इंटरनेशनल फ्रेंडली में भारतीय महिला फुटबॉल टीम को बेलारूस से मिली हार

दूसरे हाफ में बेलारूस फुटबॉल टीम ने 2 गोल दागे, वहीं भारतीय टीम सिर्फ एक ही निशाना लगा पाई। संगीता बेसफोर ने भारत की ओर से एकमात्र गोल मारा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने इंटरनेशनल टूर के आखिरी मुकाबले को हार कर 2-1 से प्रतियोगिता का अंत किया है। ताशकंत, उज्बेकिस्तान के AGMK स्टेडियम में बेलारूस के खिलाफ गुरुवार को आई इस हार ने भारत के हाथ से प्रतियोगिता जीतने का सपना भी छीन लिया है।

पहले हाफ में भारतीय टीम ने बेलारूस को जमकर टक्कर दी और खेल को कभी भी अपने हाथों से जाने नहीं दिया। शुप्पो नास्तासिया (Shuppo Nastassia) ने 66वें मिनट में पेनल्टी की बदौलत लीड हासिल की और उसे 10 मिनट बाद ही पिलिपेंका हैना (Pilipenka Hanna) ने भी शानदार खेल दिखाते हुए लीड को बढ़ा दिया।

भारत ने इस मुकाबले में एक ही गोल मारा और वह भी आखिरी के कुछ क्षणों में आया। 30 यार्ड से संगीता बेसफोर (Sangita Basfore) ने शानदार शॉट दिखाया और भारतीय खेमे में एक गोल डाल दया।

पिछले सप्ताह भारतीय महिला फुटबॉल टीम को उज्बेकिस्तान ने 1-0 से पस्त किया था।

गुरूवार को भारतीय टीम ने अच्छा खेल दिखाया और तीसरे ही मिनट में लगभग उन्होंने एक सुनहरा मौका भी बना लिया था। सौम्या गुगुलोथ (Soumya Guguloth) ने पेनल्टी एरिया से शूट मारी लेकिन वह सफल न हो सकीं, इसी को आगे बढ़ाते हुए प्यारी ज़ाज़ा (Pyari Xaxa) ने रीबाउंड की कोशिश की लेकिन वह गेंद को गोल तक नहीं पहुंचा सकीं।

मुकाबले के बढ़ने के बाद बेलारूस फुटबॉल टीम ने आत्मविश्वास दिखाया और भारतीय खिलाड़ियों से कुछ कड़े सवाल भी पूछे।

पिलिपेंका हैना और शुप्पो नास्तासिया ने बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा किया और लगातार अपनी टीम के लिए मौके बनाते चले गए। हालांकि भारतीय टीम ने भी अपने प्रतिद्वंदियों को सफलता की सीढ़ी चढ़ने नहीं दी और लगातार खेल में बने रहे।

भारतीय टीम की हेड कोच मायमोल रॉकी (Maymol Rocky) ने अनुभव को मौका देते हे आशालता देवी (Ashalata Devi) को पहले हाफ के अंत में फील्ड पर उतारा।

ब्रेक के बाद बेलारूस टीम एक मकसद के साथ मैदान में उतरी थी और यह देखा जा रहा था कि वह किसी भी तरह पेनल्टी एरिया में खेल को चलाने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे में बेलारूस की अटैकर शुप्पो नास्तासिया को बॉक्स के अंदर गिरा पाया गया जिस वजह से उकी टीम को पेनल्टी मिली। इस पेनल्टी को भारत के खिलाफ दागा गया और अदिति चौहान (Aditi Chauhan) इसे रोकने में नाकाम रहीं।

इसके बाद बेलारूस महिला फुटबॉल टीम को गोल मारने का एक और मौका मिला और पिलिपेंका हैना उसका फायदा लेते हुए कीपर को मात दी और अपनी टीम की बढ़त भी बढ़ा दी।

देखते ही देखते बहरत ने भी आक्रामक रविया अपनाया और मनीषा (Manisha) ने गोल करने की पूरी कोशिश की लेकिन कीपर के उनके इरादों पर पानी फेर दिया। हालांकि इसके बाद संगीता बेसफोर ने भी एक मौका बनाया लेकिन उसे बनने में असफल रहीं।

संगीता बेसफोर ने इसकी भरपाई ज़रूर की और 30 यार्ड से तेज़ प्रहार करते हुए गेंद को आखिरकार गोल के पार पहुंचाया और यही था भारत की ओर से आया हुआ एकमात्र गोल।