नेशनल कैम्प को अगले महीने तक शुरू करने की आशा कर रहा है BFI

बीएफआई के महासचिव का कहना है कि यह निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि 3 मई के बाद लॉकडाउन की स्थिति क्या होगी।

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) मई के दूसरे सप्ताह तक अपने शीर्ष वर्ग के नेशनल कैम्प को फिर से शुरू करने की उम्मीद कर रहा है। ओलंपिक चैनल से बात करते हुए बीएफआई के महासचिव जे कोवली (Jay Kowli) ने कहा, “फेडरेशन सभी गतिविधियों पर कड़ी नज़र बनाए हुए है और जल्द से जल्द कैम्प में शीर्ष वर्ग के खिलाड़ियों के दल को लाने पर काम कर रहा है।”

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कोवली ने कहा, “हम आराम से बैठ सकते हैं। विचार-विमर्श जारी है। हमें भविष्य के लिए योजना बनानी होगी। ऐसी कोई बात नहीं है, जिसकी अभी हम पुष्टि कर सकें। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि लॉकडाउन पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है। 3 मई के बाद लॉकडाउन पर केंद्र सरकार क्या तय करेगी, उसके बाद ही हम कोई निर्णय ले सकेंगे।”

इस बीच भारत के प्रमुख मुक्केबाज़ अमित पंघल (Amit Pangal) ने कहा कि एथलीटों से भी बातचीत की जा रही है। लेकिन अभी किसी योजना को अंतिम रूप देना जल्दबाज़ी होगी। उन्होंने कहा, "कैम्प 15 मई से फिर से शुरू हो सकता है, लेकिन इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई है। फेडरेशन कोई रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है।”

पटियाला, नई दिल्ली, बल्लारी या रोहतक?

इससे पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज़ी टीम पंजाब के पटियाला में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (NIS) या कर्नाटक के बल्लारी में स्थित इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट में ट्रेनिंग लेती रही है, जबकि महिला मुक्केबाज़ देश की राजधानी के इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण लेती रही है। हालांकि, कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के प्रकोप की वजह से फेडरेशन को नेशनल कैम्प के लिए आयोजन स्थल के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है।

बीएफआई के महासचिव ने कहा, “हम कैम्प के लिए स्थानों के बारे में भी चर्चा कर रहे हैं। सामान्य स्थानों के अलावा रोहतक में राष्ट्रीय मुक्केबाज़ी अकादमी एक अत्याधुनिक सुविधाओं वाला स्थान है। हम इस पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि, यह सुविधाएं उन जगहों पर नहीं हैं, जिनपर हमें विचार करना है। इसके अलावा मौजूदा स्थिति को भी देखना है।”

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार देश के दो राज्य महाराष्ट्र और नई दिल्ली महामारी से काफी प्रभावित हुए हैं, जबकि कर्नाटक में बीते कुछ दिनों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं और यहां पीड़ितों की संख्या में कमी दिखाई दी है।

एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप की तैयारी

भारत के एशियाई मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप के लिए मेज़बानी के अधिकार को जीतने के साथ ही एक और इवेंट है जिसे बीएफआई महामारी के कारण बनीं अनिश्चितताओं के बावजूद कराने की उम्मीद कर रहा है।

नेशनल फेडरेशन इस इवेंट को साल के अंत में आयोजित करने की उम्मीद कर रहा है। लेकिन अगर इवेंट को योजना के अनुसार आयोजित करना है तो बीएफआई को आने वाले महीनों में जल्द से जल्द जमीनी तैयारी शुरू करनी होगी।

कोवली ने कहा, “यह एक विकासशील स्थिति है। अगर हम आने वाले महीनों में महामारी की स्थिति को नियंत्रण में ले आते हैं तो हम एशियाई चैंपियनशिप की तैयारी करना शुरू कर सकते हैं। हम महाद्वीपीय निकायों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अगर आने वाले महीनों में महामारी को नियंत्रित कर लिया जाता है तो हम भारत में एशियन मीट को कराने के लिए आश्वस्त हैं।"

ओलंपिक के लिए एशियाई क्वालिफायर के बाद, एशियाई चैंपियनशिप भारतीय मुक्केबाज़ो के लिए एकमात्र टेस्ट इवेंट होगा जिसके ज़रिए वह वर्ल्ड क्वालिफायर से पहले टोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल कर सकते हैं।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!