फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप और एशिया कप की मेज़बानी से खिलाड़ी उत्साहित: अदिति चौहान 

भरतीय सरज़मीं पर होगा अंडर 17 वुमेंस फुटबॉल वर्ल्ड कप और वुमेंस एशिया कप का आयोजन। आख़िरी बार 1979 में भारतीय टीम इसी प्रतियोगिता के फ़ाइनल तक पहुंची थी।

भारतीय महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान (Aditi Chauhan) का मानना है कि भारतीय सरज़मीं पर लगातार दो बड़ी प्रतियोगिताओं के होने से लॉकडाउन में आई नकारात्मकता दूर होगी। ग़ौरतलब है कि भारत फीफा अंडर 17 वुमेंस वर्ल्ड कप 2021 (FIFA Under-17 Women’s World Cup 2021) और वूमेंस एशिया कप 2022 Women’s (Asian Cup 2022) की मेज़बानी करेगा।

5 जून को एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन (Asian Football Confederation - AFC) ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (All India Football Federation - AIFF) को AFC वूमेंस एशिया कप को आयोजित करने की अनुमति दे दी थी। भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने आखिरी बार एशिया कप में साल 2003 में भाग लिया और अब 19 साल बाद यह टीम एक बार फिर इस प्रतियोगिता का हिस्सा होगी।

AIFF से बातचीत करते हुए अदिति चौहान ने कहा, “लॉकडाउन में बाहर जाकर न खेल पाने की वजह से हर खिलाड़ी मायूस और निराश था। लेकिन हमें जब इस खबर का पता चला तो सभी के मन से हर प्रकार की नकारात्मकता दूर हो गई।”

पूर्व वेस्ट हैम की डिफेंडर ने आगे कहा, “फीफा अंडर 17 के तुरंत बाद ही एशिया कप है और इस वजह से हमें दोहरा फायदा मिलेगा। यह एक उम्दा प्लेटफॉर्म है। हर कोई उत्तेजित है और एक दूसरे को मोटीवेट कर रहे हैं। फिटनेस का ख्याल रख रहे हैं साथ ही एक दूसरे की डाइट पर भी ख़ासा ध्यान दिया जा रहा है। इस समय हर कोई फोकस्ड है।”

भारतीय महिला टीम की फ़ुटबॉल ट्रेनिंग। तस्वीर साभार: AIFF
भारतीय महिला टीम की फ़ुटबॉल ट्रेनिंग। तस्वीर साभार: AIFFभारतीय महिला टीम की फ़ुटबॉल ट्रेनिंग। तस्वीर साभार: AIFF

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने आखिरी बार किसी भी चार साल बाद होने वाली प्रतियोगिता में सफलता साल 1979 में मिली थी। उस समय भारत अपनी सरज़मीं पर खेल रहा था और उस टीम ने फाइनल तक का सफ़र भी तय किया था। हालांकि भारतीय वूमेंस फुटबॉल टीम को फाइनल मुक़ाबले में चीनी ताइपे ने मात देकर खिताब पर अपना हक़ जमाया था।

आगे बढ़ना जारी

अदिति इस बात से खुश हैं कि 2019 वुमेंस वर्ल्ड कप को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और इस वजह से एलेन व्हाइट (Ellen White), लिइके मार्टेन्स (Lieke Martens), मेगन रेपीनोए (Megan Rapinoe) जैसी खिलाड़ियों ने दुनियाभर में खूब नाम कमाया था।

“मैं कुछ मूव्स और गोल से आचंभित रह गई थी। उसमें और मेंस वर्ल्ड कप में अंतर करना मुश्किल था। उसे देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हमें कितना बेहतर होना है। अब जब वर्ल्ड कप भारत में है तो इसका स्तर बॉयज़ की प्रतियोगिता जितना ही बड़ा होगा।”

भारतीय महिला फुटबॉल टीम के अंडर 17 कोच मायमोल रॉकी (Maymol Rocky) ने बहुत से फ्रेंडली इंटरनेशनल मुकाबलों को अनुभव लेने के लिए खेला है।

साल 2019 इस टीम के लिए बहुत अच्छा रहा और इस टीम ने बाहर जाकर कुल 23 मुकाबलों में स्पर्धा भी की। ग़ौरतलब है कि इनके प्रतिद्वंदी वियतनाम, उज़बेकिस्तान, स्पेन अंडर 19 और विल्लारियल अंडर 20 जैसी टीमें भी रही थी।

भारतीय वूमेंस फुटबॉल टीम की गोलकीपर ने आगे कहा, “अगर आप परिणामों को देखें तो आपको दिखेगा कि हम लगातार बेहतर हुए हैं। हमने लगातार बेहतर टीमों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया है। एक टीम और यूनिट के तौर पर हम बढ़ रहे हैं। हम एक दूसरे को समझ रहे हैं और साथ ही खेल की समझ भी बेहतर हो रही है।

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