शिव कपूर ने कहा एक खिलाड़ी को प्रेरित करने वालों की कमी नहीं होती है

अपने दिल्ली निवास पर रह रहे शिव कपूर भारतीय गोल्फर द बिग फिजियन और जर्मन गोल्फर मार्टिन काइमर से प्रेरणा ले रहे हैं।

देशभर में लॉकडाउन की वजह से भले ही भारतीय एथलीटों को ट्रेनिंग के लिए मैदान और उपकरण की कमी महसूस हो रही हो, लेकिन प्रेरणा की नहीं। इसी सिलसिले में भारतीय गोल्फर शिव कपूर (Shiv Kapur) ने प्रेरणा के लिए विजय सिंह (Vijay Singh) को ढूंढ लिया है।

निकनेम ‘द बिग फिजियन’, विजय सिंह ने 2004-2005 में 32 सप्ताह के लिए टाइगर वुड्स (Tiger Woods) को हटाकर आधिकारिक विश्व गोल्फ रैंकिंग में नंबर 1 स्थान हासिल किया था और पीजीए टूर पर 34 इवेंट अपने नाम किए थे।

हालांकि, ये उनकी एक शुरुआत थी, जिसने शिव कपूर को प्रेरित कर दिया है, जो लॉकडाउन के दौरान अपने दिल्ली निवास पर रह रहे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स के कॉलम में शिव कपूर ने लिखा है, "हम खिलाड़ियों के पास प्रेरणा की कोई कमी नहीं हैं और मेरे लिए विजय सिंह एक आदर्श हैं।"

“जब वो फिजी में बड़े हुए थे, तो विजय के पास बहुत अच्छी सुविधाएँ नहीं थी। वो अपने गोल्फ क्लबों के साथ समुद्र तट पर गए और गेंद को इधर-उधर मारने लगे।”

उन्होंने लिखा, “इसी तरह से अपने करियर की शुरुआत करने वाले द बिग फिजियन ने टाइगर वुड्स को 2004 में कुछ समय के लिए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी के स्थान से हटा दिया था। पीजीए टूर पर 34 बार जीत हासिल की और 2006 में वर्ल्ड गोल्फ हॉल ऑफ फ़ेम में शामिल किए गए।”

शिव कपूर 19 से 22 मार्च तक होने वाले इंडियन ओपन में प्रतिस्पर्धा करना चाह रहे थे, लेकिन भारत सरकार द्वारा प्रभावित देशों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के कारण इसे रद्द कर दिया गया।

एशियन टूर पर कई आयोजनों के साथ ही शिव कपूर ने अहमदाबाद और पुणे में घरेलू कार्यक्रमों का रुख किया, लेकिन उन्हें भी रद्द कर दिया गया।

2002 के एशियन गेम्स में शिव कपूर ने जीता था गोल्ड मेडल
2002 के एशियन गेम्स में शिव कपूर ने जीता था गोल्ड मेडल2002 के एशियन गेम्स में शिव कपूर ने जीता था गोल्ड मेडल

अब लॉकडाउन के दौरान घर में रहकर शिव कपूर दुबई में अपने ट्रेनर द्वारा निर्धारित कार्यक्रम का पालन कर रहे हैं, जिसमें होम वर्कआउट और एक डाइट प्लान शामिल है।

शिव कपूर ने अपने कॉलम में विस्तार से लिखा, “जिम बंद होने के साथ, ये सब संभव नहीं है, लेकिन मेरे लिए जो निर्धारित किया गया है, उसमें से अधिकांश को पूरा करने में मैं सक्षम हूं। खाने का अधिकार भी इन समयों में महत्वपूर्ण है।”

हर समय के लिए तैयार रहना चाहते हैं शिव कपूर

टोक्यो ओलंपिक के स्थगन ने शिव कपूर के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उनके क्वालिफिकेशन के रास्ते पहले ही सीमित हो गए हैं, अब वो किसी भी अवसर के तैयार रहना चाह रहे हैं।

और 2002 के एशियाड के स्वर्ण पदक विजेता ने एक अन्य गोल्फर, मार्टिन काइमर (Martin Kaymer) से प्रेरणा लेने की कोशिश कर रहे हैं।

"मैं चाहता हूं कि जब भी दौरे फिर से शुरू हों, मैं उसके लिए तैयार रहूं और मार्टिन काइमर से इस बात का उदाहरण मिलता है कि अभ्यास से क्या हासिल किया जा सकता है।"

“2009 में एक गो-कार्टिंग दुर्घटना के बाद, ये जर्मन एथलट छह महीने के लिए बाहर हो गए थे और केवल डॉक्टरों की देखरेख में ही कुछ करने की अनुमति दी गई थी।”

शिव कपूर ने कहा, "उन्होंने ज्यादातर मैदान से बाहर के समय को महत्व दिया और लौटने के तुरंत बाद दुनिया के नंबर एक गोल्फर बन गए।"

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