भारत की युवा प्रतिभा प्रिंसपाल सिंह का एनबीए जी-लीग में हुआ चयन

एनबीए जी-लीग में चुने जाने के साथ ही 6 फ़ुट 10 इंच का यह उभरता हुआ सितारा दुनिया की सबसे अमीर लीग में से एक में खेलने के अपने सपने के और भी क़रीब पहुंच गया है।

लेखक रितेश जायसवाल ·

पंजाब के पावर फॉरवर्ड प्रिंसपाल सिंह (Princepal Singh) बुधवार को नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) की जी-लीग के लिए चुने जाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

इससे पहले एनबीए की डेवलपमेंट लीग के लिए सतनाम सिंह (Satnam Singh), पालप्रीत सिंह बराड़ (Palpreet Singh Brar) और अमज्योत सिंह गिल (Amjyot Singh Gill) का चयन हो चुका है।

अपने सपने के बारे में बात करते हुए इस उभरते हुए भारतीय सितारे ने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य निकट भविष्य में एनबीए में कुछ बड़े सितारों के साथ खेलना है।

उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “मैं यहां अपनी साख को साबित करना चाहता हूं और साथ ही साथ अपने कौशल और फिटनेस पर काम करूंगा, खासकर ताकत पर। जिससे कि मैं आने वाले वर्षों में मुख्य एनबीए लीग में शामिल हो सकूं।"

"मेरा अंतिम लक्ष्य लेब्रोन (जेम्स) और एंथनी डेविस जैसे सितारों के साथ खेलना है और मुझे विश्वास है कि मैं एक दिन अपने सपने को जरूर पूरा करूंगा।"

जबकि सतनाम सिंह एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्हें एनबीए के लिए चुना गया था और अमज्योत सिंह गिल अपनी संबंधित जी-लीग टीमों के लिए खेल चुके हैं। पालप्रीत सिंह बराड़ 2016 में चयनित किए जाने के बाद टीम में शामिल नहीं होने वाले खिलाड़ियों में से एक थे।

अब 6 फुट 10 इंच लम्बा यह नौजवान जी-लीग की चुनिंदा टीम में शामिल होगा, जिसमें दुनियाभर के अन्य शीर्ष स्तर के खिलाड़ी भी शामिल होंगे।

इसे खिलाड़ियों के लिए एक जरूरी मार्ग के तौर पर जाना जाता है, जिसके ज़रिए वे आगामी सत्र में नियमित रूप से जी-लीग टीमों का हिस्सा बनते हैं। चयनित टीम का अनुभव युवा प्रिंसपाल सिंह को लीग में सर्वश्रेष्ठ युवा प्रतिभाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खुद के हुनर को निखारने का मौका देगा।

प्रिंसपाल सिंह भारत की एनबीए अकादमी से एक पेशेवर अनुबंध पर हस्ताक्षर करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। फोटो: FIBA

अनुबंध के मुताबिक इस भारतीय खिलाड़ी को अन्य जी-लीग पक्षों और कुछ अंतरराष्ट्रीय और अकादमी संगठनों के खिलाफ 10-12 एग्ज़ीबिशन मैच में खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे उसे एनबीए ड्राफ्ट के लिए चुने जाने से पहले अपने हुनर को धार देने का भरपूर अवसर मिलेगा।

एक उभरते हुए सितारे का सुनहरा सफर

प्रिंसपाल सिंह जिस तेज़ी से इस ऊंचाई पर पहुंचे हैं, उस तरह से दूसरा कोई नहीं चढ़ पाया है। इस नौजवान ने 14 साल की उम्र तक बास्केटबॉल को छुआ भी नहीं था। साल 2017 में स्थापित किए एनबीए अकादमी इंडिया में जाने से पहले ही उन्होंने प्रसिद्ध लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी (LBA) में पहली बार इस खेल को खेलना शुरू किया था।

एक साल बाद प्रिंसपाल सिंह स्नातक करने से पहले ऑस्ट्रेलिया की कैनबरा में स्थित एनबीए ग्लोबल अकादमी चले गए। प्रिंसपाल सिंह जैसी युवा प्रतिभा पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का भी ध्यान गया और इसके साथ ही पंजाब के इस लड़के ने 2018 में हांगकांग में हुए सुपर कुंग शंग कप अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपनी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की।

19 वर्षीय यह खिलाड़ी बहरीन के मनामा में 2021 FIBA एशिया कप क्वालिफिकेशन के ओपनिंग मैच में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहा था।

इस करीबी मुकाबले में, जिसमें भारत को मेज़बान देश से एक अंक (67-68) से हार का सामना करना पड़ा। इसमें प्रिंसपाल सिंह ने अपने 12 मिनट के खेल में तीन अंक, पांच रीबाउंड्स और दो बार गोल करने में सहायता देने का शानदार प्रदर्शन किया।

जी-लीग में इस भारतीय खिलाड़ी को पांच बार के एनबीए चैंपियन ब्रायन शॉ (Brian Shaw) की पैनी निगाहों और कड़े दिशा-निर्देशों के नीचे खेलते हुए देखा जाएगा।