कोच ग्राहम रीड टीम के डिफेंस पर दे रहें हैं ध्यान- बीरेंद्र लाकड़ा

कोच रीड का मानना है कि किसी भी मुकाबले को बेहतरीन डिफेंसिव तकनीक से जीत सकते हैं।

लेखक सतीश त्रिपाठी ·

भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) टीम के डिफेंस पर नए सिरे से ध्यान दे रहें हैं। उनका मानना है कि एक बेहतरीन डिफेंसिव तकनीक से किसी भी मुकाबले को अपने पक्ष में किया जा सकता है। वहीं, इसी को लेकर भारतीय हॉकी पुरुष टीम (Indian hockey men’s team) के डिफेंडर बीरेंद्र लाकड़ा (Birendra Lakra) का मानना है कि कोच ग्राहम टीम को अति आक्रामक शैली के रूप में पेश कर सकते हैं, क्योंकि वो ज्यादातर आक्रामक हॉकी खेलना पसंद करते हैं।

30 वर्षीय हॉकी खिलाड़ी बीरेंद्र ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से बात करते हुए कहा, "मुख्य कोच ग्राहम रीड के प्रशिक्षण में तेज़ तर्रार वाले सत्र शामिल होते हैं, जहां वह ज्यादातर आक्रामक हॉकी खेलना पसंद करते हैं। इसके साथ ही वह डिफेंस पर भी ध्यान दे रहें हैं।"

ग्राहम रीड भारतीय पुरुष हॉकी टीम के साथ साल 2019 से हैं। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया   

बीरेंद्र लाकड़ा ने बात करते हुए आगे कहा, "कोच ग्राहम रीड बताते हैं कि हम अपनी एक बेहतरीन डिफेंस से न केवल मैच जीत सकते हैं बल्कि हम टूर्नामेंट भी जीत सकते हैं, लेकिन जहां हम पहले खेल चुके कई मुकाबलों में अंतिम समय में अपने डिफेंस में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। लेकिन मेरा मानना है कि हमने पिछले कुछ महीनों में डिफेंस में सुधार किया है। वहीं, कोच अब अक्सर कहते हैं कि हमारी डिफेंस फॉरवर्ड लाइन से शुरु होती है"।

FIH प्रो लीग में टीम की डिफेंसिव तकनीक प्रमुख है

दरअसल, भारतीय हॉकी पुरुष टीम एफआईएच प्रो लीग ( FIH Pro League) में अपने 10 अंको के साथ चौथे स्थान पर काबिज़ है। वह आगे पहुंचने के लिए लगातार आक्रामक तरीके से खेल रही है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने आखिरी मुकाबले में टीम की डिफेंस में शानदार प्रयास देखने को मिला था। 

भारतीय हॉकी पुरुष टीम में बीरेंद्र लाकड़ा सबसे वरिष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। वह अभी तक छह एफआईएच प्रो लीग मैचों में कई बार बैकलाइन में खेल चुके हैं। हालांकि लाकड़ा चोट के कारण रियो ओलंपिक 2016 में नहीं खेल पाए थे, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह इस बार टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल होंगे। 

बीरेंद्र लाकड़ा ने आगे बात करते हुए कहा, "मैं टीम में एक अनुभवी डिफेंडर हो सकता हूं, लेकिन टीम में खुद की जगह होने की गारंटी नहीं ले सकता। हम में से सभी खिलाड़ियों को टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए टीम में जगह हासिल करनी होगी, इसका मतलब साफ है कि हमें अपने प्रशिक्षण और मैचों में अपना शतप्रतिशत देना होगा।"