स्वर्गीय बलबीर सिंह सीनियर का नाम भारत रत्न के लिए किया गया प्रस्तावित

तीन बार के ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता का सोमवार की शाम चंडीगढ़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

भारतीय हॉकी के दिग्गज और प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किए गए बलबीर सिंह सीनियर (Balbir-Singh Sr.) का नाम भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न के लिए प्रस्तावित किया गया है।

96 वर्षीय पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता का सोमवार की सुबह निधन हो गया था। जिसके बाद चंडीगढ़ में शाम को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी राज्य के कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ उनके अंतिम संस्कार में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भारत रत्न के लिए बलबीर सिंह सीनियर के नाम की सिफारिश राज्य के मुख्यमंत्री ने की है।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। मुझे उम्मीद है कि यह जल्द से जल्द किया जाएगा। वह वास्तव में इसके हक़दार हैं और उन्हें भारत रत्न पुरस्कार से ज़रूर सम्मानित किया जाएगा।”

इसके अलावा चंडीगढ़ के मोहाली स्टेडियम का नाम भी बलबीर सिंह सीनियर के नाम पर रखा जाएगा।

“वह हॉकी की दुनिया में एक बड़ा नाम रहे हैं।” सोढ़ी ने खुलासा किया कि मुख्यमंत्री (कप्तान अमरिंदर सिंह) इस संबंध में जल्द ही घोषणा करेंगे।

एक मार्गदर्शक हमसे दूर हो गया

96 वर्षीय सिंह बीते दो सप्ताह से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे और उन्हें तेज बुखार के साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। जिसके बाद बाद 8 मई को उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में हुई जांचों में पता चला कि उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है। वह सेमी-कोमाटोज की स्थिति में थे और सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने अंतिम संस्कार के दौरान इस दिवंगत एथलीट को पुष्प अर्पित किए, जबकि पुलिस दल ने उनके सम्मान में तीन-वॉली शॉट लगाए।

सोढ़ी ने कहा, “आज हमने न केवल अपने सबसे बड़े प्रतिष्ठित खिलाड़ी को खो दिया है, बल्कि अपने मार्गदर्शक को भी खो दिया है। वह इस खेल के सबसे बड़े प्रशंसक थे और जब भी हमें उनकी सलाह की जरूरत हुई, वह हमेशा मौजूद रहे।”

खेल मंत्री ने कहा, "हॉकी ने अपना चमकता सितारा खो दिया है और खेल क्षेत्र से जुड़े हर व्यक्ति को इस चौंकाने वाली खबर से दुख हुआ है।"

सोमवार को बलबीर सिंह सीनियर के निधन के बाद खेल सितारों से लेकर मंत्रियों और पूरे देश ने शोक व्यक्त किया

1948 के लंदन ओलंपिक में बलबीर सिंह सीनियर। फोटो: भारतीय खेल प्राधिकरण / ट्विटर
1948 के लंदन ओलंपिक में बलबीर सिंह सीनियर। फोटो: भारतीय खेल प्राधिकरण / ट्विटर1948 के लंदन ओलंपिक में बलबीर सिंह सीनियर। फोटो: भारतीय खेल प्राधिकरण / ट्विटर

नई पीढ़ी के लिए मिसाल है उनका जीवन

ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले सबसे सफल भारतीय एथलीटों में से एक बलबीर सिंह सीनियर ने 1948, 1952 और 1956 के ग्रीष्मकालीन खेलों में इंडियन नेशनल हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया था।

उनके ही नेतृत्व में भारतीय टीम ने 38 गोल किए थे और 1956 में मेलबर्न में अपने ओलंपिक अभियान में शानदार जीत हासिल की थी।

एक खिलाड़ी के तौर पर खेल से संन्यास लेने के बाद बलबीर सिंह सीनियर ने क्रमशः 1971 और 1975 में भारतीय टीम को वर्ल्ड कप में रजत पदक और स्वर्ण पदक दिलाया। इसके साथ ही टीम ने 1982 के एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल करने के साथ ही कई अन्य पदक भी जीते।

वह दुनिया भर के 16 दिग्गज खिलाड़ियों में से एकमात्र भारतीय एथलीट थे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा आइकॉनिक ओलंपियन के लिए चुना गया था।

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