भारतीय मुक्केबाज़ जिन्होंने हासिल किया 2020 ओलंपिक का टिकट

अम्मान में चल रहे बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 9 भारतीय बॉक्सर इस साल होने वाले ओलंपिक में अपना जलवा दिखाते हुए दिखाई देंगे।

जॉर्डन के अम्मान में चल रही एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स (Asian boxing Olympic qualifiers) 9 भारतीय मुक्केबाजों के लिए काफी उम्दा रही, इनमें 5 पुरुष और 4 महिला मुक्केबाज़ अलग-अलग कैटेगिरी में ओलंपिक 2020 में हिस्सा लेंगे।

इस खेल में कई मुक्केबाजों को भारत की ताकत के रूप में देखा जाता है, जिनमें ओलंपिक 2020 में पदक जीतने की क्षमता है और उन्होंने पहली बाधा पार कर फैंस को निराश नहीं किया।

नीचे दिए बॉक्सर्स ने 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक ने अपना स्थान पक्का कर लिया है।

मैरी कॉम

आखिरी बार एमसी मैरी कॉम (Mary Kom) ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई साल 2012 में हुए लंदन ओलंपिक में किया था। उस दौरान इस खिलाड़ी ने 51 किलोग्राम में कांस्य पदक पर भी कब्जा किया। अब 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन से उम्मीद है कि साल 2020 में भी वह भारत का नाम पूरी दुनिया में करेंगी।

एशियन ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर्स में युवा हमवतन निकहत ज़रीन (Nikhat Zareen) के साथ अत्यधिक प्रचारित बाऊट जीतने के बाद अनुभवी मैरी कॉम ने क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।

मैरी कॉम ने फिलीपींस की आयरिश मैग्नो (Irish Magno) को तीन राउंड में ही हरा दिया। इसी के साथ उन्होंने अपनी जगह ओलंपिक 2020 में अपनी जगह पक्की कर ली।

क्वार्टरफ़ाइनल में जीत के बाद जश्न मनाती मैरी कॉम
क्वार्टरफ़ाइनल में जीत के बाद जश्न मनाती मैरी कॉमक्वार्टरफ़ाइनल में जीत के बाद जश्न मनाती मैरी कॉम

पूजा रानी

ओलंपिक 2020 के लिए क्वालिफाई करने वाली महिला मुक्केबाज पूजा रानी (Pooja Rani) ने एशियाई मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालिफायर्स के क्वार्टर फाइनल में थाई पोर्ननीपा चट्टी (Pornnipa Chutee) को हराकर देश को महिला दिवस का शानदार तोहफा दिया।

एशियन चैंपियनशिप (Asian championships) की लाइटवेट कैटेगिरी में गोल्ड मेडल जीतने वाली पूजा साल 2016 ओलंपिक में क्वालिफाई नहीं कर पाई थी लेकिन इस बार उन्होंने अपने हाथ से ये मौका नहीं जाने दिया।

लवलीना बोरगोहेन

भारतीय मुक्केबाजी दल से दूसरी महिला खिलाड़ी लोवलिना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने वेल्टरवेट कैटेगिरी में ओलंपिक 2020 के लिए क्वालिफाई किया।

22 साल की इस भारतीय बॉक्सर ने साल 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई थी, जहां उन्हें वेल्टरवेट कैटेगिरी की गोल्ड मेडलिस्ट सैंडी रयान (Sandy Ryan) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

इसके बाद उन्होंने लगातार 2018 और 2019 की वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championships) में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद एशियाई मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालीफायर्स के क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान के मफ्तुनखोन मेलिवा (Maftunakhon Melieva) के खिलाफ जीत हासिल कर टोक्यो का टिकट कटाया।

सिमरनजीत कौर

अब तक ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली आखिरी महिला खिलाड़ी सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur) लाइटवेट कैटेगिरी में ओलंपिक 2020 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

साल 2019 के एशियन चैंपियशिप की लाइच वेल्टरवेट कैटेगिरी में सिल्वर मेडल जीतने वाली 24 साल की सिमरनजीत ने भी ओलंपिक में जगह बनाई। इस खिलाड़ी ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नामुन मोनखोर (Namuun Monkhor) को मात दी। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इस खिलाड़ी को शुरुआत में परेशानी आई लेकिन इसके बाद सिमरनजीत ने लय हासिल की और ओलंपिक में अपना स्थान पक्का कर लिया।

अमित पंघल

पिछले कुछ सालों में अमित पंघल (Amit Panghal) बॉक्सिंग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे। इस बॉक्सर ने भी ओलंपिक के क्वालिफाई कर लिया है। अमित पंघल ने एशियन क्वालिफायर के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के कार्लो पालम (Carlo Paalam) को हराया

अमित पंघल ने अपने पहले ओलंपिक यानी टोक्यो 2020 के लिए किया क्वालिफ़ाई
अमित पंघल ने अपने पहले ओलंपिक यानी टोक्यो 2020 के लिए किया क्वालिफ़ाईअमित पंघल ने अपने पहले ओलंपिक यानी टोक्यो 2020 के लिए किया क्वालिफ़ाई

एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता को एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के पहले राउंड में हार गए थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए कई शानदार पंच लगाए और ना केवल जीत हासिल की बल्कि टोक्यो का टिकट भी हासिल किया।

24 साल के इस बॉक्सर ने साल 2017 में नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीतने बाद लगातार अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। साल 2017 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य जीतने के बाद इस खिलाड़ी ने साल 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक जीता। इसके बाद भी इस खिलाड़ी ने साल 2018 और 2019 के एशियन गेम्स में गोल्ड और साल 2019 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता।

हालांकि सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में अमित पंघल को चीन के हू जियांगउन (Hu Jianguan) से हार का सामना करना पड़ा।

इस खिलाड़ी से अब मैरीकॉम के साथ ओलंपिक में पदक जीतने की उम्मद की जा रही है।

विकास कृष्ण

भारत के अनुभवी बॉक्सर विकास कृष्ण (Vikas Krishan) ने तीसरी बार ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया। इस खिलाड़ी ने एशियन बॉक्सिंग क्वालिफायर्स के क्वार्टर फाइनल में जापान के क्विंसी ओकाजावा (Quincy Okazawa) को हराया। सेमीफ़ाइनल में भी विकास ने जीत दर्ज करते हुए इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है।

विकास के अलावा 2102 में ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह (Vijender Singh) ही ऐसे खिलाड़ी है,जिन्होंने तीन बार ओलंपिक में क्वालिफाई किया। विकास कृष्ण को ओलंपिक का टिकट हारने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

साल 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाले विकास कृष्ण ने वापसी से पहली प्रोफेशनल बॉक्सिंग में कदम रखा था। ये खिलाड़ी साल 2016 ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे। अब इस बार उनसे और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

आशीष कुमार

एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स में सभी प्रभावित करन वाली कहानी इसी खिलाड़ी की है। आशीष कुमार (Ashish Kumar) ने अपने पिता के सपने को पूरा करते हुए ओलंपिक 2020 में अपनी जगह पक्की की।

इस खिलाड़ी ने खुलासा किया कि एक महीने पहले उन्होंने अपने पिता को खोया है। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के मैखेल मुस्किता (Maikhel Muskita) की चुनौती को पार करते हुए अपने पिता को श्रद्धांजलि दी।

अब आशीष अगर ओलंपिक में मेडल जीतते है तो यह सोने पर सुहागा होगा लेकिन इस खिलाड़ी को पूरी उम्मीद है कि मेडल जीतने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।

सतीश कुमार

सतीश कुमार भारत के ऐसा पहले बॉक्सर है, जिन्होंने सुपर हेवीवेट कैटेगिरी में ओलंपिक का टिकट कटवाया। इस खिलाड़ी ने एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के क्वार्टर फाइनल में ओटागनबायर डावी (Otgonbayer Daivii) को आसानी से मात दी।

अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित सतीश कुमार से हमेशा ही पदक की उम्मीद रहती है। इस खिलाड़ी ने साल 2014 के एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था।

एशियन मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालीफायर्स में भारतीय मुक्केबाजों के लिए अपने ओलंपिक 2020 के टिकट के लिए दो अवसरों में से यह पहला अवसर था, जिसमें उन्होंने सफलता हासिल कर ली।

ओलंपिक 2020 में शामिल होने वाले भारतीय मुक्केबाजों की सूची का विस्तार हो सकता है क्योंकि सचिन कुमार समेत कुछ मुक्केबाज़ बॉक्स ऑफ़ के ज़रिए ओलंपिक में स्थान पक्का कर सकते हैं

मनीष कौशिक

जार्डन के अम्मान में हुए एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के लाइटवेट (57-63 किग्रा) वर्ग के फाइनल बॉक्स-ऑफ बाउट में मनीष कौशिक आस्ट्रेलिया के दूसरी वरीयता प्राप्त हैरिसन गार्साइड को स्प्लिट निर्णय से हराकर 2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने वाले नौवें भारतीय मुक्केबाज़ बन गए हैं।

2019 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ने चीनी ताइपे के चू-एन लाई को हराकर क्वालिफ़ायर में एक अच्छी शुरुआत की। हालांकि, उनकी गति को मंगोलिया के चिंज़ोरिंग बातर्सुख ने रोक दिया, उन्होंने मनीष कौशिक को क्वार्टर फाइनल में हरा दिया।

हालांकि, पुरुषों के इस भार वर्ग में छह ओलंपिक टिकट उपलब्ध होने की वजह से मनीष कौशिक को बॉक्स-ऑफ के ज़रिए टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने का एक मौका मिला। जिसमें उन्होंने गार्साइड को हराकर नौवां बॉक्सिंग ओलंपिक टिकट हासिल कर लिया।

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