने की कोशिश की है और यह एक अच्छी चीज है। लेकिन हम नहीं जानते हैं कि कितने लोगों को चीन दौरे पर जाने में आपत्ति होगी। अभी, हम सब इंतजार ही कर सकते हैं, बहुत सी चीजें हमारे हाथ में नहीं हैं।”

साल 2015 में साइना नेहवाल (Saina Nehwal) को दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बनाने में अहम योगदान निभाने वाले कोच ने कहा कि “लेकिन मुझे यकीन है कि अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा, तो ऐसे कई खिलाड़ी होंगे जो इन प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहेंगे। आखिरकार उसके लिए हम पोजिटिव हो सकते हैं।"

57 साल के ये कोच फिलहाल भारत के उभरते सितारे लक्ष्य सेन सहित कई खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

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