जानिए कैसे करनदीप कोचर के अंकल अभिनव बिंद्रा ने उन्हें पहला प्रो गोल्फ़ ख़िताब जीतने में की मदद

कोचर ने खुद को शांत रखने के लिए ओलंपिक शूटिंग गोल्ड मेडल विजेता के दिमाग का सहारा लिया और इसने उन्हें अपना पहला पीजीटीआई ख़िताब जीतने में मदद की।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय गोल्फ़र करनदीप कोचर (Karandeep Kochhar) ने पिछले सप्ताह प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) पर अपना पहला प्रो ख़िताब जीता, लेकिन यह मात्र एक संयोग नहीं है।

उनके प्रतिद्वंदी सुनीत चौरसिया (Sunit Chawrasia) जो कि एसएसपी चौरसिया (SSP Chawrasia) के भतीजे हैं, उन्होंने ने भी अंतिम राउंड में एक नए कोर्स रिकॉर्ड के साथ कड़ी टक्कर दी। कोचर ने अंतिम तीन होल में से दो में बर्डी किया और चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के अपने घरेलू मैदान में खिताब का दावा किया।

कोचर के साथ बातचीत में पता चला कि उनके शांत खेल के पीछे का रहस्य अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) हैं। क्योंकि जैसा कि हमें पता चला है, उसके मुताबिक भारत के लिए एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले अभिनव बिंद्रा उनके मामा हैं।

करनदीप कोचर ने ईएसपीएन के साथ बातचीत में खुलासा किया, “वह (बिंद्रा) मेरी माँ के चचेरे भाई हैं। मैं उनसे कभी नहीं मिल पाता, क्योंकि अक्सर उनका एक व्यस्त कार्यक्रम होता है। लेकिन अगर कोई चीज मुझे परेशान करती है, तो मैं हमेशा उन्हें टेक्स्ट करता हूं या उन्हें फोन करता हूं।”

कोचर ने आगे कहा, “जब मैंने पहली बार तीन साल पहले पीजीटीआई टूर का खिताब जीता था, तब मैंने उनसे बात की थी। राइफल शूटिंग और गोल्फ दो बहुत अलग खेल हैं, लेकिन एक चीज जो उन्हें मालूम है वह यह है कि आपको कितना शांत होना चाहिए। इसलिए, उन्होंने मुझे सलाह दी कि कैसे शांत रहना है।”

इस सलाह ने भारतीय गोल्फ की सबसे प्रतिभाशाली प्रतिभाओं में से एक के लिए तीन साल के ख़िताब के सूखे को समाप्त कर दिया और इसके साथ ही परिवार में अभिनव बिंद्रा की ओलंपिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए एक होनहार भी तैयार हो गया है।

उन्होंने कहा, “मुझे याद है जब गोल्ड मेडल को उनके घर पर सलीके से सजाया गया था। व्यक्तिगत तौर पर यह देखने का सौभाग्य मिलना काफी बड़ी बात थी।”

कोचर वर्तमान में वरिष्ठ गोल्फ खिलाड़ी राशिद खान (Rashid Khan), उदयन माने (Udayan Mane), करीबी दोस्त शुभंकर शर्मा (Shubhankar Sharma) और शिव कपूर (Shiv Kapur) के पीछे ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग (OGR) में पांचवें सर्वश्रेष्ठ भारतीय गोल्फ़र हैं।

क्वालिफिकेशन नियमों के मुताबिक किसी देश से केवल दो सर्वश्रेष्ठ रैंक वाले गोल्फ़र ही ओलंपिक खेलों में शामिल हो सकते हैं, इसलिए कोचर का अगला बड़ा लक्ष्य खुद को ओलंपिक के लिए तैयार करना है।

उन्होंने कहा, “अगर मैंने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा तो मैं अगले साल ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की दौड़ में शामिल हो सकता हूं। मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन यह एक ऐसी चीज है जिस पर मैं नजरें बनाए हुए हूं। मैं पहले भी इसे अपने हाथों से देख चुका हूं कि ओलंपिक पदक कितने ख़ास होते हैं, इसलिए अब मैं इसे खुद हासिल करना चाहूंगा।”