अपने ओलंपिक सपने को पूरा करने के लिए कोरोना जैसे ख़तरे से भी लड़ने के लिए तैयार हैं विकास कृष्ण

ओलंपिक की ट्रेनिंग करने के लिए अनुभवी मुक्केबाज़ संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करेंगे, ये वही देश है जहां सबसे अधिक कोरोना वायरस के मामले दर्ज हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

अनुभवी भारतीय मुक्केबाज़ और दो बार के ओलंपियन विकास कृष्ण (Vikash Krishan) टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण जीतने के ख़ातिर कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के खतरों का सामना करने के लिए तैयार हैं।

28 वर्षीय कृष्ण 30 नवंबर तक अमेरिका के वर्जीनिया में अलेक्जेंड्रिया बॉक्सिंग क्लब में प्रशिक्षण की अनुमति के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को मनाने में कामयाब रहे हैं। यहां उनके कोच रॉन सिम्स जूनियर (Ron Simms Jr) भी रहेंगे।

जहां भारत में अब तक COVID-19 के 4.5 मिलियन मामलों की पुष्टि की गई है और वो विश्व स्तर पर दूसरे स्थान पर है, वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका 6.3 मिलियन मामलों के साथ सबसे आगे है। इसके बावजूद भारतीय मुक्केबाज़ अमेरिका का दौरा करेंगे।

उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "अब से 10 साल बाद, जब मैं अपने बॉक्सिंग करियर को देखूं, तो मुझे ये सोचकर पछतावा न रहे कि 'मैंने महामारी की वजह से अपने मौके गवां दिए।"

2012 अर्जुन अवार्डी ने कहा कि, "मैं नहीं चाहता कि लोग ये कहें कि 'मैं घर पर आराम से बैठा था।' मैं ओलंपिक स्वर्ण जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं।”

भारतीय मुक्केबाज़ विकास कृष्ण संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रशिक्षण लेने के लिए तैयार हैं।

2012 के लंदन और 2016 के रियो ओलंपिक खेलों में कोई भी पदक न जीत पाने वाले विकास कृष्ण ने प्रोफेशनल मुक्केबाज़ी की ओर रूख कर लिया था, लेकिन एक आखिरी बार किस्मत आजमाने के लिए उन्होंने ओलंपिक में जाने का मन बनाया।

अब अपने अनुभव और कौशल दोनों के साथ, टोक्यो ओलंपिक में विकास कृष्ण के पास ओलंपिक पदक जीतने का सबसे अच्छा मौका है। इसलिए ये मुक्केबाज़ अपना सब कुछ दाव पर लगाने के लिए तैयार है।

विकास कृष्ण ने कहा, "निश्चित रूप से मेरे और मेरे परिवार के लिए एक कठिन निर्णय है।"

“लेकिन अगर आप अपने जीवन में ओलंपिक स्वर्ण की तरह कुछ असाधारण हासिल करना चाहते हैं, तो आपको अपने आरामदायक ज़ोन से बाहर आना होगा और जोखिम उठाना होगा।”

कृष्ण ने कहा, "मैं दो ओलंपिक से खाली हाथ लौटा हूं और मैं नहीं चाहता कि ऐसा मौका अपने हाथ से गवांऊं।"

विकास कृष्ण वर्जीनिया में प्रशिक्षण लेंगे जहां भिवानी के ये मुक्केबाज़ कड़े विरोधियों के साथ खेलेंगे।

विकास कृष्ण ने कहा, "मेरे पहले के पेशेवर कार्यकाल ने मुझे विश्व स्तरीय मुक्केबाज़ में बदल दिया था और मैं उसी लय और एक्शन में आना चाहता हूं।"

इस बार ओलंपिक में मेरा दृष्टिकोण ये होगा कि मैं जिस भी प्रतिद्वंद्वी के साथ उतरूंगा, उसे पहले दौर में ही हरा दूंगा।”

कृष्ण ने कहा, "ये ओलंपिक खेलों में मेरी मानसिकता होगी।"