ली ज़्यूरुई को हराना पीवी सिंधु के करियर का टर्निंग प्वाइंट था

ओलंपिक चैंपियन के खिलाफ भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने जीत हासिल करने के लिए शानदार प्रदर्शन किया।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

ये भारतीय बैडमिंटन की एक बेहतरीन महिला खिलाड़ी बनने से बहुत पहले की बात है। पीवी सिंधु (PV Sindhu) उस समय नई खिलाड़ी थीं, जब उन्हें 2012 के चीन ओपन सुपरसीरीज के एक मुक़ाबले में चीन की ओलंपिक चैंपियन ली ज़्यूरुई (Li Xuerui) का सामना करना पड़ा।

उस समय के 17 वर्षीय भारतीय शटलर से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं थी। लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी ने उन्हें हल्के में नहीं लिया, इसके बावजूद पीवी सिंधु ने अपने शानदार तरीके से तीन गेम तक चले मुक़ाबले में जीत दर्ज की।

भारतीय शटलर मानती हैं कि ये जीत उनेके करियर के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

टेबल टेनिस खिलाड़ी मुदित दानी (Mudit Dani) के साथ द स्पोर्टलाइट में इंस्टाग्राम लाइव सत्र में सिंधु ने कहा, "वो उस समय ओलंपिक चैंपियन थीं और मैंने उन्हें क्वार्टर फाइनल में हराया था। ये निश्चित रूप से मेरे लिए निर्णायक मोड़ था।”

ली ज़्यूरुई पर जीत ने पीवी सिंधु के जुनून को बढ़ाने में मदद की, जिसके बाद वो पांच विश्व चैंपियनशिप खिताब जीतने में सफल रहीं।

उस समय ये भारतीय शटलर के लिए एक कठिन चुनौती थी, जिसने नेशनल एज ग्रुप में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लिए ऐसा कर पाना थोड़ा कठिन था।

उन्होंने कहा, "जब मैंने अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलना शुरू किया, तो मैं पहले दौर और क्वालिफाइंग मैचों में हारती रही।" “मुझे लगा कि मुझे बहुत मेहनत करनी होगी। लेकिन काफी लंबे समय तक मेरे साथ ऐसा होता रहा।

"मैं अंतिम प्वॉइंट जीत लिया करती थी, लेकिन फिर भी मैं हारती रही। मैं ये सोचती रहती थी कि मेरे साथ क्या गलत हो रहा है, मुझसे कौन सी गलतियां हो रही हैं?"

लेकिन ली ज़्यूरुई का सामना करने के बाद सब बदल गया। पीवी सिंधु ने शुरुआती गेम में चीनी दिग्गज की रणनीति को ध्वस्त करने के लिए कुछ बेहतरीन शॉट्स दिखाए।

हालांकि ली ज़्यूरुई ने मजबूती के साथ वापसी की और दूसरा गेम 21-9 से अपने नाम कर लिया। पीवी सिंधु को इससे कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा, क्योंकि वो मैच को जीतने के लिए पहले से ही चीनी शटलर को थकाने वाली अपनी रणनीति पर अड़ी हुई थीं।

मैच में देखा गया कि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने जीत हासिल करने के लिए खेल के हर पहलू में चीनी खिलाड़ी को चुनौती दी और कई प्रकार के शॉट्स खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

इस जीत ने पीवी सिंधु के मनोबल को और मजबूत किया, जिसके कारण वो आगे चलकर पांच विश्व चैंपियनशिप खिताब जीतने में सफल रहीं। 

2020 का सीजन ओलंपिक रजत पदक विजेता की योजना के अनुसार नहीं रहा होगा। लेकिन इस परिस्थिति में भी पीवी सिंधु अधिकांश समय अपने घर में खुद को बेहतर करने में लगाया।

हालांकि ट्रेनिंग करना और फिट रहना किसी चुनौती से कम नहीं है, ऐसे में पीवी सिंधु कुछ नए कौशल चुनकर खाली समय का सबसे अधिक उपयोग कर रही हैं। 25 वर्षीय ने खुलासा किया कि, “मैं कुछ चीजें सीख रही हूं; जैसे मैं आजकल पेंटिंग करती हूं।''

उन्होंने अंत में कहां कि, “मैं खाना पकाना भी सीख रही हूँ। ये वास्तव में दिलचस्प है क्योंकि पहले मरे लिए सिर्फ हमेशा बैडमिंटन रहा है लेकिन अब मैं अलग-अलग चीजें सीख रही हूं जो दिलचस्प है।"