मैरी कॉम को अपने अनुभव पर पूरा भरोसा, ओलंपिक खेलों के स्थगन से नहीं हैं चिंतित

भारत की सबसे अनुभवी और दिग्गज की कहना है कि उनकी नज़रें सिर्फ ओलंपिक गोल्ड पर टिकी हुई हैं।

COVID-19 महामारी के कारण टोक्यो ओलंपिक को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में अधिकांश सीनियर एथलीट जो इस साल होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेकर अपने करियर को अलविदा कहने की सोच रहे थे, उनका फैसला अब अधर में लटक गया है। लेकिन एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) इन सभी चीज़ों से बेफिक्र हैं।

37 साल की उम्र में भारत की सबसे अनुभवी मुक्केबाज़ आज भी उतनी ही फिट हैं, जितना वह पहले कभी थीं। जिस तरह से उन्होंने पिछले महीने एशियन ओलंपिक बॉक्सिंग क्वालिफायर्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की की, उससे ऐसा लगता है कि मैरी कॉम अपने अंतिम ओलंपिक को सबसे बेहतर बनाना चाहती हैं।

अगर इस अनुभवी मुक्केबाज़ पर विश्वास किया जाए तो वह सचमुच सभी को आश्चर्यचकित कर सकती हैं। भले ही ओलंपिक खेलों को साल 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। लेकिन इस भारतीय मुक्केबाज़ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

उन्होंने न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “मैं पूरी कोशिश करुंगी और गोल्ड जीतना चाहुंगी। इसलिए मुझे अपना सौ फीसदी से अधिक बेहतर प्रदर्शन करना होगा। मेरे पास काफी अनुभव है। फिटनेस बहुत मायने रखती है और मैं इस पर काम कर रही हूं। अगर मैं पूरी तरह से फिट हूं तो मुझे इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं गोल्ड जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी।”

देशभर में जारी लॉकडाउन के इस समय में साथी खिलाड़ियों की कमी है, अब धीरे-धीरे एक महीने से भी अधिक समय बीत चुका है, फिर भी मैरी कॉम को इससे कोई समस्या नहीं है।

उन्होंने कहा, "मेरे अनुभव को देखते हुए मुझे नहीं लगता है कि यह लॉकडाउन मुझे प्रभावित करेगा। मुझे लगता है कि अभी तक जो मैंने किया है, वह काफी है।”

सैंटियागो निएवा को मैरी कॉम पर भरोसा

एक ओर जहां मैरी कॉम को अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है, वहीं भारतीय बॉक्सिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर, सैंटियागो निएवा (Santiago Nieva) का कहना है कि अगर कोई ऐसा व्यक्ति है जो अपनी बातों पर खरा उतरा है और रिंग के अंदर अपने आलोचकों को गलत साबित किया है, तो वह मैरी कॉम हैं।

उन्होंने ईएसपीएन इंडिया से बात करते हुए कहा, “मैं बीते चार सालों से सुन रहा हूं कि मुक़ाबला करने के लिए मैरी कॉम की बहुत उम्र हो चुकी है। हर साल वह रिंग में उतरती हैं और सभी को गलत साबित करती हैं। मुझे नहीं लगता कि ओलंपिक खेलों में देरी उन्हें रोक सकेगी।”

“अपने करियर में वह बहुत सी चीजों से उबरकर वापस लौटी हैं, जिसने कई लोगों के करियर को समाप्त कर दिया है। वह दो बार गर्भवती हुईं, जिनमें से दूसरी बार वह तीसवें दशक में गर्भवती हुईं थीं। वह उनमें से हैं, जिन्हें आप अगर 10 बाई 10 फुट के कमरे में रख दें, तो भी वह खुद को प्रेरित करने और ट्रैक पर बने रहने का कोई तरीका निकाल लेंगी।” 

जब से मैरी कॉम ने टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी तैयारी शुरू की है, तब से भारतीय दिग्गज अपनी बेहतरीन फॉर्म में हैं। इस दौरान उन्होंने कुछ शानदार जीत हासिल की हैं। रूस के उलान-उडे में कांस्य पदक जीतकर मैरी कॉम साल 2019 में आठ विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली पहली मुक्केबाज़ बनीं।

37 वर्षीय ने उसके बाद पिछले महीने एशियाई ओलंपिक मुक्केबाज़ी क्वालिफ़ायर्स में कुछ शानदार प्रदर्शन करते हुए टोक्यो ओलंपिक के लिए टिकट हासिल किया।

मैरी कॉम अपने आपको ओलंपिक खेलों के लिए तैयार कर रही थीं, लेकिन कोरोना वायरस महामारी ने उनके प्रशिक्षण को रोक दिया है। इस समय वह अपने घर में ही हैं। एक ओर जहां मैरी इन प्रतिबंधों के बावजूद अपने आपको फिट रख रही हैं, वहीं दूसरी ओर वह अपने परिवार के साथ कुछ अच्छे पलों का आनन्द भी ले रही हैं।

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