इंजरी को मात देकर मनीष कौशिक कौशल दिखाने के लिए हैं तैयार

अपने पहले ओलंपिक गेम्स यानी टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई कर चुके भारतीय बॉक्सर मनीष कौशिक अपने सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से 2020 स्पोर्टिंग कैलेंडर को खासा नुकसान झेलना पड़ा, किसी प्रतियोगिता को या तो स्थगित कर दिया गया था या फिर रद्द। इतना ही नहीं बल्कि टोक्यो ओलंपिक गेम्स को भी इस महामारी का सामना तक करना पड़ा जब इसे एक साल के लिए पोस्टपोन कर दिया गया।

जहां किसी एथलीट को इस देरी से नुकसान हुआ तो किसी को इंजरी से उबरने के लिए समय मिल गया। भारतीय बॉक्सर मनीष कौशिक (Manish Kaushik) भी फायदा लेने वाले खिलाड़ियों में एक रहे।

25 वर्षीय बॉक्सर उसी गाँव से आते हैं जहां से ओलंपिक मेडल विजेता विजेंदर सिंह (Vijender Singh) आते हैं और तो और इन्होंने पिछले साल अपने पहले ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। ऐसा उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन हैरी गारसाइड (Harry Garside) को 63 किग्रा भारवर्ग में मात देते हुए किया था।

ESPN से बात करते हुए मनीष कौशिक ने कहा “जॉर्डन में चल रहे ओलंपिक क्वालिफिकेशन के दौरान मेरे दाहिने हाथ की बाइसेप में चोट आ गई थी। मुझे लगा था कि पहले राउंड के बाद मुझे कोहनी से मारा गया था।”

“जब भी में जैब करने लगता तब मुझे दर्द होता। मेरा दाहिना हाथ पूरे मुकाबले में सबसे ज़्यादा कारगर था। मुझे वह बाउट जीतना ही था तो मुझे मेरे कोच ने कहा कि आपको दर्द झेलना होगा और दूसरा राउंड भी जीतना है।”

इसके बाद नेशनल लॉकडाउन हट जाने के बाद ही बॉक्सर मनीष कौशिक अगस्त के महीने में मुंबई के अस्पताल में अपनी चोट का इलाज करा पाए। हालांकि इसके इलाज के लिए उन्हें सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ी लेकिन डॉक्टरों ने इन्हें लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन की सलाह दी थी। इसका मतलब यह भी था कि भारतीय मुक्केबाज़ मनीष कौशिक पिछले साल होने वाले यूरोपियन टूर पर नहीं जा सकते थे।

Watch: Manish Kaushik edges Harry Garside in box-off thriller

Indian lightweight Manish Kaushik successfully secured his place at Tokyo 2...

मनीष ने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “इटली न जा पाना एक निराशा थी। उससे भी ज़्यादा अहम यह था कि मुझे किसी भी स्पर्धा में हिस्सा नहीं लेना है लेकिन उस समय रिकवरी के अलावा मेरे पास और कोई विकल्प नहीं था।”

इसके बाद कौशिक ने मसल भी बढ़ाई ताकि उनके पंच में और ज़्यादा ताकत आ सके। अब वह किसी भी स्पर्धा का भाग हो कर लाइव अभ्यास करना चाहते हैं।

“मुझे खेल से दूर हुए अब बहुत समय हो गया है और अब मुझे दोबारा से स्पर्धा में उतरना है। मैं हमेशा से ज़्यादा शारीरिक तौर से ताक़तवर हूं और पहले से ज़्यादा ट्रेनिंग की है। यहां सिर्फ ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना नहीं था। मेरा लक्ष्य ओलंपिक गेम्स में मेडल जीतना है।”