भारत में अब मुक्केबाज़ी की भूख पहले से कहीं ज़्यादा है: एमसी मैरी कॉम

कोरोना वायरस के चलते इंटरनेशनल बॉक्सिंग डे का जश्न नहीं मनाया जाएगा, लेकिन सभी मुक्केबाज़ों का मानना है कि इस समय रिंग में जा कर ट्रेनिंग करना ही सबसे बड़ा जश्न है।

भारतीय बॉक्सर मैरी कॉम (MC Mary Kom) का मानना है कि भारत में मुक्केबाज़ी की भूख पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है और रिंग में उनका जोश देखते ही बनता है।

इंटरनेशनल बॉक्सिंग डे के अवसर पर ओलंपिक चैनल से बात करते हुए भारतीय महिला मुक्केबाज़ी की पर्याय बन चुकी मैरी कॉम ने कहा कि उनका लक्ष्य दृढ है और वह कोरोना वायरस (COVID-19) के बाद नेशनल कैंप के लिए तैयारी कर रही हैं।

“बॉक्सिंग की भूख पहले से बढ़ गई है और तीव्र हो गई है। ऐसे कड़े समय में ट्रेनिंग करना और फिट रहना ही अपने आप में स्पोर्ट्स का जश्न मनाने बराबर है।”

समान हालातों में आज का दिन यानी बॉक्सिंग डे को अच्छे से मनाया जाता है लेकिन कोरोना वायरस के चलते सभी भारतीय इस दिन के जश्न से वंचित रह गए हैं। हालांकि इस समय सभी मुक्केबाज़ों की प्राथमिकता बॉक्सिंग रिंग में जा कर ट्रेनिंग करने की है।

तो वहीं फ्लाईवेट में विश्व नंबर एक बॉक्सर अमित पंघल (Amit Panghal) ने कहा “बहुत से समय के बाद वापस ट्रेनिंग करना ही बॉक्सिंग डे को सबसे ख़ास तरीके से मनाना है।”

अमित ने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “यह अपने आप में ही कृतज्ञ है और निजी तौर पर मैं बहुत ज़्यादा प्रेरित महसूस कर रहा हूं। मैं हमेशा की तरह अपना 100 प्रतिशत देकर देश को रिंग में सम्मानित करने के लिए तैयार हूं। “

“यह इंटरनेशनल बॉक्सिंग डे हमेशा याद रखा जाएगा क्योंकि इस समय हालात सही नहीं हैं।

अच्छे दिनों का इंतज़ार

वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली सिमरनजीत कौर (Simrajit Kaur) के लिए भी हालात वैसे ही हैं और वह भी घर में ट्रेनिंग करने के लिए मजबूर हो गईं हैं। पंजाब की यह महिला बॉक्सर अपने साथियों के साथ ट्रेनिंग करने के लिए उत्सुक हैं।

सिमरनजीत ने कहा “फ़िलहाल हालात कठिन हैं और हम समझते हैं कि बॉक्सिंग डे पहले जैसे नहीं मना सकते लेकिन रिंग में कमबैक करने का और ट्रेनिंग करने का जोश ज़्यादा है साथ ही बाकी खिलाड़ी और कोच के साथ कैंप में जाना ही इस समय का सबसे बड़ा जश्न है।''

भारतीय टीम के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सैंटियागो नीवा को लगता है ओलंपिक गेम्स के नज़दीक पहुंचने तक हालात सुधर जाएंगे। 
भारतीय टीम के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सैंटियागो नीवा को लगता है ओलंपिक गेम्स के नज़दीक पहुंचने तक हालात सुधर जाएंगे। भारतीय टीम के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सैंटियागो नीवा को लगता है ओलंपिक गेम्स के नज़दीक पहुंचने तक हालात सुधर जाएंगे। 

जहां एक तरफ सभी बॉक्सर रिंग में उतर कर ट्रेनिंग करना चाहते हैं तो वहीं हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सैंटियागो नीवा (Santiago Nieva) का मानना है कि ओलंपिक में अभी एक साल हैं और उम्मीद है कि तब तक हालात बेहतर हो जाएंगे।

“मैं उम्मीद करता हूं कि चीज़ें बेहतर हो जाएंगी और हर दिन हम प्रतियोगिता के नज़दीक जाते जा रहे हैं। हम अच्छे नतीजों की कामना करते हैं।”

जिन मुक्केबाज़ों ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है या जो करने की कगार पर खड़े हैं उन खिलाड़ियों के लिए अगले कुछ हफ़्तों में कैंप खोले जा सकते हैं ताकि वह और समय न व्यर्थ करते हुए अपनी ट्रेनिंग शुरू कर पाएं।

सभी मुक्केबाज़ बैच बनाकर ट्रेनिंग करेंगे और यह उनके क्वारंटाइन की तारीख पर निर्भर करता है।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!