टोक्यो 2020 का टिकट हासिल करने का भारतीय मुक्केबाज़ों के पास अगला मौका क्या है?

एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में शामिल होने वाले 13 भारतीय मुक्केबाज़ों में से 9 ने टोक्यो 2020 का टिकट हासिल कर लिया है, लेकिन बचे हुए मुक्केबाज़ों के पास 2020 ओलंपिक खेलों में अपनी जगह पक्की करने का एक और मौका होगा।

लेखक रितेश जायसवाल ·

जार्डन के अम्मान में हाल ही में संपन्न हुए एशियाई बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में भारत के 9 मुक्केबाज़ों को 2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करते हुए देखा गया। बॉक्सिंग का यह दल ओलंपिक खेलों में शामिल होने वाला सबसे बड़ा दल बन गया है।

हालांकि, चार मुक्केबाज़ नमन तंवर (Naman Tanwar), गौरव सोलंकी (Gaurav Solanki), सचिन कुमार (Sachin Kumar) और साक्षी चौधरी (Sakshi Chaudhary) को अपनी एशियाई बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर की यात्रा के दौरान निराशा हाथ लगी। वे अपने-अपने प्रतिद्वंदियों को हराकर टोक्यो 2020 का टिकट हासिल करने में नाकाम रहे।

अम्मान में सचिन कुमार लाइट हेवीवेट (81 किग्रा) श्रेणी में बॉक्स-ऑफ़ फ़ाइनल तक पहुंचने में सफल रहे लेकिन तज़ाकिस्तान के शाब्बोस नेग्मातुल्लोव से एक बेहद करीबी मुकाबले में हार गए और दसवां ओलंपिक टिकट हासिल करने में असफल रहे।

हालांकि, एशिया/ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफ़ायर्स टोक्यो मुक्केबाज़ों के लिए पहला अवसर था जिसके जरिए उन्होंने 2020 ओलंपिक टिकट हासिल किए। इसके बाद मुक्केबाज़ों के पास टोक्यो में अपनी जगह पक्की करने के लिए वर्ल्ड बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर्स के रूप में दूसरा मौका होगा।

इस टूर्नामेंट का आयोजन पेरिस में 13 से 20 मई तक आयोजित किया जाना है। संभावित तौर पर इसके ज़रिए और अधिक भारतीय मुक्केबाज़ 2020 ओलंपिक के बॉक्सिंग दल में शामिल हो सकते हैं।

गौरव सोलंकी ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के राउंड ऑफ़ 16 में बनाई जगह

हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि नमन तंवर, गौरव सोलंकी, सचिन कुमार और साक्षी चौधरी को बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के सामने पलहे अपनी योग्यता साबित करनी होगी।

भारतीय मुक्केबाज वर्ल्ड बॉक्सिंग क्वालीफ़ायर्स में बना सकते हैं जगह

वर्ल्ड बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफ़ायर्स के लिए पेरिस जाने वाले भारतीय मुक्केबाजों के दल को तय करने के लिए बीएफआई शायद नेशनल ट्रायल्स लेगा। पुरुषों के 81 किग्रा वर्ग में सचिन कुमार के मुख्य प्रतिद्वंदी ब्रिजेश यादव (Sakshi Chaudhary) होंगे। यादव 2019 वर्ल्ड मेंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के चयनित उम्मीदवार थे और दूसरे दौर तक पहुंचने में सफल रहे थे।

पुरुषों के 91 किग्रा वर्ग में राष्ट्रपति कप के रजत पदक विजेता गौरव चौहान (Gaurav Chauhan) और उभरते हुए भारतीय मुक्केबाज़ नवीन कुमार (Naveen Kumar) ट्रायल में अपनी प्रतिभा दिखाकर विश्व मुक्केबाजी ओलंपिक क्वालीफ़ायर्स में अपनी जगह बना सकते हैं।

महिलाओं की 57 किग्रा वर्ग में साक्षी चौधरी को हरियाणा की मनीषा मौन (Manisha Moun) टक्कर दे सकती हैं। उन्होंने 2018 महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया और क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई। इसके अलावा 2019 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता।

पुरुषों की 57 किग्रा वर्ग में कविंदर सिंह बिष्ट (Kavinder Singh Bisht), गौरव सोलंकी और सचिन सिवाच (Sachin Siwach) एक-दूसरे को टक्कर देते हुए दिखाई दे सकते हैं। बिष्ट राजकीय एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता हैं और 2019 के पुरुष विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में भी पहुंचे हैं।

सचिन सिवाच एक और कड़े प्रतियोगी हैं। उन्होंने तीन साल पहले एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था और 2017 कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था।