एक के बाद एक झटकों के बावजूद टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई करने पर है भारतीय एथलिटों की नज़र

इंडियन ग्रां प्री का रद्द होना और फ़ेड कप का स्थगित होना भारतीय एथलिटों के लिए किसी झटके से कम नहीं

लेखक सैयद हुसैन ·

गुरुवार को एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (AFI) ने आख़िरकार इस बात की पुष्टि कर दी कि इंडियन ग्रां प्री को रद्द किया जा रहा है। कोरोना वायरस (COVID-19) नामक महामारी के प्रकोप से बचने के लिए भारत सरकार के दिशा निर्देश के बाद ये क़दम उठाया गया है जिसमें किसी भी तरह के कार्यक्रम या इवेंट पर 15 अप्रैल तक की रोक लगी है।

भारतीय ग्रां प्री NIS पटियाला में प्रस्तावित थी जिसे अब रद्द किया जा रहा है, साथ ही साथ AFI ने ये भी घोषणा की है कि अगले महीने होने वाले फ़ेडरेशन कप नेशनल सीनियर चैंपियनशिप को भी फ़िलहाल टाल दिया गया है और नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।

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भारतीय एथलेटिक्स के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर वोल्कर हरमन (Volker Herrmann) ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) से बातचीत में कहा कि ‘’पटियाला में शुक्रवार से आयोजित होने वाली इंडियन ग्रां प्री अब नहीं होगी। यह उन एथलीटों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है जो ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत के लोगों का स्वास्थ्य खेल से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।‘’

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘’ इसलिए, अफ़सोस के साथ, हमने शुक्रवार से शुरू होने वाले इंडियन ग्रां प्री-1 को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही साथ दूसरा ग्रां प्री जो 25 मार्च को पटियाला में आयोजित किया जाना था, उसे भी रद्द कर दिया गया है। सभी खेल स्पर्धाओं को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है और देश के बड़े हित और अपने लोगों के स्वास्थ्य और भलाई के लिए AFI सरकार के फैसले का सम्मान करता है।‘’

जिसके बाद न सिर्फ़ इंडियन ग्रां प्री बल्कि 10 से 13 अप्रैल तक प्रस्तावित फ़ेडरेशन कप को भी फ़िलहाल स्थगित कर दिया गया है।

फ़ेडरेशन कप को स्थगित करने के बारे में वोल्कर ने कहा, ‘’AFI के पास सरकार के फ़ैसले का सम्मान करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, लिहाज़ा अब हम कोशिश करेंगे कि फ़ेड कप को मई या जून में आयोजित करें। और वह भी कोरोना वायरस के प्रकोप और स्थिति को देखते हुए फ़ैसला लिया जाएगा। हम ये नहीं कह सकते हैं कि अगली तारीख़ या फिर कब इसका आयोजन होगा, लेकिन ओलंपिक नज़दीक है इसलिए हम सारे विकल्पों पर ध्यान रखे हुए हैं।‘’

भारतीय एथलिटों पर संकट के बादल

भारतीय एथलिटों को इन प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतज़ार था, क्योंकि इसीपर उनका टोक्यो 2020 का सपना निर्भर है। एथलीट बिल्कुल नहीं चाहते थे कि ये प्रतियोगिताएं रद्द या स्थगित हों।

इन्हीं में से एक भारतीय एथलीट हैं मुरली श्रीशंकर (Murali Sreeshankar) जिनकी नज़र 8.22 के प्रवेश मापदंड के साथ टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई करने पर है।

स्पोर्ट्स्टार के साथ बात करते हुए मुरली ने कहा, ‘’मैं पूरी कोशिश में हूं कि पहली ही प्रतियोगिता में अपना सबकुछ दांव पर लगाते हुए मैं टोक्यो 2020 में स्थान पक्का करूं। पिछले सीज़न में मुझसे जो भी ग़लतियां हुईं थीं, मैंने उनसे सबक़ ले लिया है और अब मैं बिल्कुल तैयार हूं। बस एक मौक़े की तलाश है, जिसे मैं एक छलांग में हासिल कर सकूं।‘’

मुरली श्रीशंकर की ही तरह कार्तिक उन्नीकृष्णण (Karthik Unnikrishnan) भी इंडियन ग्रां प्री के इंतज़ार में थे, एशियन गेम्स के ट्रिपल जंप चैंपियन अरपिन्दर सिंह (Arpinder Singh) को मात देने के बाद उनकी नज़र भी टोक्यो के टिकट पर है।

कार्तिक ने कहा, ‘’मेरी नज़र 17.20 मीटर पर है, यही मेरा लक्ष्य है। मैं लगातार 17 मीटर के लिए जी जान से ट्रेनिंग भी कर रहा हूं। और इसके लिए मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करना चाहता हूं। मुझे पता है कि ओलंपिक में एंट्री लेने के लिए 17014 मीटर की जंप चाहिए, जो मैं अपनी पहली प्रतियोगिता में ही हासिल करने की कोशिश करूंगा।‘’

उन्होंने आगे कहा, ‘’मेरी तेज़ी भी अब पहले से ज़्यादा बेहतर है, और मैं अब ज़्यादा आक्रामक भी हो गया हूं। और मेरी जो हमेशा से परेशानी रही है कि मैं सही बैलेंस नहीं कर पाता था, अब उसे भी ठीक कर लिया है।‘’

तो वहीं अरपिन्दर सिंह ने भी ये साफ़ कर दिया है कि वह जून में होने वाले अंतर्राज्यीय नेशनल के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

अरपिन्दर ने कहा, ‘’मेरा सारा ध्यान फ़िलहाल जून में होने वाले इंटर-स्टेट नेशनल पर है, क्योंकि मैंने अपनी तकनीक में कुछ अहम बदलाव किए हैं, मुझे थोड़ा और समय चाहिए।‘’

भारतीय खेल मंत्रालय ने इससे पहले सभी राष्ट्रीय शिविरों के लिए एक एडवाइज़री जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि उन एथलिटों को छोड़कर जो टोक्यो ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे हैं, बाक़ी सभी को कोरोना वायरस महामारी की वजह से अगले आदेश तक स्थगित कर दिया जाए।