बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल के साथ शुरू होगी भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन की यूरोपियन यात्रा

स्ट्रैंड्जा मेमोरियल के बाद मुक्केबाज हंगरी के टूर्नामेंट मंक लेंगे भाग  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

भारतीय मुक्केबाजी दल बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल के साथ शुरू होने वाले विभिन्न प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए यूरोप जाने के लिए तैयार है।

भारतीय मुक्केबाजी के उच्च प्रदर्शन निदेशक सैंटियागो नीवा ने मेगा इवेंट की तैयारियों के तहत टोक्यो ओलंपिक तक मुक्केबाजों के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है।

उन्होंने कहा, "इस साल की शुरुआत हम बुल्गारिया में स्ट्रैंड्जा मेमोरियल से कर रहे हैं। फिर उम्मीद है कि हंगरी में एक टूर्नामेंट होगा और इसके बाद एक और होगा। इसके अलावा हम राष्ट्रीय शिविर के लिए बेंगलुरु में भी रहेंगे और संभवत: कुछ विदेशी टीमों को आमंत्रित करेंगे, अगर वो आने के लिए तैयार हुए।"  

स्ट्रैंड्जा मेमोरियल को आमतौर पर यूरोप में सीजन-ओपनर के रूप में जाना जाता है जो सोफिया में 21 से 28 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।

टोक्यो जाने वाले सभी नौ भारतीय मुक्केबाज- अमित पंघाल (52 किग्रा), मनीष कौशिक (63 किग्रा), विकास कृष्णन (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा), सतीश कुमार (+91 किग्रा), एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लोवलिना बोर्गोहिन (69 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा)। 

इस बात की भी संभावना है कि खेलों से पहले होने वाले क्वालीफायर में अच्छा प्रदर्शन करने पर कुछ को टोक्यो का टिकट भी मिल सकता है। 

मुक्केबाजों ने पहले दिसंबर 2020 में कोलोन में मुक्केबाजी विश्व कप में भाग लिया था, जहां उन्होंने पांच स्वर्ण सहित नौ पदक जीते थे।  

जबकि, ओलंपिक की संभावनाओं के लिए अगस्त में ही पटियाला में राष्ट्रीय शिविर शुरू हो गया था। हालांकि, संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए एथलीटों को रिंग या स्पैरिंग से दूर रखा गया था। 

"पटियाला के राष्ट्रीय शिविर में COVID के लिए जारी SOP ने मुक्केबाजी के अभ्यास पर विराम लगा दिया। इसलिए लंबे विराम के बाद मुक्केबाजी का अभ्यास शुरू होना अच्छा था। इसकी (कोलोन में बॉक्सिंग विश्व कप) की बहुत जरूरत थी और इससे हमें प्रतिस्पर्धा में बने रहने में मदद मिली और हम वापस पटरी पर लौट आये।"

टोक्यो ओलंपिक में जाने वाले बॉक्सर अमित पंघाल

नीवा ने विस्तार से बताया, "मुक्केबाजों को अभिप्रेरणा के लिए प्रतिस्पर्धा की जरूरत थी और इस यूरोप यात्रा के दौरान उन्हें दो मौके मिलेंगे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है। क्योंकि महामारी के कारण न केवल हमें, बल्कि हर देश को एक तगड़ा झटका लगा। सभी ने अलग-अलग तरीके से इसका सामना किया है।"

नीवा को उम्मीद है कि मुक्केबाजी महासंघ ओलंपिक वर्ष में गेम्स के बाद नेशनल्स आयोजन सम्मेलन से पहले एक ब्रेक लेगा और नेशनल्स इवेंट का आयोजन जुलाई से पहले करना चाहेगा।

"अगर संक्रमण के लिहाज से सुरक्षित हुआ तो मैं जल्द ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजन देखना चाहूंगा, जो शायद बायो-बबल में हो। मुक्केबाजों को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत अच्छा होगा क्योंकि प्रतियोगिता के बिना सिर्फ प्रशिक्षण करते रहना मुश्किल है।"

उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि बायो-बबल में आयोजन इसकी संख्याओं और पैमाने को देखते हुए आसान नहीं होगा, लेकिन हम कम से कम इसके बारे में सोच तो सकते हैं और यदि संभव हो तो इसे परखा भी जा सकता है। यह बुरा विचार नहीं होगा। जैसे ब्राजील और चीन भी नेशनल्स का आयोजन कर रहे हैं, तो हम भी कोशिश कर सकते हैं।"

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण राष्ट्रीय चैम्पियनशिप को 2020 में रद्द करना पड़ा था