भारत के हाथों एफ़आईएच प्रो लीग इतिहास में पहली बार बेल्जियम को मिली हार

भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने अपने खेल का शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन मैच में गोलकीपर ने विपक्षी टीम के कई गोल रोककर सभी का दिल जीत लिया। इसी की बदौलत बेल्जियम की हार सुनिश्चित हुई।

भारतीय हॉकी पुरुष टीम एफआईएच प्रो लीग में तीसरे स्थान पर रही। भारत ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में शनिवार को विश्व चैंपियन और शीर्ष रैंकिंग वाले बेल्जियम को 2-1 से हराकर उन्हें इस सीज़न की पहली हार दी।

भारत ने मैच शुरू होने के डेढ़ मिनट के भीतर ही बढ़त बना ली। मनदीप सिंह एक बार फिर देश के लिए पहला गोल करने में सफल रहे। वह खुद ही गेंद को लेने के लिए आगे बढ़े और बाईं ओर दौड़ लगाते हुए गेंद को अपने कब्ज़े में कर लिया। फिर गेंद को राज कुमार पाल को पास किया और फिर उन्होंने दिलप्रीत सिंह के पाले में गेंद दी। सिंह ने जगह खाली देखते हुए गोल पोस्ट से कुछ ही दूरी पर खड़े मनदीप सिंह को गेंद पास की और उन्होंने उस मौके को गोल में बदल दिया।

यह गोल बेल्जियम के कप्तान द्वारा गोल करने से चूक जाने के कुछ ही सेकंड बाद हुआ। थॉमस ब्रेल्स ने जरमनप्रीत सिंह के पीछे रहते हुए गोल करने की कोशिश तो पूरी की, लेकिन गेंद गोल पोस्ट से दूर चली गई।

उसके बाद दोनों टीमों ने अपने रेफरल्स खो दिए। एक ओर जहां बेल्जियम ने पेनाल्टी स्ट्रोक की अपील कर उसे गवांया तो वहीं दूसरी ओर भारत हॉकी टीम ने एक रिवर्स स्टिक के लिए अपील करने पर यह मौका खो दिया। इस नुकसान का खामियाज़ा भारत को पहले क्वार्टर के बाद के चरण में भुगतना पड़ा। दरअसल, राज कुमार पाल ने अपने शॉट के दौरान पैर लगाकर रोकने की अपील को नज़रअंदाज़ करने बाद रेफरल की मांग की, लेकिन वह इस मौके को पहले ही गंवा चुके थे। ऐसे में उन्हें रेफरी के निर्णय के साथ ही खेल में आगे बढ़ना पड़ा।

भारतीय गोलकीपर कृष्ण पाठक मैच के दौरान पूरी तरह चौैकस नज़र आए। उन्होंने तीन शानदार गोल रोके, जिसमें से दो पेनल्टी कॉर्नर से आए और एक बेल्जियम के शानदार अटैक के बीच गेंद को रोककर उनके मौके को विफल किया। बेल्जियम के आक्रामक खेल के बावजूद वह पहले क्वार्टर में भारत से अंक तालिका में पीछे हो गया।

बेल्जियम ने गवांया मौका

भारतीय हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग 2020 के दूसरे क्वार्टर में भी अगला गोल करने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन इस मौके को पहले क्वार्टर की तरह भुनाने में असफल रही।

रमनदीप सिंह दाहिनी ओर से एक शानदार मूव के साथ लगभग गोल के करीब पहुंच गए, लेकिन बेल्जियम के गोलकीपर आर्थर डी स्लोवर और विन्सेन्ट वानाश ने गोल रोकने का संयुक्त रूप से प्रयास कर रमनदीप के प्रयास को विफल कर दिया। इसके बाद ललित उपाध्याय और गुरजंत सिंह ने रमनदीप सिंह के लिए बाईं ओर से एक शानदार मौका तैयार किया, लेकिन रमनदीप के शॉट मारने से पहले ही गेंद उनके कब्जे से निकल गई।

भारत के मनदीप सिंह ने शनिवार को पहला गोल दागने के बाद मनाया जश्न। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया मीडिया
भारत के मनदीप सिंह ने शनिवार को पहला गोल दागने के बाद मनाया जश्न। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया मीडियाभारत के मनदीप सिंह ने शनिवार को पहला गोल दागने के बाद मनाया जश्न। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया मीडिया

बेल्जियम ने सात पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और गोल करने के लिए 11 शॉट मारे, लेकिन पीआर श्रीजेश के शानदार डिफेंस ने विरोधी टीम के कई गोल नाकाम कर दिए। इंडियन हॉकी टीम के संयुक्त डिफेंस ने बेल्जियम को पहले हाफ में महज एक गोल पर ही रोक दिया।

दूसरे हाफ में बेल्जियम ने की वापसी

दूसरे हाफ के शुरुआत में ही बेल्जियम का आक्रामक खेल उनके लिए हितकर साबित हुआ। इस बार बेल्जियम ने पेनल्टी कॉर्नर से कुछ अलग करने की कोशिश की। उन्होंने अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स को गोल करने के लिए मौका तैयार किया और यह उनके लिए सफल साबित हुआ।

गौथियर बोकार्ड ने इस सत्र में FIH प्रो लीग में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराते हुए, कृष्ण पाठक को कोई मौका नहीं दिया और अंत में बेल्जियम के खाते में एक गोल और जोड़ने के लिए नेट के ऊपर पर एक शानदार शॉट मारा।

रेड लायंस ने गेंद को ज्यादा से ज्यादा अपने कब्जे और हमले की अपनी रणनीति को जारी रखा, लेकिन भारत के पाले में गोल दागने की उनकी हर कोशिश नाकामयाब रही। तीसरे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम ने भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया।

भारत ने हासिल की बढ़त

भारतीय हॉकी टीम ने चौथे क्वार्टर के अपने पहले पेनल्टी कॉर्नर के साथ शानदार मौका बनाया और रमनदीप सिंह ने आखिरकार इसे गोल में तब्दील कर दिया। उप-कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पहले इस मौके को भुनाने के लिए शॉट मारा, लेकिन बेल्जियम के डिफेंडरों ने इसे वापस कर दिया। इस दौरान रमनदीप सिंह पूरी तरह सतर्क थे और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।

इस गोल के बाद बेल्जियम ने अपनी पूरी ताकत से वापसी करने की कोशिश की और गेंद के साथ तेज़ी से आगे बढ़ने की कई बार प्रयास किए। लेकिन भारतीय डिफेंडरों से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बेल्जियम रेड लायंस के पास एक बार पेनल्टी कॉर्नर से बराबरी करने का एक अच्छा मौका हाथ लगा। लेकिन पीआर श्रीजेश ने टीम इंडिया के लिए इस प्रयास को रोककर देश को शानदार जीत दिलाई।

एफआईएच प्रो लीग में भारत के लिए आगे क्या है?

भारतीय हॉकी टीम 2020 एफआईएच प्रो लीग में कल फिर से बेल्जियम के खिलाफ खेलने मैदान में उतरेगी। वे फ़िलहाल एफ़आईएच प्रो लीग के इस सीज़न में दूसरे नंबर पर मौजूद हैं।

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