शुभांकर शर्मा की नज़र जोबर्ग ओपन के ख़िताब की रक्षा करने पर

2017 में भारतीय गोल्फ़र शुभांकर शर्मा ने पहली बार जोबर्ग ओपन ख़िताब अपने नाम किया था, इस ख़िताब की रक्षा करते हुए वह अपना तीसरा यूरोपियन टूर टाइटल जीतना चाहते हैं।

लेखक सैयद हुसैन ·

दक्षिण अफ़्रीका के जोहांसबर्ग में स्थित रैंडपार्क गोल्फ़ क्लब भारतीय गोल्फ़र शुभांकर शर्मा (Shubhankar Sharma) के लिए यादगार है।

दिसंबर 2017 में शुभांकर ने अपना पहला यूरोपियन टूर ख़िताब यहीं जीता था, तब वह स्थानीय गोल्फ़र एरिक वैन रूयेन (Erik Van Rooyen) 18वें होल में हराते हुए चैंपियन बने थे। इस ख़िताब ने उन्हें टूर का फ़ुल टाइम कार्ड बना दिया था और 2018 ओपन चैंपियनशिप में भी जगह बना दी थी।

शुभांकर शर्मा ने उन पलों को याद करते हुए कहा, “ऐसा लगता है जैसे ये कल की बात हो, मुझे अभी भी एक-एक पल अच्छे से याद है। यही वह जगह है जहां से मैंने शुरू किया था और यहां वापस आकर बेहद ख़ुशी हो रही है।“

उस शानदार जीत के तीन साल बाद एक बार फिर शुभांकर जोहांसबर्ग में हैं और अब उनकी नज़र अपने तीसरे यूरोपियन टूर ख़िताब पर है।

मार्च के बाद दक्षिण अफ़्रीका में होने वाला ये पहला गोल्फ़ टूर्नामेंट है।

शर्मा बताते हैं कि उस जीत का राज़ था उनका धैर्य और शांत रहना। फ़ाइनल तीन राउंड में शर्मा की ओर से एक भी बोगी नहीं आई थी। उन्हें सोमवार तक का इंतज़ार करना पड़ा था, क्योंकि रविवार को खेल रद्द हो गया था।

हरे-भरे और पेड़ों से घिरे कोर्स पर खेलना शुभांकर को पसंद है और वह ख़ुद कहते हैं कि ट्री-लाइन्ड कोर्स उनको भाता है।

“मैं ट्री-लाइन्ड कोर्स पर ही खेलते हुए बड़ा हुआ हूं, लिहाज़ा ये वातावरण मुझे बेहद पसंद है और मेरे अनुकूल है। यहां गेंद काफ़ी ऊंची जाती है, इसलिए मुझे अपने यार्ड्स के लिए उसी हिसाब से कैलकुलेशन करनी होती है। मुझे अब बेंटग्रास में गेंद डालने का अच्छा अभ्यास भी हो गया है जो कुछ साल पहले नहीं था।“

इत्तेफ़ाक से ये 2017 के बाद पहला जोबर्ग ओपन हो रहा है, यानी शुभांकर शर्मा इस प्रतियोगिता के मौजूदा चैंपियन भी हैं। क्योंकि 2018 और 2019 में जोहांसबर्ग में दक्षिण अफ़्रीकन ओपन चैंपियनशिप हुई थी। ये दोनों यूरोपियन टूर पर अलग-अलग प्रतियोगिताएं मानी जाती हैं।

अगर शुभांकर शर्मा इस ख़िताब को जीत जाते हैं तो वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय और 2011 के बाद दुनिया के पहले गोल्फ़र हो जाएंगे। इससे पहले चार्ल श्वार्टज़ेल (Charl Schwartzel) ने 9 साल पहले इस ख़िताब को लगातार दो बार (2010 और 2011) जीता था।

शुभांकर शर्मा ने 2017 की यादों को दोहराते हुए कहा कि वह इतिहास रचने के लिए तैयार हैं।

“मुझे जोहांसबर्ग बेहद पसंद है, ये बिल्कुल खुला और हरा-भरा है। गुरुवार से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए मैं एक बार फिर तैयार हूं और मुझे भरोसा है कि पुरानी यादों को मैं फिर दोहराते हुए ख़िताब जीत सकता हूं।“