I-League 2020-20 की शुरुआत 9 जनवरी से होगी

ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन की क्लब बेस्ड चैंपियनशिप में 11 टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी, बंगाल में होने वाले इस इवेंट में COVID-19 के सुरक्षा मानकों का ख़ास ध्यान रखा जाएगा।

लेखक सैयद हुसैन ·

आई-लीग के 2020-21 सीज़न का आग़ाज़ 9 जनवरी 2021 से होगा, जिसमें देश भर के क्लब शिरकत करेंगे। इसकी घोषणा शनिवार को ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन (AIFF) ने की।

जिस तरह से पिछले महीने आई-लीग क्वालिफ़ायर की मेज़बानी पश्चिम बंगाल ने की थी उसी तरह I-League भी वहीं खेला जाएगा। बंगाल के कई स्थानों पर मुक़ाबले होंगे लेकिन सभी बंद दरवाज़े के पीछे खेले जाएंगे। जहां कोरोना वायरस (COVID-19) के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का ख़ास ध्यान रखा जाएगा।

हालांकि इस बार के फ़ॉर्मेट में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। पहले हाफ़ में सभी 11 टीमें एक-दूसरे से एक-एक मैच खेलेंगी और फिर दूसरे हाफ़ में इन्हें ग्रुप में बांट दिया जाएगा।

शीर्ष 6 टीम को एक ग्रुप में रखा जाएगा और ये सभी एक दूसरे से एक बार फिर भिड़ेंगी। जबकि नीचे की पांच टीमें भी एक दूसरे के साथ वन-लेग लीग फ़ॉर्मेट में दोबारा आमने-सामने होंगी।

2018-19 सीज़न तक आई-लीग भारत की सबसे प्रतिष्ठित लीग में शुमार थी लेकिन इंडियन सुपर लीग (ISL) की शुरुआत के बाद उसे ही प्रीमियर लीग का दर्जा हासिल हो गया।

चर्चिल ब्रदर्स और रियल कश्मीर FC से I-League में सभी को उम्मीदें रहेंगी। तस्वीर साभार: AIFF

आइज़वाल FC, चेन्नई सिटी FC, चर्चिल ब्रदर्स, गोकुलम केरला FC, नेरोका पंजाब FC, रियल कश्मीर FC और TRAU पिछले सीज़न की तरह ही इस बार भी नज़र आएंगी।

जबकि कोलकाता की मोहम्मडन स्पोर्टिंग इस बार नई टीम की तरह दिखाई देगी जिसने क्वालिफ़ायर्स में जीत दर्ज की थी।

मोहम्मडन के साथ साथ AIFF डेवलपमेंट की इंडियन एरोज़ और नई दिल्ली की सुदेवा FC को इस बार आई-लीग में सीधा प्रवेश मिला है।

आई-लीग के पूरे शेड्यूल की घोषणा भी जल्द होने की उम्मीद है।

आई-लीग क्वालिफ़ायर्स एक तरह से आगामी सत्र के अभ्यास के तौर पर देखा गया था, और उसके सफल आयोजन के बाद उम्मीद है कि आई-लीग का भी आयोजन कोरोना काल में सफलतापूर्वक होगा।

AIFF लीग के सीईओ सुनंदो धर (Sunando Dhar) की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि, “I-League क्वालिफ़ायर्स का आयोजन नए सत्र के अभ्यास के तौर पर ही हुआ था। इस बार आई-लीग पहले से बड़ा और ज़्यादा चुनौतीपूर्ण रहेगा।“