भारतीय मुक्केबाज़ों का टोक्यो ओलंपिक में स्थान पक्का करने के बाद मिला ये अतिरिक्त समय फ़ायदेमंद है: सैंटियागो नीवा

भारतीय मुक्केबाज़ी कोच को उम्मीद है कि मुक्केबाज़ों का मुख्य समूह और ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले मुक्केबाज़ अगले महीने राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा होंगे।

पिछले महीने एशियन मुक्केबाज़ी ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में भारत की शानदार शुरुआत से फायदा हो सकता है।

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के प्रकोप के कारण हुए लॉकडाउन से पहले मार्च में नौ भारतीय मुक्केबाज़ों ने जॉर्डन के अम्मान में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया था।

भारत की इस शानदार शुरूआत के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी कोच सैंटियागो नीवा (Santiago Nieva) अब लॉकडाउन के खत्म होने के बाद मुक्केबाज़ों को हाई लेवल की ट्रेनिंग देने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

सैंटियागो नीवा ने स्पोर्टस्टार को बताया कि, "हम यूरोप और अमेरिका के कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर हैं, हम भाग्यशाली हैं कि क्वालिफाई करने वाले मुक्केबाज़ों की संख्या हमारे पास अच्छी है। जब भी हम अपने कैंप को फिर से शुरू करेंगे, तो हमें बस फोकस करने की ज़रुरत होगी।”

उन्होंने बताया कि, "हमारे पास तैयारी करने के लिए अभी और समय है, जो कि अच्छी बात है।”

कॉन्टिनेंटल ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट का 20 फरवरी को अफ्रीका में समापन हुआ था और इसके बाद मार्च में एशियाई मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स हुए थे।

अमेरिकी क्वालिफ़ायर्स 26 मार्च को शुरू होने वाले थे लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इसे यूरोपीय क्वालिफ़ायर्स के साथ जोड़ दिया गया।

कजाकिस्तान के साथ-साथ भारत में अब तक सबसे ज्यादा संख्या में मुक्केबाज़ हैं जो अगले साल जापान जाएंगे।

लवलीना बोरगोहेन ने एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के क्वार्टरफ़ाइल मुक़ाबले में जीत के साथ टोक्यो 2020 में बनाई जगह
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के क्वार्टरफ़ाइल मुक़ाबले में जीत के साथ टोक्यो 2020 में बनाई जगहलवलीना बोरगोहेन ने एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के क्वार्टरफ़ाइल मुक़ाबले में जीत के साथ टोक्यो 2020 में बनाई जगह

इन मुक्केबाज़ों ने कटाया टोक्यो का टिकट

स्वीडन मूल के भारतीय कोच इन मुक्केबाज़ों के लिए मई में किसी आयोजित होने वाले राष्ट्रीय शिविर की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन वो भी मानते हैं कि हर कोई इसका हिस्सा नहीं हो सकता।

उन्होंने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से कहा, "मुझे लगता है कि शिविर अगले महीने फिर से शुरू होगा, अगर पूरे मुक्केबाज़ उस कैंप में हिस्सा नहीं ले पाए तो कम से कम ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले मुक्केबाज़ जरुर शामिल होंगे।"

मुख्य समूह में उन नौ मुक्केबाज़ों को शामिल किया जाएगा जो टोक्यो के लिए टिकट हासिल कर चुके हैं और उम्मीद है कि पेरिस में होने वाले विश्व ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में अन्य मुक्केबाज़ भी टोक्यो का टिकट हासिल करेंगे।

जबकि अमित पंघल (Amit Panghal), विकास कृष्ण (Vikash Krishan), आशीष कुमार ( Ashish Kumar), सतीश कुमार (Satish Kumar) और मनीष कौशिक (Manish Kaushik) ने पुरुष वर्ग में क्वालिफाई किया,तो वहीं एमसी मैरीकॉम (MC Mary Kom), लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain), सिमरनजी कौर (Simranji Kaur) और पूजा रानी (Pooja Rani) अपने ओलंपिक बर्थ को सील करने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।

एनआईएस पटियाला में मौजूद सैंटियागो नीवा ने मुक्केबाज़ों की कुछ चिंताओं के बारे में बताया, जिनमें से अधिकांश अपने-अपने घरों में ट्रेनिंग कर रहे हैं, जिसे स्विडिश मूल के भारतीय कोच ने माना कि बेस्ट प्रदर्शन करने के लिए ये काफी नहीं है।

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि, "हम जानते हैं कि हमारे पास ओलंपिक से पहले अभी भी बहुत समय है, और बाकी दुनिया उसी परिस्थिति से गुजर रही है जिससे हम गुजर रहे हैं। इसलिए हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं।"

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