इटालियन ओपन गोल्फ में गगनजीत भुल्लर रहे 55वें स्थान पर

चैंपियनशिप में इकलौते भारतीय रहें गगनजीत भुल्लर ने फाइनल राउंड में 4 बोगी और 4 बर्डी हासिल की जिस वजह से उन्होंने इस चैंपियनशिप को इवन-पार पर रहकर ख़त्म किया।

लेखक Rahul Venkat ·

यूरोपियन टूर के इटालियन ओपन में रविवार को भारतीय गोल्फर गगनजीत भुल्लर (Gaganjeet Bhullar) ने 55वें स्थान पर रह कर अपने कारवां को समाप्त किया। ग़ौरतलब है कि फाइनल राउंड में भुल्लर ने 72 अंक का शानदार स्कोर हासिल कर इस कारनामे को अंजाम दिया।

वहीं भुल्लर ने कोरोना वायरस (COVID-19) के बाद पहली बार किसी भी प्रतियोगिता में अपना कट हासिल किया है। इससे पहले भुल्लर ने 5 राउंड में कभी भी 60 से ज़्यादा स्कोर हासिल नहीं किया था लेकिन टूर के दोबारा शुरू होने पर इसी गोल्फर ने इटली में शानदार खेल दिखाते हुए 68 और 69 जैसा बढ़िया स्कोर हासिल कर अपना कट भी अपने हक में किया।

भुल्लर के लिए वीकेंड आसन नहीं रहा है और वह अपनी ही उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। शनिवार को अच्छा खेलते हुए भारतीय गोल्फर ने फ्रंट 9 पर 2 बर्डी हासिल की लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके और बैक 9 के दौरान उन्होंने दो बोगी का भी सामना किया। यही कारण रहा कि उनका स्कोर इवन-पार रहा।

फाइनल राउंड में और ज़्यादा ड्रामा देखा गया। भुल्लर ने दूसरे होल के लिए एक और बोगी का सामना किया और इसके तुरंत बाद एक बर्डी भी हासिल की जिसकी वजह से एक बार फिर से खेल पलटता हुआ दिखाई दिया।

चौथे और पांचवें होल में इस खिलाड़ी ने बोगी का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने एक बार फिर कड़ा खेल दिखाकर दो लगातार बर्डी हासिल की। ग़ौरतलब है कि यह बर्डी उन्हें पार-5 (6) और पार-4 (7) में मिली। इसके बाद भुल्लर ने 8वें फिट से बोगी मारी और फ्रंट 9 को 1-ओवर से ख़त्म किया।

इटालियन ओपन में भारतीय गोल्फर गगनजीत सिंह भुल्लर ने फाइनल दो राउंड को इवन-पार से ख़त्म किया।

32 वर्षीय भुल्लर ने खेल के दूसरे भाग में वापसी करने की कोशिश की। उन्होंने शांत स्वभाव से खेल चलाया और लगभग हर होल को (पार) के स्कोर से ख़त्म किया। इसके बाद खेल में बढ़ोतरी करते हुए भुल्लर ने पार-4 (15) में एक बर्डी हासिल कर इसे इवन-पार से ख़त्म किया।

मैकगोवन के नाम रहा खिताब

यूरोपियन टूर को रॉस मैकगोवन (Ross McGowan) ने अपने नाम किया। आखिरी तीन होल में 2 बर्डी हासिल कर इस गोल्फर ने 11 साल बाद खिताब एक बार अपने नाम किया। ग़ौरतलब है कि इन्होंने साल 2009 पहली बार खिताब जीता था।

उन्ही के मुल्क के लॉरी कांटर (Laurie Canter) उनके कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे और रविवार के खेल शुरू होने तक यह नहीं कहा जा सकता था कि इन दोनों में से कौन विजयी होगा।

ड्रामा अभी ख़त्म नहीं हुआ था और फाइनल राउंड के 16वें होल में लॉरी कांटर ने पार शॉट मार कर मैकगोवन को कड़ी चुनौती दी। इसके बाद रॉस मैकगोवन ने उम्दा प्रदर्शन दिखाया बर्डी हासिल कर खिताब अपने नाम किया और एक बार फिर अपने नाम के आगे चैंपियन लिख दिया।