विशेषज्ञों की नज़र में टोक्यो 2020 के लिए भारतीय मुक्केबाज़ों की तैयारी है क़ाबिल-ए-तारीफ़

भारतीय मुक्केबाज़ यूरोप में ट्रेनिंग कर रहे हैं और साथ ही वह 15 दिसंबर से शुरू होने वाले केमिस्ट्री कप का भी हिस्सा होंगे।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर सेंटियागो नीवा (Santiago Nieva) और वुमेंस चीफ कोच रैफेल बर्गमैस्को (Raffaele Bergamasco) को भरोसा है कि भारतीय बॉक्सर अच्छी राह पर चल रहे हैं और टोक्यो 2020 में वह बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय तजुर्बे के लिए भारतीय मुक्केबाज़ों को एलेक्सिस वास्टीन अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट, फ्रांस में खिलाया गया जहां उन्होंने 3 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किए।

यही ग्रुप जर्मनी में होने वाले केमिस्ट्री कप (Chemistry Cup) का भी हिस्सा होंगे। यह प्रतियोगिता 15 दिसंबर से शुरू होने जा रही है।

सेंटियागो नीवा ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा “हमने एलेक्सिस वास्टीन में अपना 100% नहीं दिया लेकिन हम बाकी टीमों से बेहतर थे। यहां तक कि फ्रांस और यूएस की टीमें हमारा मुकाबला नहीं कर पा रही थी। यह एक सकारात्मक दृश्य हैं। हमे अभी और आगे जाना है लेकिन पूरी दुनिया के लिए यह ऐसा ही रहेगा।”

मार्च में लॉकडाउन के बाद भारतीय मुक्केबाज़ों ने अगस्त में पटियाला में ट्रेनिंग शुरू कर दी थी और वह अक्टूबर 16 को यूरोप के लिए रवाना हो गए थे।

कोरोना वायरस (COVID-19) की महामारी की वजह से पिछले 8 महीनों में भारतीय मुक्केबाज़ों के लिए पहली प्रतियोगिता एलेक्सिस वास्टीन रही थी।

नीवा का मानना है कि लगातार अभ्यास और स्पर्धा हमारे मुक्केबाज़ों को ऐसी तस्वीर में ढाल देंगे जिसने उन्हें ओलंपिक क्वालिफायर्स में बहुत फायदा मिल सकता है।

सही राह में बेहतर अभ्यास

रैफेल बर्गमैस्को ने इसी विषय पर बात करते हुए कहा “दुनिया भर के एथलीटों के लिए बिना स्पर्धा के रहने से फर्क पड़ेगा। भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी हुई है और हमारे लिए सबसे अच्छी बात यह है कि हमने ज़्यादातर वर्गों में क्वालिफाई किया है।”

रैफेल बर्गमैस्को ने इसी विषय पर बात करते हुए कहा “दुनिया भर के एथलीटों के लिए बिना स्पर्धा के रहने से फर्क पड़ेगा। भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी हुई है औबर्गमैस्को का मानना है कि सभी भारतीय मुक्केबाज़ अभी सिर्फ 75% फॉर्म में हैं और उन्हें लगता है कि ट्रेनिंग उन्हें और बेहतर कर देगी।

बर्गमैस्को का मानना है कि सभी भारतीय मुक्केबाज़ अभी सिर्फ 75% फॉर्म में हैं और उन्हें लगता है कि ट्रेनिंग उन्हें और बेहतर कर देगी। र हमारे लिए सबसे अच्छी बात यह है कि हमने ज़्यादातर वर्गों में क्वालिफाई किया है।”

“हमने मेज़बान टीम (इटली) और आयरलैंड के साथ कुछ सेशन भी किए हैं। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि हमें बहुत से यूरोपियन देशों, अफ्रीकी देशों और यूएसए ने भी ट्रेनिंग सेशन के लिए आमंत्रित किया है। इससे हमारे मुक्केबाज़ों को फायदा मिलेगा।”

टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुके बॉक्सर विकास कृष्ण यूएस में ट्रेनिंग कर रहे हैं जबकि चोट से उभर रहे मनीष कौशिक (Manish Kaushik) इस ग्रुप का हिस्सा नहीं हैं।

कोरोना वायरस की वजह से मैरी कॉम ने अपना नाम वापस ले लिया है और तो और लवलीना बोर्गोहैन खुद कोरोना वायरस की चपेट में आ गईं हैं और इसी वजह से वह भी इस ग्रुप का हिस्सा नहीं बन पाई हैं। दोनों ही भारत में ट्रेनिंग कर रही हैं।