जानिए क्यों ओलंपिक बॉक्सिंग चैंपियन वासिल लोमाचेंको से प्रभावित हैं अमित पंघल

यूक्रेन के इस बॉक्सर ने 2008 और 2012 ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

लेखक रितेश जायसवाल ·

शीर्ष भारतीय मुक्केबाज़ और 52 किग्रा वर्ग में दुनिया के नंबर-1 अमित पंघल (Amit Panghal) यूक्रेन के मुक्केबाज़ वासिल लोमाचेंको (Vasyl Lomachenko) को अपना आदर्श मानते हैं।

उन्होंने बीजिंग 2008 और लंदन 2012 में क्रमशः फेदरवेट और लाइटवेट कैटेगरी में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था। 32 वर्षीय यूक्रेनी लोमाचेंको वर्तमान में WBA और WBO खिताब विजेता हैं।

अमित पंघल ने जब कुछ सालों पहले तीन वर्ग श्रेणियों में विश्व चैंपियन रह चुके लोमचेंको के बॉक्सिंग वीडियो देखे तो वह बाएं हाथ के इस मुक्केबाज़ के स्टाइल से काफी प्रभावित हुए।

अमित पंघल ने ओलंपिक चैनल को बताया, "मुझे लगता है कि मैंने 2017-18 में उन्हें पहली बार फोन पर देखा था। तब मुझे पता चला कि वह दो बार के ओलंपिक चैंपियन हैं, इसलिए मैंने उन्हें और अधिक देखना शुरू किया।”

वासिल लोमाचेंको को उनकी आक्रामकता और बिजली की तेजी से मुक्कों का जवाब देने के लिए जाना जाता है। यूक्रेन के इस बॉक्सिंग स्टार के कॉम्बिनेशन पंच में बहुत दम है और वे बेहतर से बेहतर डिफेंस को तोड़ सकते हैं।

लोमाचेंको की मुक्केबाज़ी शैली को अमित पंघल के अंदर भी साफ तौर पर देखा जा सकता है, उन्होंने 2019 इंडिया ओपन के फाइनल में इसका प्रदर्शन किया था।

5 फुट 2 इंच के अमित पंघल का सामना सचिन सिवाच से हुआ था। सिवाच के पास पंघल के तेज़ और सटीक छिद्रण मुक्कों का कोई जवाब नहीं था और उसी के चलते उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था।

विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघल ने स्वीकार करते हुए कहा, “सब कुछ तो नहीं, लेकिन मैं उनकी स्टाइल और विशेष तौर पर उनके कॉम्बिनेशन पंच की नकल करने की कोशिश जरूर करता हूं। मुझे उनके प्रशिक्षण का तरीका भी पसंद है।”

भारत के अमित पंघल 52 किलोग्राम कैटेगरी में नम्बर-1 बॉक्सर हैं।

अम्मान में हुए एशियन बॉक्सिंग क्वालिफायर्स के क्वार्टर-फाइनल में फ़िलीपींस के कार्लो पैलाम (Carlo Paalam) को हराकर उन्होंने अपना पहला ओलंपिक टिकट हासिल किया था। इसके बाद सेमीफाइनल में वह चीन के हू जियांगुआन (Hu Jianguan) से हार गए थे।

हालांकि, टोक्यो ओलंपिक को अब एक साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, ऐसे में फ्लाईवेट कैटेगरी का यह स्टार इस समय का इस्तेमाल अपने खेल को तेज करने के लिए कर रहा है।

अमित पंघल ने कहा, “49 किलोग्राम से 52 किलोग्राम में जाने के बाद से मेरी ताक़त में कमी आई थी और मैं लॉकडाउन के बाद से इस पर ही काम कर रहा था। यह (ओलंपिक खेलों का स्थगन) हमें अपनी कमजोरियों पर ध्यान केंद्रित करने का समय देता है। हम अगले साल बेहतर फिटनेस स्तर और पूरी तरह से बेहतर होकर जाएंगे।”

ओलंपिक अभी भी एक साल दूर है, इसलिए अमित पंघल अक्टूबर से अपने आदर्श मुक्केबाज़ को एक्शन में देखने की उम्मीद कर रहे होंगे।

वासिल लोमाचेंको को एक ज़बरदस्त मुक़ाबले में टेओफिमो लोपेज़ जूनियर (Teofimo Lopez Jr.) से भिड़ते हुए देखा जाएगा। इस लाइटवेट कैटेगरी के मुक़ाबले में चार लाइटवेट विश्व खिताब में से तीन खिताब दांव पर होंगे।