शाकाहारी होने के बाद उदयन माने ने जीते लगातार कई खिताब

भारतीय गोल्फर उदयन माने अपने कोच से प्रभावित होकर शाकाहारी बन गए और उन्होंने दावा किया कि इससे उन्हें मुश्किल दौर से बाहर निकलने में काफी मदद मिली।

भारतीय गोल्फर उदयन माने (Udayan Mane) इस समय अपने शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (Professional Golf Tour of India) में लगातार तीन खिताब जीते। हालांकि फाइनल में उन्हें 19 वर्षीय गोल्फर आदिल बेदी (Aadil Bedi) से हार का सामना करना पड़ा था। दरअसल, पिछले हफ्ते टॉलीगंज क्लब में उदयन माने और आदिल बेदी के बीच मुकाबला हुआ, जहां बंगाल ओपन में पीजीटीआई दौरे पर सबसे लंबा प्लेऑफ खेला गया। आदिल बेदी ने शानदार खेल का प्रदर्शन दिखाते हुए उदयन माने को मात दी।

उदयन माने अपने पिछले कुछ टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया मुकाम हासिल किया। जहां उन्होंंने लगातार 15 राउंड और 70 प्वाइंट अपने नाम किए। इसके साथ ही उन्होंने पीजीटीआई आर्डर ऑफ मेरिट का भी नेतृत्व किया। 

उदयन माने ने टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से बात करते हुए कहा, "जनवरी से मैं शाकाहारी हो गया हूं। हालांकि, कभी-कभी मैं मछली खा लेता हूं क्योंकि मेरे शरीर में ओमेगा और प्रोटीन का स्तर बहुत कम है।"

शाकाहारी होने के लिए मुझे अपने ट्रेनिंग कोच विजय दिवेचा से प्रेरणा मिली थी, जिन्होंने मधुमेह से पीड़ित होने के बाद शाकाहारी भोजन की तरफ रुख किया था। उदयन माने ने आगे कहा, "उन्होंने मुझे शाकाहारी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। इस तरह से उन्हें तुरंत प्रभाव दिखने लगा। मैंने अपना वजन कम किया और पहले से बेहतर और गहरी नींद भी लेने लगा हूं, जहां मुझे जल्दी से आराम दिखाई देने लगा।"

खेल के प्रति एक अलग नज़रिया 

खान-पान में बदलाव उनके परिवर्तन का केवल एक हिस्सा था। इससे उन्हें खेल में और बेहतर तरीके से जानने का मौका मिला। उदयन माने ने कहा, "मैंने शारीरिक फिटनेस को काफी महत्व दिया है, इससे मैदान पर खेल में काफी कुछ सीखने को मिला है और पहले से बेहतर समझ पाया हूं। जिससे मैं अपनी समस्याओं का तुरंत निदान कर पाता हूं।"

भारतीय गोल्फर उदयन माने टोक्यो 2020 ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग में 57वें स्थान पर हैं।
भारतीय गोल्फर उदयन माने टोक्यो 2020 ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग में 57वें स्थान पर हैं।भारतीय गोल्फर उदयन माने टोक्यो 2020 ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग में 57वें स्थान पर हैं।

उदयन माने ने 2015 के समय अपने मानसिक संतुलन के बारे में भी जिक्र किया और बताया कि उस समय उन्हें अपने आपको बेहतर करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, "उस समय मैं अपने माता-पिता के साथ घर वापस पुणे चला गया था।"

उदयन माने ने आगे बात करते हुए कहा, "बेंगलुरु के बाद, मैं एक साल से अधिक समय तक अहमदाबाद में था, जहां मैं अपने आपको खाली महसूस करता था, क्योंकि वहां गोल्फ मेरे लिए केवल काम की तरह था न कि मज़ेदार खेल की तरह। इस तरह की मानसिक लड़ाई इंसान की जीवनशैली में काफी कुछ बदल सकती है।" 

बताते चलें कि यह भारतीय गोल्फर वर्तमान में दुनिया में 223 वें स्थान पर काबिज है, इसके साथ ही वह भारतीय सूची में राशिद खान के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हैं। वहीं, ऐसा माना जा रहा है कि वह 2020 ओलंपिक में खेल सकते हैं। 

उदयन माने ने कहा कि अगर वह अपनी जगह टोक्यो 2020 में बनाने में सफल होते हैं उनके गृह राज्य में इस खेल को बेहतर ढंग से बढ़ावा मिल सकता है। आगे उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से इससे बहुत कुछ बदलाव होगा। इसको लेकर हर कोई खुश होगा और खासतौर पर यह महाराष्ट्र में खेल को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।"

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