भारतीय फ़ेंसर भवानी देवी को सेल्फ़-आइसोलेशन में मिला डमी पार्टनर का सहारा

भारतीय फ़ेंसर ना केवल फिजिकल ट्रेनिंग कर रही हैं बल्कि मानसिक तौर पर मजबूत होने पर भी उनका ध्यान है।

भारत की उभरती फ़ेंसर सीए भवानी देवी (CA Bhavani Devi) अपनी प्रैक्टिस में कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहती हैं। वर्तमान में चेन्नई में भारतीय फ़ेंसर को एक साथी के साथ प्रशिक्षण और तैयारी करने की आवश्यकता है इसलिए 26 साल की इस खिलाड़ी ने एक पार्टनर तैयार कर लिया है।

भवानी देवी ने अपने घर पर एक डमी पार्टनर तैयार किया है, जिसकी मदद से वो कुछ और ठोस चीजों के खिलाफ प्रशिक्षण कर सकें।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि मुझे लगा कि मेरी बालकनी में काफी जगह है और यह डमी बनाने के लिए बिल्कुल सही जगह है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि “मेरे पास पहले से ही घर में दो कंक्रीट स्लैब थे और उनके नीचे दो ईंटें रखी थीं”।

भवानी ने बताया कि मेरी फेसिंग किट बैग स्लैब के ऊपर लटकाया गया था। मेरी फेसिंग जाल, स्टेनलेस स्टील से बना था और उसके ऊपर रखा गया था”

किसी भी खेल में आपको एक पार्टनर की जरुरत सबसे पहले होती है और लॉकडाउन में एथलीट इसी की कमी सबसे ज्यादा महसूस कर रहे हैं, हालांकि इसके बावजूद भी भवानी देवी नहीं रुकीं और तीन हफ्तों के लिए उन्होंने अपना इंतजाम कर लिया। अब इस तैयारी से भारत की ओलंपिक उम्मीद सही दिशा में ट्रेनिंग कर रही हैं।

भारतीय स्टार ने कहा कि “ उसकी लंबाई मेरे लिए सही है। मुझे ऐसा ही लग रहा है जैसे मैं किसी पार्टनर के साथ ट्रेनिंग कर रही हूं। इससे पहले मैं केवल किसी की कल्पना करते हुए ट्रेनिंग कर रही थी।”

इतिहास बनाने के करीब

तमिलनाडु की इस एथलीट ने कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते फरवरी में ही इटली छोड़ दिया था लेकिन वह अभी भी लगातार अपने कोच निकोला ज़ानोटी (Nicola Zanotti) के लगातार संपर्क में है। जो उन्हें पहली बार ओलंपिक का कोटा हासिल करवाने में मदद कर रहे हैं।

इंटरनेशनल इवेंट पर पहली बार गोल्ड जीतने वाली भवानी टोक्यो ओलंपिक में क्वालिफाई करने से दो विश्व कप राउंड -32 दूर है।

ट्रेनिंग के तरीकों और फ़ेसिंग के ऑनलाइन वीडियो देखने के अलावा भवानी देवी मानसिक तौर पर भी खुद को मजबूत कर रही हैं, इसके लिए वह मनोवैज्ञानिक के सत्र में भाग ले रही हैं, हालांकि फ़ेसिंग की पूरी तैयारी इसके बावजूद अच्छे से नहीं हो पा रही है।

भवानी देवी ने बताया कि कड़े ट्रेनिंग सत्र के बाद योग और मेडिटेशन से मुझे शांति मिलती है और घर पर रहने का ये भी फायदा है कि मैं अच्छा खाना (पोष्टिक) खा सकती हूं।

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