धनराज पिल्ले ने टोक्यो में भारतीय टीम से पदक जीतने की उम्मीद जताई

भारत ने मास्को 1980 के बाद से ओलंपिक में पदक नहीं जीता हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई ग्राहम रीड की देख-रेख में टीम ने शानदार फॉर्म जारी रखा है।

भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज और पूर्व कप्तान धनराज पिल्ले (Dhanraj Pillay) का मानना है कि टोक्यो के ग्रीष्मकालीन खेलों में पदक जीतने के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम अब फिर से मजबूत नजर आ रही है। 40 साल पहले मास्को ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने अपना आखिरी ओलंपिक पदक जीता था। कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) की देख-रेख में पुरुष हॉकी टीम ने शानदार खेल दिखाया है और अपने घर या बाहर या एफआईएच प्रो लीग में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

FIH प्रो लीग में बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स के खिलाफ दो-दो मैच खेलने के बाद भारतीय टीम मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) की अगुवाई में एफआईएच प्रो लीग की अंक तालिका में चौथे स्थान पर हैं।

हालाँकि धनराज पिल्ले का मानना है कि टोक्यो खेलों में चीजें बहुत अलग होंगी, लेकिन चार बार के ओलंपियन को फिर भी टीम से काभी उम्मीदे हैं।

धनराज पिल्ले ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "ओलंपिक एक अलग गेंद का खेल होगा क्योंकि ये प्रो लीग या क्वालिफ़ायर्स नहीं है, यहां हर देश अपनी रणनीति तय करेगा।"

“लेकिन मुझे लगता है कि भारत इस मेगा-इवेंट में पोडियम फिनिश करने के लिए तैयार है।

“धनराज पिल्ले ने कहा कि, “भारतीय टीम बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, जर्मनी और अर्जेंटीना जैसी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। मुख्य रूप से ये लड़ाई पोडियम फिनिश के लिए इन छह टीमों के बीच है।”

शानदार फॉर्म में है भारतीय हॉकी टीम

ग्राहम रीड ने अप्रैल 2019 में नेशनल टीम की बागडोर संभाली और टीम ने तब से शानदार प्रदर्शन करना जारी रखा है। टीम ने FIH सीरीज फाइनल जीतकर ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के लिए क्वालिफाई किया, ओलंपिक

टेस्ट इवेंट जीता और फिर टोक्यो खेलों के लिए क्वालिफाई करने में सफल रही।

युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण के साथ, ग्राहम रीड के साथ भारतीय टीम ने अब तक 23 मैच जीते हैं, पांच हारे हैं और तीन बार ड्रॉ किया है।

धनराज पिल्ले ने कहा, "मैं वास्तव में उम्मीद कर रहा था कि भारतीय हॉकी टीम लॉकडाउन से पहले 2020 टोक्यो ओलंपिक में पोडियम पर खड़ी होगी।"

उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम में सीनियर्स और जूनियर्स का अच्छा मिश्रण है, ये टीम ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में, 2019 में और 2020 के पहले दो महीनों में जो भी टूर्नामेंट खेली, उसमें वो टॉप फॉर्म में थीं।

हॉकी के जादूगर ने कहा, "असल में बहुत लंबे समय के बाद टीम ने उस तरह का प्रदर्शन किया जिसे दर्शक या टीम के फैन उस तरह की हॉकी देखना चाहते थे।"

पुरानी गलतियों से बचने की है ज़रुरत

ग्राहम रीड के पदभार संभालने से पहले भारतीय हॉकी टीम के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक थी- अंतिम-मिनट के गोल खाना और कई ऐसे खिताब गंवाना जो वो जीत सकत थी।

भारतीय टीम ने अंतिम क्षणों में गोल खाया था और 2016 ओलंपिक में नीदरलैंड, जर्मनी और कनाडा के खिलाफ मैच हार गए थे।

इन कमियों की वजह से उन्हें 2018 एशियाई खेलों में मलेशिया के खिलाफ सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा और 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मैच गंवानी पड़ी।

धनराज पिल्ले ने सुझाव दिया कि भारतीय टीम अपना दृष्टिकोण बदल ले, ये मानते हुए कि ये वो बाते हैं जिसे संबोधित करने की आवश्यकता है,

धनराज पिल्ले ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है, हम मैच के अंतिम समय में गोल खा रहे हैं, इसकी वजह से पूरी टीम आक्रामक हो जाती है।"

"कभी-कभी अपने दृष्टिकोण में आक्रामक होने के बजाय रक्षात्मक होना बेहतर होता है, खासकर यदि आप जीतने की स्थिति में हों।

दिग्गज हॉकी खिलाड़ी ने सुझाव देते हुए कहा कि इस प्रकार की स्थितियों का अभ्यास अधिक से अधिक किया जाना चाहिए कि कैसे गेम को अपने कंट्रोल में रखें और टाइम पास करने जब आज जीत के करीब हों।

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