I-League: पंजाब एफ़सी के कोच फ़्लेमिंग खिलाड़ियों की चोट को लेकर बरत रहे सावधानी

खिलाड़ियों की कम से कम इंजरी हो इसके मद्देनज़र नई आई-लीग टीम ऐसे रूटीन का इस्तेमाल कर रही है जिससे खिलाड़ी जल्दबाज़ी न करें और आराम से मैदान पर लौटें।

लेखक सैयद हुसैन ·

अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल में हाल के दिनों में चोट की समस्या बेहद सामान्य बात रही है, इसको देखते हुए पंजाब एफ़सी (Punjab FC) अपने खिलाड़ियों के लिए आई-लीग (I-League) सीज़न से पहले इंजरी मैनेजमेंट पर ध्यान दे रही है।

इससे पहले इस क्लब ने I-League में मिनेरा पंजाब एफ़सी (Minerva Punjab FC) के नाम से खेला था। फ़िलहाल ये टीम इस समय कोलकाता में है, जहां 9 जनवरी से इस लीग की शुरुआत होनी है। टीम के मुख्य कोच कर्टिस फ़्लेमिंग (Curtis Fleming) ने प्री-सीज़न में अपने खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर रूटीन पर ज़ोर दिया।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI) के साथ बातचीत में फ़्लेमिंग ने कहा, “मेरी कोशिश है कि लीग की शुरुआत से पहले हम जल्दबाज़ी न करें और धीरे-धीरे ख़ुद को नए सीज़न के लिए तैयार करें। मैं देख रहा हूं कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की चोट एक बड़ी समस्या है, और हमें उसपर ख़ास नज़र रखनी होगी।“

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की वजह से सभी खेलों के साथ-साथ फ़ुटबॉल पर भी विराम लग गया था, और जब ये दोबारा शुरू हुआ तो खिलाड़ी की थकान और उनकी चोट एक बड़ी समस्या के तौर पर सामने आई है।

अब जब जल्दी-जल्दी मैच हो रहे हैं तो अचानक से खेल से दूर हुए खिलाड़ी की वापसी उनके लिए परेशानी भी बन रही है।

अगर चोटिल खिलाड़ियों पर नज़र डालें तो इस फ़ेहरिस्त में प्रीमियर लीग चैंपियन लिवरपूल के कई बड़े नाम शामिल हैं; वर्जिल वान डिर्क (Virgil van Dijk), जो गोमेज़ (Joe Gomez), ट्रेंट एलेक्ज़ेंडर-आर्नोल्ड (Trent Alexander-Arnold) और एंडी रॉबर्ट्सन (Andy Robertson)।

पंजाब एफ़सी के भी खिलाड़ी प्री-सीज़न में काफ़ी लंबे समय के बाद वापसी कर रहे हैं, इस क्लब ने आख़िरी बार कोई मुक़ाबला मार्च में खेला था। लिहाज़ा कर्टिस फ़्लेमिंग काफ़ी सावधानी के साथ अपने खिलाड़ियों को मैदान में उतारना चाहते हैं।

“हमें सावधान रहना होगा, प्री-सीज़न का पहला दिन सही मायनों में काफ़ी अहम था। खिलाड़ी काफ़ी समय के बाद घांस पर उतर रहे थे, मुझे लगता है कि ये सभी के लिए एक मुश्किल समय था। इससे पहले हममें से किसी ने भी इस तरह की चीज़ें नहीं देखी थी।“

आई-लीग में इस साल कुल 11 टीमें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं जिनमें मोहम्मडन स्पोर्टिंग (Mohammedan Sporting) एक नए कलेवर में होगी तो सुदेवा एफ़सी (Sudeva FC) के तौर पर एक नई टीम भी नज़र आएगी।

पूर्व आयरिश खिलाड़ी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि इस सीज़न में हम अच्छा प्रदर्शन करें, क्योंकि आपका मुक़ाबला कई ऐसी टीमों से होना है जो इस लीग में काफ़ी समय से खेल रही हैं। “

“खिलाड़ियों में खेल को लेकर एक अलग सी भूख है, हम इसे अपनी ताक़त बनाएंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।“

मोहन बागान (Mohun Bagan) और ईस्ट बंगाल (East Bengal) जैसी टीम के शामिल होने के बाद फ़्लेमिंग मानते हैं कि इस बार और भी कड़ी प्रतिस्पर्धा होने वाली है।

“हर सत्र में कई खिलाड़ी यहां से ISL की ओर जाते हैं, जो दर्शाता है कि ये लीग कितनी ख़ास है। हमें अभी बहुत आगे जाना है, हमने इसके लिए योजना भी तैयार कर ली है। लेकिन मैं आपको ये साफ़ बता देना चाहता हूं कि हम सीधे दौड़ेंगे नहीं बल्कि पहले चलेंगे।“

इससे पहले मिनेरवा पंजाब एफ़सी ने 2017-18 सीज़न में आई-लीग अपने नाम की थी। तब ये भारत की सबसे प्रीमियर फ़ुटबॉल चैंपियनशिप हुआ करती थी, फ़्लेमिंग की नज़र दोबारा उस ताज को हासिल करने पर है।

लीड फ़ोटो: आई-लीग मीडिया