बांग्लादेशी कप्तान जमाल भुयान मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब के लिए खेलने के लिए हैं उत्साहित

डेनमार्क में जन्में जमाल भुयान को कोलकाता के मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब ने I-League 2020-21 के लिए शामिल किया है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

अक्टूबर 2019 में कोलकाता में हुए 2022 FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स (2022 FIFA World Cup qualifier) के चलते बांग्लादेश फुटबॉल टीम के कप्तान जमाल भुयान (Jamal Bhuyan) अपनी टीम को विजयी बनाते बनाते चूक गए थे। इसका बड़ा कारण भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी आदिल खान (Adil Khan) रहे जब उन्होंने एक गोल कर स्कोर को बराबर किया और बांग्लादेश के हाथों से जीत चुरा लीइतिहास अब जमाल भुयान को कोलकाता की सरज़मीन पर हीरो बनने का एक और मौका दे रहा है। ग़ौरतलब है क2020-21 आई – लीग  (I – League) में भुयान मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब के लिए खेलते हुए दिखाई देंगे।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (All India Football Federation – AIFF) को दिए गए इंटरव्यू में भुयान ने कहा “I-League से प्रस्ताव आना मेरे लिए अच्छा है। मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब ने मेरे आगे प्रस्ताव रखा तब मैंने उनके इतिहास के बारे में और जानने की इच्छा जताई।“

"उन्हें अभी-अभी प्रोमोशान मिली है और अब वह I-League को जीतना चाहते हैं। मुझे लगता है कि मुझे वैसे ही आशय से खेलने की ज़रूरत है और मैं वहां जाकर प्रभाव डालना चाहता हूं।”

अब जब इंडियन सुपर लीग (Indian Super League) में कोलकाता की ओर से दो बड़ी टीमें यानी मोहन बागान Mohun Bagan) और ईस्ट बंगाल (East Bengal) मैदान में उतरेंगी तो भारतीय फुटबॉल का तापमान वैसे ही बढ़ जाएगा। ऐसे में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब का I-League में 7 साल बाद प्रवेश करना उतना ही अहम नज़र आता हैएक समय पर भारतीय फुटबॉल और कोलकाता का नाम एक ही सांस में लिया जाता था। कैसे आज की तारीख़ में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल ने जो प्रेम हासिल किया वही प्रेम मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब को भी दिया जाता था। पिछले 4 दशक इस टीम के प्रशंसकों के लिए बहुत मिले जुले रहे हैं और ऐसे में यह टीम एक बार फिर उन उम्मीदों पर खरा उतरना चाहेगी

129 साल के इतिहास में अब इस क्लब की दशा मानों बदलने जा रही है। छोटी ईग में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद I-League में जगह बनाना आसान नहीं रहा है और अब यह टीम अपने पूरे जोश के साथ मैदान में उताकर हल्ला बोलने की पूरी कोशिश करेगी।

सुनील छेत्री को रोकने का प्लान

भुयान के I-League को जीतना अब सबसे ज़्यादा अहम हो गया है। अपने अंतरराष्ट्रिय तजुर्बे को वह इस टीम के समक्ष जोड़कर उन बुलंदियों को छूने की पूरी कोशिश करेंगे जिससे अभी तक वह वंचित रह गए हैं।

भारतीय फुटबॉल टीम के खिलाफ FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स के ग्रुप स्टेज के दूसरे राउंड में भुयान ने अपने कौशल का प्रमाण तब पेश किया था जब उन्होंने अपने साथी  साद उद्दीन (Saad Uddin) के लिए गोल की रणनीति बनाई और अपनी टीम में साहस भर दिया।

भुयान के मिडफील्ड में होने से भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) को भी रोकना आसान हो गया है। बांग्लादेशी कप्तान ने आगे कहा “सुनील भारत में एक आइकॉन और दिग्गज के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रिय स्तर पर बहुत गोल किए हैं और इसी वजह से हमारी नज़रें उन पर हमेशा बनीं रहीं थी। मैंने और मेरे कोच ने गेम के बारे में बात थी और उन्होंने कहा था कि, "हमें उन्हें रोकना होगा तो ऐसे में मैंने उन्हें ज़्यादा मौके नहीं दिए। जो भी मूव उन्होंने बनाया मैं हमेशा उनके साथ ही रहा। उस दिन मेरा काम उन्हें रोकना और परेशान करना था।"

30 वर्षीय जमाल भुयान के लिए भारत में आकर खेलना मानों घरेलु परिथित्यों जैसा है। ग़ौरतलब है कि 1947 में हुए बटवारे से पहले इस खिलाड़ी के पूर्वज भारत में रहा करते थ 1947.