जरमनप्रीत सिंह मैदान पर ख़ुद की पोज़ीशन को ध्यान में रखते हुए कर रहे हैं तैयारी

यह युवा खिलाड़ी अपने खेल प्रदर्शन के वीडियो देखकर अपनी कमियों का आकलन कर रहे हैं और साथ ही खेल के सिद्धांतों को अधिक गहराई से समझने की भी कोशिश कर रहे हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय पुरुष हॉकी टीम में अपनी जगह पक्की करने की डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह (Jarmanpreet Singh) की योजना भले ही कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के चलते रुक गई हो, लेकिन वह मैदान से बाहर रहते हुए भी बहुत अधिक मेहनत कर रहे हैं।

बेंगलुरु में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के परिसर में रहते हुए भारतीय हॉकी टीम इस समय एक काम साथ में कर रही है, वह पिछले सभी मैचों की फुटेज देखकर उसकी समीक्षा कर रहे हैं।

ऐसे में 24-वर्षीय यह डिफेंडर अपने खेल कौशल को और भी बेहतर बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।

जरमनप्रीत सिंह ने हॉकी इंडिया को बताया, “मैं अपने खेल में और अधिक ऊर्जा लाने और गेंद को ड्राइव करने के लिए बेहतरीन स्थिति में पहुंचने की कोशिश कर रहा हूं। टीम में एक युवा खिलाड़ी होने के नाते मुझे हमारे मुख्य कोच (ग्राहम रीड) और सीनियर खिलाड़ियों द्वारा खुलकर अपनी बात रखने को कहा जाता है।”

यह डिफेंडर सीनियर टीम में साल 2018 में शामिल हुआ और 2018 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक और चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने वाले भारतीय हॉकी दल का हिस्सा रहे और साथ ही लगातार हरमनप्रीत सिंह (Harmanpreet Singh) और बीरेंद्र लाकड़ा (Birendra Lakra) जैसे खिलाड़ियों से सीखते रहे।

जरमनप्रीत सिंह खेल के सैद्धांतिक पहलुओं को ठीक तरह से समझने के लिए हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कोचिंग कोर्स में भी शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, "अगर हम खेल के हर एक मिनट की अहमियत को अच्छी तरह समझते हैं तो हम निश्चित रूप से एक कांटे की टक्कर के मैच के दौरान मैदान पर बहुत बेहतर निर्णय ले सकते हैं।”

अमृतसर के इस खिलाड़ी ने अब तक 16 कैप अर्जित किए हैं, महामारी की वजह से सभी खेल प्रतियोगिताओं को रोके जाने से पहले FIH प्रो लीग में भारतीय हॉकी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया था।

उन्होंने बेल्जियम के खिलाफ दोनों खेलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आठ सफल टैकल और कई अटैकिंग शॉट भी रोके।

इसके साथ ही 24 वर्षीय ने जरूरत पड़ने पर अटैक करने में भी अपना योगदान दिया। सही फ्लैंक पर एक शानदार स्थिति तैयार की और भारतीय हॉकी टीम के साथ जवाबी हमले शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।