ओलंपिक में क्वालिफ़ाई करना है हमारा लक्ष्य: कुशल दास 

भारतीय फुटबॉल टीम ने 1948 से 1960 तक ओलंपिक गेम्स में क्वालिफ़ाई किया है और AIFF अब दोबारा इस उड़ान को भरना चाहती है।

भारतीय फुटबॉल ने 1948 से 1960 तक के ओलंपिक के सभी संस्करणों में हिस्सा लिया है। एक बार फिर AIFF को लगता है कि वह सुनहरे पल लौट आएंगे।

ऑल इंडियन फुटबॉल फेडरेशन (All India Football Federation AIFF) के जनरल सेक्रेटरी कुशल दास (Kushal Das) की मानें तो ओलंपिक गेम्स (Olympics Games) में क्वालिफाई करना भारतीय फुटबॉल का एक अहम लक्ष्य है। ग़ौरतलब है कि 1948 से 1960 तक भारतीय फुटबॉल ओलंपिक गेम्स का हिस्सा थे और तो और 1956 मेलबर्न गेम्स में भारतीय फुटबॉल टीम ने सेमीफाइनल तक का सफ़र तय किया था। उसके बाद काया ऐसी पलटी कि 1960 के बाद से अब तक भारतीय फुटबॉल कभी भी ओलंपिक गेम्स में खुद को क्वालिफाई नहीं करा सकी।

पिछले कई सालों में भारत में फुटबॉल की दशा ज़रूर बदली है और इस बदलाव को देखते हुए भारतीय फुटबॉल ने फीफा (FIFA) और ओलंपिक गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं को अपना लक्ष्य बनाया हुआ है।

वेस्ट बंगाल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स द्वारा आयोजित वेबिनार के दौरान ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कुशल दास दास ने कहा “ओलंपिक में क्वालिफाई करना हमारी रणनीति का हिस्सा है और यह उस प्लान का भी हिस्सा है जो हमे हासिल करने हैं।”

“यह हमारी एक्सिल्लेंस का हिस्सा है जो कि हमारी रणनीति भी है और ओलंपिक गेम्स बिलकुल उस रणनीति में आता है।”

दो धारी विकास मंत्र

इतना ही नहीं बल्कि दास ने ग्रोथ की रणनीति को विस्तार से बताया और समझाया कि कैसे भारतीय फुटबॉल एक बार फिर से उड़ान छू सकती है। उन्होंने बताया कि कैसे बेबी और यूथ लीग का आयोजन भारत में करने से कोच ज्ञान बढ़ता है और AIFF ने इसकी मदद से 75 से 80 प्रतिशत पहले प्लान को हासिल कर लिया है।

दूसरे फेज़ को समझाते हुए दास ने स्पर्धा पर ज़ोर डाला और समझाया कि यह तरक्की ग्रासरूट लेवल से होनी ज़रूरी है।

जनरल सेक्रेट्री, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन, कुशल दास। 
जनरल सेक्रेट्री, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन, कुशल दास। जनरल सेक्रेट्री, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन, कुशल दास। 

दास ने अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “लीग्स बहुत अहम होंगी। बेबी लीग, यूथ लीग जैसे स्तर पर कम से कम 40 से 50 गेम्स खेलने ही होंगे।” उन्होंने लोकल पर भी ज़ोर डाला और स्टेट की रणनीति को भी अहम बताया।

आईएसएल और आई-लीग की शुरुआत

कुशल दास ने कोरोना वायरस (COVID – 19) के बाद भारत में फुटबॉल की डोमेस्टिक लीग को जल्द से जल्द शुरू करने पर भी ज़ोर डाला। आई-लीग के अधूरे डिविज़न को सितम्बर में दोबारा शुरू करने पर ज़ोर डाल रही है और साथ ही इंडियन सुपर लीग और आई-लीग के नए सीज़न को नवंबर में शुरू करने पर विचार चल रहा है।

उन्होंने आगे कहा “हम सीनियर को नवंबर के आस पास शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ नवंबर में क्वालिफायर्स खेलने है और हम शायद उसके बाद ISL और I-League शुरू करा सकते हैं।”

“अभी के लिए हमारे पास यही प्लान है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम यह लागू कर पाएं।” हालांकि दास ने कोरोना वायरस के कहर के उपर काफी कुछ छोड़ा है। बातचीत को आगे बढ़ाते हुए दास ने कहा “हमे लगता है कि लीग बिना दर्शकों के ही होगी और एक ही वेन्यू पर होगी क्योंकि हम खिलाड़ियों की सेहत के साथ रिस्क नहीं ले सकते। उनके यातयात के अलग अलग नियम हैं और हर राज्य का SOP अलग है।”

फिलहाल लीग्स के वेन्यू के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन यह खबर आ रही है कि ISL को गोवा में और I-League को कोलकाता में कराया जा सकता है।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!