टोक्यो 2020 की तैयारी के लिए भारतीय मुक्केबाज़ इटली के लिए तैयार, मैरी कॉम ने नाम लिया वापस

अमित पंघल, लवलीना बोरगोहेन और सिमरनजीत कौर उन 16 भारतीय मुक्केबाज़ों के खेमे में मौजूद हैं जो इटली जाकर ट्रेनिंग करेंगे और फ्रांस में प्रतियोगिता का हिस्सा भी होंगे।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (Sports Authority of India – SAI) ने बुधवार को घोषणा कर बताया कि 15 अक्टूबर से 5 दिसंबर तक एसीसी, इटली में 16 भारतीय बॉक्सर ट्रेनिंग करते नज़र आएंगे। ग़ौरतलब है कि इस खेमे में कुछ मुक्केबाज़ ऐसे भी शामिल हैं जिन्होंने टोक्यो 2020 में अपनी जगह बना ली है।

इन्ही में से कुछ भारतीय मुक्केबाज़ एलेक्सिस वास्टीन इंटरनेशनल बॉक्सिंग (Alexis Vastine International Boxing) में भी भाग लेंगे और अपने कौशल को निखारने की पूरी कोशिश करेंगे। यह प्रतियोगिता 28 से 30 अक्टूबर के बीच खेली जानी है।

16 मुक्केबाज़ों में जो ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं उनके नाम कुछ इस प्रकार है – अमित पंघल (Amit Panghal), आशीष कुमार (Ashish Kumar), सतीश कुमार (Satish Kumar), सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur), लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) और पूजा रानी (Pooja Rani)।

वहीं दूसरी ओर लंदन 2012 ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता और 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) यात्रा से जुड़े जोखिम नहीं उठाना चाह रही हैं और इसी वजह से वह इस टूर का हिस्सा नहीं होंगी।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) से बात करते हुए इस दिग्गज मुक्केबाज़ ने बताया कि “डेंगू की वजह से मैं पिछले दो हफ़्तों से अच्छा महसूस नहीं कर रही हूं। हालांकि मैं पहले से बेहतर हूं लेकिन मैं सफ़र नहीं करुंगी। मैं दिल्ली में रहूँगी और यहीं ट्रेनिंग करुँगी।”

इसी तरह दो और ऐसे भारतीय बॉक्सर हैं जो टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं, वह भी इस टूर पर नहीं जाएंगे और वह हैं विकास कृष्ण (Vikas Krishan) और मनीष कौशिक (Manish Kaushik)। ग़ौरतलब है कि कृष्ण अमेरिका में ट्रेनिंग कर रहे हैं और मनीष अपनी चोट से उबर रहे हैं।

लंदन 2012 की ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता मैरी कॉम डेंगू से रिकवर कर रही हैं और वह ट्रेनिंग के लिए इटली नहीं जाएंगी।

लवलीना बोरगोहेन इस प्रतियोगिता से असल स्पर्धा का अभ्यास करना चाह रही हैं और उनकी नज़रें अच्छा करने को उतारू हैं।

इस मुक्केबाज़ ने समझाते हुए कहा “अब जब ओलंपिक में 10 महीने से कम का समय बचा है और ऐसे में यूरोपियन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना मददगार साबित होगा।”

वहीं दूसरी ओर पटियाला में ट्रेनिंग शुरू कर चुके आशीष कुमार (75 किग्रा) भी यूरोप जा कर प्रतियोगिता का हिस्सा बनना चाहते हैं और उसके लिए काफी उत्साहित भी हैं।

आशीष ने बातचीत के दौरान कहा “जब हम नए प्रतिद्वंदियों के खिलाफ उतरेंगे तब हमे हमारे स्तर का अंदाजा होगा। इससे हमे यह पता चलेगा कि हम कहां खड़े हैं और किन चीज़ों में बेहतरी की ज़रूरत है।”