सेल्फ-आइसोलेशन की बदौलत मैरी कॉम को मिला ‘सेल्फ टाइम’

एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स की बदौलत ओलंपिक गेम्स में जगह बनाने वाली मैरी कॉम इस समय चिंता से दूर अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कोरोना वायरस या COVID-19 ने खेल में बाधा उत्पन्न करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जहां विश्व में यातायात को रोक दिया गया है वहीं खेल जगत की सभी क्रियाओं पर भी कुछ समय का विराम लगा दिया गया है। हालांकि इस वजह से सभी खिलाड़ियों को अपने निजी जीवन को बेहतर करने का एक मौका मिला है।

भारतीय महिला बॉक्सर मैरी कॉम (Mary Kom) ने इस विषय पर इंडिया न्यूज़ एजेंसी को बताया, “इस माहौल में मैं व्यायाम करती हूं, अपनी फिटनेस का ध्यान रखती हूं। मुझे अपने बच्चों के साथ एक महीने के बाद समय बिताने का मौका भी मिला है।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे हिसाब से मुझे इस सेल्फ-आइसोलेशन की वजह से थोड़ी आज़ादी मिली है। मुझे एहसास हुआ है कि मुझे अब अपने रोज़मर्रा के शेड्यूल की चिंता नहीं करनी पड़ती। फिलहाल मेरे बच्चे बहुत खुश हैं। 10 - 15 दिन से उनकी मां बिना किसी रुकावट के उन्हें समय दे पा रही है।”

मैरी कॉम की नज़र टोक्यो में अपने दूसरे ओलंपिक पदक पर होगी।

जॉर्डन जाने से पहले मैरी कॉम इटली में ट्रेनिंग कर रहीं थी। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से इटली में सबसे ज़्यादा मौत हुई हैं। मैरी ने आगे अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि सभी स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को फॉलो कर रहे होंगे। यह करना बहुत अहम है। मैं किसी से मिल नहीं रही और पूरी तरह से सावधानी बरत रही हूं।”

लंदन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली मैरी कॉम ने एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के दौरान आने वाले ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। 51 किग्रा भारवर्ग में खेलते हुए इस भारतीय बॉक्सर ने मैग्नो (Magno) को मात देते हुए अपने कारवां को आगे बढ़ाया था।

सेमीफाइनल बाउट के दौरान मैरी कॉम को चीनी बॉक्सर युआन चांग (Chang Yuan) के सामने हार का सामना ज़रूर करना पड़ा, लेकिन टोक्यो 2020 में जगह बनाने के लक्ष्य को उन्होंने हासिल कर लिया था। इस कीर्तिमान को बनाते हुए उन्होंने ओलंपिक में क्वालिफाई करने वाले मुक्केबाज़ों की लिस्ट में अपना नाम भी शुमार कर लिया है।