डेट्रॉइट में निराशा के बाद बेहतर फ़ॉर्म के साथ वापसी करना चाहते हैं अर्जुन अटवाल 

47 वर्षीय गोल्फ़र ने डेट्रोइट में निराशाजनक प्रदर्शन के साथ PGA टूर इवेंट में वापसी की थी। अटवाल मिनेसोटा और कैलिफ़ोर्निया में आने वाले इवेंट्स में ऐसी ग़लतियों को दोहराना नहीं चाहते हैं।

अनुभवी भारतीय गोल्फर अर्जुन अटवाल (Arjun Atwal) ने पिछले हफ्ते यूएस PGA टूर के रॉकेट मोर्टगेज क्लासिक (Rocket Mortgage Classic) में मिली-जुली वापसी की थी।

2010 में PGA टूर पर विंधन चैंपियनशिप (Wyndham Championship) जीतने वाले एकमात्र भारतीय गोल्फर अर्जुन अटवाल ने इस महीने की शुरुआत में डेट्रोइट में रॉकेट मोर्टगेज क्लासिक में शीर्ष 20 में जगह नहीं बना सके थे।

एक टॉपी-टर्वी फाइनल राउंड का मतलब था कि अर्जुन अटवाल को डेट्रॉइट गोल्फ क्लब में 45वें स्थान से संतोष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी पुटिंग सही नहीं हो पा रही थी।

अर्जुन अटवाल ने एक इंटरव्यू में हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि, '' मैं डेट्रोइट से वापस आने के बाद से लगातार पुटिंग का अभ्यास कर रहा हूं।

भारतीय गोल्फर ने कहा कि, "वो एक बड़ा वेक-अप कॉल था क्योंकि मैंने जो कुछ भी किया वो टूर्नामेंट जीतने के लिए काफी अच्छा था, लेकिन पुटिंग औसत से नीचे थी।"

अर्जुन अटवाल ने 10-अंडर 278 के स्कोर से साथ फिनिश किया, उनको लगा था कि वो तीसरे दिन अपने दो शॉट्स से चुक गए, अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक होता, तो फाइनल में 20-अंडर का स्कोर होता।

भारतीय गोल्फर ने कहा कि, "अगर मेरे पास चार शॉट कम होते, तो मैं संभवतः शीर्ष 10 में होता।” इसका मतलब ये भी था कि अगर ऐसा होता तो वास्तविक पुरस्कार राशि से वो छह गुना अधिक पुरस्कार राशि जीत लेते।

अर्जुन अटवाल के लिए आगे का सफ़र

47 वर्षीय भारतीय गोल्फर का लक्ष्य अगले सप्ताह मिनेसोटा में 3M ओपन और महीने के अंत में कैलिफ़ोर्निया में बाराकुडा चैंपियनशिप खेलना है।

विंधन चैंपियनशिप में खेलने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं अर्जुन अटवाल 
विंधन चैंपियनशिप में खेलने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं अर्जुन अटवाल विंधन चैंपियनशिप में खेलने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं अर्जुन अटवाल 

हालाँकि, अर्जुन अटवाल सबसे अधिक विंधन चैंपियनशिप में खेलने के लिए उत्सुक हैं, जहां उन्होंने एक दशक पहले 22 अगस्त को अपना एकमात्र पीजीए टूर खिताब जीता था।

इसके अलावा भारतीय गोल्फर को उत्तरी कैरोलिना के सेजफील्ड कंट्री क्लब में कोर्स खेलना पसंद है।

अर्जुन अटवाल ने कहा कि, “यह मेरे घर के कोर्स की याद दिलाता है - रॉयल कलकत्ता गोल्फ क्लब। यह ट्री-लाइन्ड है और इसमें बहुत सारे डॉगल हैं। अब उस तरह के कोर्स नहीं बनाए जाते हैं।”

25 वर्षों से पेशेवर भारतीय गोल्फर अब अपने शरीर को कुछ दिन आराम देने के बाद टूर्नामेंट में खेलने पर फोकस करेंगे और उन्होंने 50 वर्ष की आयु होने पर सीनियर्स टूर के मैदान में उतरने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि, "मैं यूरोपीय, पीजीए और कोर्न फेरी (पीजीए फीडर) टूअर्स पर जीत हासिल करने वाला पहला भारतीय बनना चाहता हूं।"

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!