निडर मैरी कॉम प्रतिस्पर्धी मुकाबले में फिर से मुक्केबाज़ी करने के लिए हैं तैयार

लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता डेंगू से उबरने के बाद स्पेन में एक टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धी मुक्केबाज़ी में वापसी के लिए हैं तैयार।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) के लिए पिछला साल मुश्किल दौर से गुजरा था।

दिग्गज भारतीय मुक्केबाज़ ने 2020 में अच्छी शुरुआत की थी लेकिन टोक्यो खेलों के लिए उन्होंने क्वालिफिकेशन हासिल कर दूसरी बार ओलंपिक खेलों के लिए टिकट हासिल कर ली। लेकिन फिर कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से सभी खेल इवेंट को रोक दिया गया।

मैरी कॉम को इस दौरान डेंगू से भी एक लड़ाई लड़नी पड़ी और रिकवरी प्रक्रिया में उम्मीद से अधिक समय लगने के कारण वो पिछले साल भारतीय मुक्केबाज़ी टीम में शामिल नहीं हो पाईं थीं, क्योंकि वो बीमारी के कारण यूरोप से ट्रेनिंग दौरे से देर से लौटीं थीं।

37 वर्षीय मैरी कॉम को कुछ मांसपेशियों में दिक्कत का सामना करना पड़ा था और इस दौरान उनका वजन भी बढ़ गया था। हालांकि वो जनवरी में राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण के लिए वापस आ गईं। तब उन्होंने कड़ी मेहनत की और अब वो फिट हैं।

51 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली मैरी कॉम ने एक इंटरव्यू में पीटीआई से कहा, “मुझे अच्छा महसूस होता है। डेंगू के कहर की वजह से मुझे मांसपेशियों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा और मेरा वजन भी बढ़ गया। मैं पिछले महीने तक 57-59 किग्रा की हो गई थी।”

“लेकिन इन सब चीजों से छुटकारा पाने में बेंगलुरू के राष्ट्रीय शिविर में 15 दिन लगे और अब मैं अपने सामान्य वजन 51-52 किलोग्राम में आ गई हूं। मांसपेशियाँ भी ठीक हैं, इसलिए मुझे लगता है कि मैं तैयार हूं।”

मैरी कॉम अब 1 मार्च से स्पेन के वेलेंसिया में बॉक्सम मीट में रिंग में अपनी उतरेंगी।

यह भी पहली बार होगा जब मैरी कॉम एक साल बाद विदेश यात्रा पर जाएंगी और उन्होंने माना कि वो इसके बारे में पहले सोच कर डर जाती थीं।

“मैं यात्रा करने से डरती थी और मैं अभी भी बहुत सतर्क और चिंतित रहूँगी लेकिन आप डर के मारे कब तक चीजों से दूर रह सकते हैं? इस डर का कहीं न कहीं तो अंत होगा ही। एक वायरस से बचने के लिए समझदार होना जरूरी है और मैं पूरी कोशिश कर रही हूं कि मास्क पहनूं और व्यक्तिगत स्वच्छता को हमेशा बनाए रखूं।"

इस साल होने वाले टूर्नामेंट और टोक्यो की उनकी उम्मीदों के बारे में पूछे जाने पर मैरी कॉम ने कहा कि सफर आसान नहीं होगा।

"मैं फिर से कहूं गी कि जब मुझसे उम्मीदों के बारे में पूछा जाता हूं तो मैं हमेशा कहती हूं कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी, लेकिन परिणाम मेरे हाथ में नहीं है। मैं अपने जीवन में एक अच्छी जगह पर हूं। मैं इसे उसी तरह बनाए रखने का इरादा रखती हूं।”