टोक्यो 2020 का टिकट हासिल करने के बाद मेडल जीतना ही मैरी कॉम की मंज़िल

2020 ओलंपिक खेलों में मैरी कॉम अपने अनुभव के दम पर पोडियम का हिस्सा बनना चाहती हैं।

भारतीय दिग्गज मुक्केबाज़ मैरी कॉम (Mary Kom) ने 2020 ओलंपिक का टिकट हासिल कर पदक की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। हाल ही में हुए एशिया/ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स (Asian boxing Olympic qualifiers) में ओलंपिक टिकट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल करते हुए अपने ओलंपिक सपने को पंख दिए हैं।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए मैरी कॉम ने कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे लग रहा है कि मैंने खुद को साबित किया है। यह मेरे लिए ख़ास है, ऐसा लग रहा है कि मेरे कंधों से एक बोझ उतर गया।”

जॉर्डन के अम्मान में हुए एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में मैरी कॉम ने टैस्मिन बेनी (Tasmyn Benny) और आयरिश मैग्नो (Irish Magno) को हराकर टोक्यो 2020 में अपनी जगह पक्की की है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन दोनों प्रतिद्वंदियों की उम्र 21 और 28 साल है और ऐसे युवा खिलाड़ियों के सामने कोई भी मुकाबला आसान नहीं होता है।

मैरी कॉम का नाम एक बार सुर्ख़ियों में तब आया जब जूनियर निकहत ज़रीन (Nikhat Zareen) ने बराबरी का मौका मांगा, जिस वजह से मैरी कॉम को एक बार फिर खुद को साबित करना पड़ा।

हालांकि निकहत के खिलाफ मैरी कॉम ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया और अपने फोकस को बरकरार रखा। मैरी कॉम की फॉर्म देख कर उनसे ओलंपिक मेडल की उम्मीद लगाई जा सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टोक्यो 2020 के लिए इस भारतीय दिग्गज की रणनीति क्या होती है।

मैरी कॉम ने अम्मान में अपने दूसरे ओलंपिक के लिए किया क्वालिफाई
मैरी कॉम ने अम्मान में अपने दूसरे ओलंपिक के लिए किया क्वालिफाईमैरी कॉम ने अम्मान में अपने दूसरे ओलंपिक के लिए किया क्वालिफाई

मैरी कॉम भले ही युआन चंग के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला हार गईं लेकिन उन्होंने अपने भार वर्ग में दो मुकाबले जीतकर 2020 ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया।

भावनाओं से भरपूर होगा टोक्यो 2020

ओलंपिक गेम्स में मेडल जीतने वाली भारतीय मुक्केबाज़ के पास अब तकनीक के साथ-साथ तज़ुर्बा भी है। इसके अलावा तेज़ी भी उनकी एक बहुत बड़ी खूबी है, जिसे प्रयोग में लाते हुए इस मुक्केबाज़ ने अपने प्रतिद्वंदियों को कई बार रिंग में पस्त किया है।

फिलहाल यह माना जा रहा है कि 37 वर्षीय यह मुक्केबाज़ टोक्यो 2020 खेलों को अपना आखिरी ओलंपिक घोषित कर सकती हैं। मैरी कॉम ने आगे बताया, “इस बार मैं भावुक हूं। इस बार दबाव बहुत है और ऐसे में प्रदर्शन करना मुश्किल है। मैं हमेशा की तरह अपना सबसे बेहतर दूंगी। इस बार मेरा फोकस परिणामों पर होगा। मेरे अंदर की भावनाओं को अभी थोडा और इंतज़ार करना होगा।”

इसमें कोई दोराय नहीं है कि मैरी कॉम ने देश को गौरवान्वित किया है और अपने खेल से अपने प्रशंसकों को कई ख़ुशियों के कीमती पल भी दिए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि टोक्यो 2020 में मैरी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हुए अपने मन की भावनाओं को प्रकट कर सकें।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!