फ्लाईवेट बॉक्सर अमित पंघल के सपनों को सेल्फ-आइसोलेशन में भी लगे पंख

लॉकडाउन में भी अमित पंघल अपनी ट्रेनिंग जारी रखते हुए टोक्यो 2020 की तैयारी कर रहे हैं।

टोक्यो ओलंपिक को भले ही अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिए गए हो, लेकिन खिलाड़ियों के जुनून में कोई कमी नहीं आई है। अमित पंघल भारतीय बॉक्सिंग के चमकते सितारे हैं और हाल ही में हुए एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के ज़रिए उन्होंने टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई कर लिया है।

अब जब COVID-19 महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित कर रखा है और ऐसे में अमित पंघल अपनी ट्रेनिंग और फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। फिलहाल पंघल अपने गांव की ही एक यूनिवर्सिटी के हॉल में ट्रेनिंग कर रहे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने बताया, “मेरे घर से 5 किमी दूर महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी है और वह अभी बंद है और इसी वजह से मुझे उसके अंदर जाकर ट्रेनिंग करने का मौका मिल रहा है। वहां कोई नहीं होता है, इसलिए मैं आराम से अपनी ट्रेनिंग कर सकता हूं। मेरे बचपन के कोच अनिल धनखड़ (Anil Dhanker) की देखरेख में मैं ट्रेनिंग कर रहा हूं। साथ ही मैं अपने गांव के खुले इलाके में भी अभ्यास कर रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे अपने बचपन के दिन याद आ गए, जब मैं अनिल धनखड़ के अंडर ट्रेनिंग करता था।” आज कल पंघल सुबह 8 बजे उठ जाते हैं ओर भारतीय चीफ बॉक्सिंग कोच सैंटियागो नीवा (Santiago Nieva) से निर्देश लेते हैं।

अपने लक्ष्य और फोकस को ध्यान में रखते हुए इस भारतीय बॉक्सर ने बताया, “मैं लगभग 5 घंटे ट्रेनिंग करता हूं। यह ट्रेनिंग सुबह और शाम को होती है और इसे इनडोर किया जा रहा है। मैं 30 मिनट स्ट्रेच, जॉगिंग और वॉर्म-अप करता हूं। उसके बाद पैड्स, पंचिंग बैग और उसके बाद अन्य व्यायाम करता हूं।”

“Qualifying for Tokyo was a dream come true and a lot of hard work, some technical and mental adjustments were done,” Ajay Panghal explained. 

“Now the goal is to win a medal at the Games,” he said.

Amit Panghal, who punched his Tokyo ticket in the 52kg category, echoed his brother's sentiments when speaking to the Times of India.

"The ultimate dream is to win an Olympic medal for my country," asserted the 24-year-old pugilist.

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