AIFF चाहती है कि पुरुष आई-लीग के मैचों में हों महिला रेफरी

एआईएफएफ ने यह सुनिश्चित किया है कि महिला अधिकारियों को आगामी आई-लीग सीज़न में पुरुषों के खेल के लिए रेफरी के तौर पर नियुक्त किया जाए।

लेखक रितेश जायसवाल ·

अपने यूरोपीय समकक्षों के नक्शेकदम पर चलते हुए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को उम्मीद है कि निकट भविष्य में घरेलू लीग में पुरुषों के मैचों की जिम्मेदारी महिला रेफरी संभालेंगी।

AIFF के रेफरी के निदेशक जे रविशंकर (J Ravishankar) ने कहा कि शासी निकाय महिला अधिकारियों को पुरुषों के खेल में लाने के लिए तेज़ी से प्रयास कर रहा है।

रविशंकर ने एआईएफएफ टीवी को बताया, “महिला रेफरी के लिए हमारा लक्ष्य उन्हें पुरुषों के फिटनेस परीक्षणों से गुजरने में सक्षम बनाना और आई-लीग मैचों को कराने में सक्षम बनाना है।"

आपको बता दें, आई-लीग 9 जनवरी से शुरू होने वाली है। उन्होंने आगे कहा, “उन्हें इस चुनौती को भी आगे ले जाना होगा, क्योंकि यह शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से भी अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। मुझे विश्वास है कि हमारे पास उनकी उम्मीदों पर ख़रा उतरने का गुण है।”

भारत में फीफा के शीर्ष पैनल में कुल आठ रेफरी और 10 सहायक रेफरी हैं। हालांकि अन्य एशियाई देशों की तुलना में यह संख्या कम है, लेकिन भारत के मैच अधिकारियों ने बीते कुछ वर्षों में बड़ी प्रगति की है।

2016 फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के फाइनल में यूवेना फर्नांडीस सहायक रेफरी में से एक थीं। तस्वीर साभार: एएफसी/ट्विटर

रविशंकर का मानना था कि भारतीय महिला लीग यानी भारत में महिलाओं के लिए घरेलू लीग की शुरुआत होने से भारतीय अधिकारियों को उच्च स्तर तक ले जाने में मदद करती है।

फीफा पैनल के रेफरी का 17 साल तक हिस्सा रहे रविशंकर ने कहा, "हमारी महिला रेफरी ने असाधारण रूप से अच्छा काम किया है। रंजीता को एशिया में शीर्ष महिला मैच अधिकारियों में से एक के रूप में दर्जा दिया गया है। भारतीय महिला लीग के शुरू होने के साथ उन्हें अधिक संभावनाएं मिल रही हैं।"

"मुझे यकीन है कि (कनिका) बर्मन की तरह शायद ही कोई और बेहतर काम कर सकेगा और तुलनात्मक रूप से वह भारत में पुरुषों के रेफरी के खिलाफ तेजी से आगे आएंगी।"

इसके अलावा अगले साल भारत में होने वाले फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के साथ एआईएफएफ अधिकारी प्रतियोगिता के लिए रेफरी के पैनल में कुछ भारतीयों के भी शामिल होने का विश्वास जताते हैं।

उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि उन्हें अगले साल फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप में अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा। यह हमारी आकांक्षा है और यह हमारे लिए वास्तव में गर्व का पल होगा। हम गर्व से कह सकते हैं कि भारतीय फुटबॉल आगे बढ़ रहा है।”