टोक्यो ओलंपिक में मैरी कॉम देश की उम्मीदों पर खरा उतरने को बेताब हैं

सभंवत: अपने आख़िरी ओलंपिक की ओर बढ़ती हुई मैरी का मक़सद गोल्ड जीतना है।

अपने 20 साल के सुनहरे बॉक्सिंग करियर में भारतीय महिला बॉक्सर एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) ने लगभग हर ऊंचाई को छुआ है। 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन के नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप में सबसे ज़्यादा 8 मेड जीतने का रिकॉर्ड भी है। इसके अलावा 4 बच्चों की माँ मैरी कॉम राज्यसभा सांसद (Rajyasabha, MP) भी हैं और साथ ही उनके हिस्से ओलंपिक गेम्स का मेडल भी है।

अपने बॉक्सिंग करियर में चार चांद लगा चुकी यह भारतीय बॉक्सर टोक्यो 2020 में गोल्ड जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगी और इसके लिए वे जी तोड़ मेहनत भी कर रही हैं।सोनी स्पोर्ट्स के शो ‘मेडल ऑफ़ द ग्लोरी’ से बातचीत के दौरान इन्होने कहा “मैं जानती हूं कि जब मैं रिंग में उतरती हूं तो मेरे देश के लोगों की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। इस चीज़ पर मुझे गर्व है।”

मैरी ने आगे बताया, ‘’अगर मैं उनकी उम्मीदों पर खरी न उतर पाई तो?  यह सभी ख्याल मुझे उस दौरान आते हैं। कभी कभी मैं सो नहीं पाती क्योंकि मैं इन सब बातों के बारे में सोचती रहती हूं। मैं जानती हूं कि यह मैंने अकेले नहीं किया है, इसमें मेरे देश के लोगों की प्रार्थना और आशीर्वाद भी है जिस वजह से मैं बेहतर प्रदर्शन कर पाई हूं।”

मैरी कॉम और जीत की भूख

सालों से यह मुक्केबाज़ अपनी जीत की ललक और ज़िद्द पर अड़ी हुई हैं। हर बार वही जोश वही जुनून इस खिलाड़ी की पहचान है और उनके प्रदर्शन की असली वजह भी। चाहे वह उनका 2002 में पहले विश्व खिताब की जीत हो या फिर माँ बनने के बाद वापसी कर उसी जुनून के साथ लड़कर जीत हासिल करने का जज़्बा हो, हमेशा ही खेल जगत ने उन्हें सलाम किया चैंपियन ने आगे कहा “मैं वर्ल्ड चैंपियन कई बार बन चुकी हूं। एक बार चैंपियन बनना आसान है, इंटरनेशनल मेडल जीतना भी आसान है लेकिन एक ही खिताब बार बार जीतना कठिन है। मुझे गलत न समझें, मैं बाकी खिलाड़ियों को प्रेरित करना चाहती हूं ताकि वे इसे चैलेंज की तरह लें। मैं चाहती हूं कि वो सोचे की जब मैरी कर सकती है तो हम क्यों नहीं। मैं चाहती हूं कि लोगो की ऐसी सोच बन जाए।” 

मैरी कॉम मूवी: अ रियल स्टोरी? 

टोक्यो 2020 में गोल्ड मेडल जीतना ही इस खिलाड़ी का लक्ष्य है। भारतीय बॉक्सर ने आगे कहा “बच्चे मुझसे पूछते हैं कि जो फ़िल्म में दिखाया है क्या वह सब सही है?  क्या आपका जन्म सही में ऐसी परिस्थितियों में हुआ था?  उनके पास बहुत से सवाल होते हैं।”

मैरी ने जवाब देते हुए आगे बताया कि, ‘’फिल्म में दिखाया है कि मेरे जुड़वाँ बच्चों में से एक को दिल की बीमारी थी, लेकिन वह सिर्फ़ फिल्म है। भगवान की कृपा हमेशा मुझ पर रही है और उन्होंने मुझे बहुत कुछ दिया है। बहुत सी मुश्किलों के बावजूद कुछ गड़बड़ नहीं हुई। मैं धन्य हूं।''

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