विकास कृष्ण अपने प्रोफ़ेशनल करियर को बेहतर बनाने के लिए अमेरिका में करना चाहते हैं ट्रेनिंग

28 वर्षीय ओलंपियन और कॉमनवेल्थ चैंपियन पेशेवर मुक्केबाज़ी में और बेहतर ट्रेनिंग की सुविधा के लिए अमेरिका जाने की सोच रहे हैं।

सभी अंतरराष्ट्रीय इवेंट और ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स स्थगित होने के बाद, दिग्गज भारतीय मुक्केबाज़ और ओलंपियन विकास कृष्ण (Vikas Krishan) अगस्त के अंत तक पेशेवर मुक्केबाज़ी में वापसी करना चाह रहे हैं।

28 वर्षीय मुक्केबाज़ ने कोरोना वायरस के कारण खेल गतिविधियों के स्थगित होने से पहले मार्च में जॉर्डन में एशियाई मुक्केबाज़ी क्वालिफ़ायर्स में लगातार तीसरी बार अपनी ओलंपिक बर्थ को सील किया था। विकास कृष्ण दुनियाभर के अन्य सभी एथलीटों की तरह हरियाणा के भिवानी में अपने घर पर ट्रेनिंग कर रहे हैं।

हालांकि भारत के गृह मंत्रालय ने खेल परिसरों और स्टेडियमों को लगभग एक महीने पहले खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन एनआईएस पटियाला में लंबे समय से प्रस्तावित मुक्केबाज़ी शिविर को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

विकास कृष्ण का मानना है कि मुक्केबाज़ी ट्रेनिंग की ये कमी समझने योग्य है, लेकिन ये प्रो-बॉक्सिंग महत्वाकांक्षाओं को प्रभावित कर रही है।

मिडलवेट बॉक्सर ने कहा, "अगर कोई शिविर नहीं हैं, तो प्रो-बॉक्सिंग के लिए मेरी तैयारी कभी भी शुरू नहीं होगी। मुझे प्रशिक्षित करने के लिए सही वातावरण की आवश्यकता है, जो कि घर पर नहीं मिल सकती।

प्रोफेशनल बॉक्सिंग की ट्रेनिंग से मिलती है मदद

वो साल 2018 था, जब विकास कृष्ण ने प्रो बॉक्सिंग की रिंग में उतरने का फैसला किया था और तब से दो पेशेवर मुक़ाबलों में जीत हासिल की - पहला नॉकआउट के माध्यम से और दूसरा एक पक्षीय निर्णय से।

कृष्ण ने मुक्केबाज़ी में शानदार वापसी के लिए अपने पेशेवर सर्किट प्रशिक्षण को श्रेय दिया है, जिसने उन्हें इस बार ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में विरोधियों का सामना करने के लिए और अधिक तैयार किया है।

विकास कृष्ण ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "पेशेवर मुक्केबाज़ी ने मुझे कोटा स्थान जीतने में बहुत मदद की है। मैं एशिया के नंबर तीन मुक्केबाज़ को 5-0 से हारने में सक्षम रहा था।"

"मैंने 2012 और 2016 में भी ओलंपिक कोटा जीता था, लेकिन इस बार पेशेवर मुक्केबाज़ी ने मुझे बहुत मदद की क्योंकि मेरा आत्मविश्वास एक अलग स्तर पर था।

एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ने कहा, "इसलिए मैं पेशेवर मुक्केबाज़ी में वापस जाना चाहता हूं।"

हालांकि विकास कृष्ण को अभी भी पेशेवर रिंग में अपने उच्चतम स्तर पर वापस जाने के लिए खुद को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की स्थिति भी उनके लिए एक बाधा बनी हुई है।

विकास कृष्ण ने कहा, "मेरे मैनेजर ने अमेरिकी प्रमोटरों से बात की है और मुझे बताया गया है कि वे हाल में 'अमेरिका फर्स्ट' रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।"

उन्होंने कहा "जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू होगी, तब वो अन्य देशों के बारे में सोच सकते हैं।"

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!