फ़्रेंच मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट में अमित पंघल और संजीत ने जीता स्वर्ण पदक

आठ महीनों बाद अपने पहले टूर्नामेंट में पंघल और संजीत ने स्वर्ण पदक जीता जबकि कविंदर सिंह ने रजत पदक हासिल किया।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघल (Amit Panghal) ने शुक्रवार को फ्रांस के नांतेस में एलेक्सिस वास्टाइन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर प्रतिस्पर्धी मुक्केबाज़ी में वापसी की।

विश्व में शीर्ष क्रम के 52 किलोग्राम मुक्केबाज़, पंघल ने फाइनल में अमेरिका के अब्राहम रेने पेरेज़ (Abraham Rene Perez) को 3-0 से हराया।

पंघल ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, “प्रतियोगिता वाला अनुभव हासिल करना और लंबे ब्रेक के बाद स्वर्ण पदक जीतना बहुत अच्छा था। इससे मुझे ओलंपिक के लिए अपनी तैयारी का आकलन करने में मदद मिलेगी।”

अमित पंघल ने पहले ही टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर ली है, जो ओलंपिक में उनकी पहली उपस्थिति होगी और पदक के लिए उन्हें सबसे पसंदीदा एथलीटों में से एक माना जा रहा है।

एक अन्य भारतीय मुक्केबाज़ संजीत (Sanjeet) ने उसी दिन भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता, जब उन्होंने 91 किग्रा वर्ग के फाइनल में स्थानीय मुक्केबाज़ सोहेब बाउफाई (Soheb Boufai) को हराया।

भारत तीसरे स्वर्ण से चूक गया, जहां एशियाई चैंपियनशिप के रजत-पदक विजेता कविंदर सिंह बिष्ट (Kavinder Singh Bisht) 75 किलोग्राम के फाइनल में सैमुअल किस्तोहुर्री (Samuel Kistohurry) से हार गए।

कुल मिलाकर भारतीय मुक्केबाज़ों ने यहां 6 पदक जीते। लंदन 2012 के ओलंपियन शिव थापा (Shiva Thapa) (63 किग्रा), सुमित सांगवान (Sumit Sangwan) (81 किग्रा) और सतीश कुमार (Satish Kumar) (91 किग्रा) ने सेमीफाइनल में हारने के बाद शुक्रवार को कांस्य पदक जीता था।

इन चारों में सतीश कुमार एक ऐसे मुक्केबाज़ हैं, जिन्होंने टोक्यो 2020 में पहले ही जगह बना ली है और उन्होंने यहां कांस्य पदक जीता

फ्रांस के नातेंस में खेला गया ये टूर्नामेंट भारतीय मुक्केबाज़ों के लिए प्रतिस्पर्धी एक्शन में लौटने का मौका था।

इस महीने की शुरूआत में इटली के अस्सी में एक 15 सदस्यीय दल ट्रेनिंग कैंप के लिए गई थी, जिसमें नौ में से पांच वो मुक्केबाज़ शामिल थे, जिन्होंने पहले ही टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है।

लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता एमसी मैरीकॉम (MC Mary Kom) ने इस दौरे पर जाने से इनकार कर दिया था क्योंकि वो डेंगू से जूझने के बाद उबर रही थीं, जबकि लवलीना बोर्गोहेन (Lovlina Borgohain) को COVID के टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें घर में रहने की सलाह दी गई है।