ग्राहम रीड को लगता है कि अच्छी शुरूआत ने आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की है 

भारतीय हॉकी टीम के कोच चाहते हैं कि उनकी टीम सभी क्वार्टर में लय बरकरार रखे।

मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) की अगुवाई वाली टीम को ताज़ा जारी एफआईएच रैंकिंग में चौथे स्थान पर रखा गया है और इस उपलब्धि के पीछे प्रमुख कारणों में से एक एफआईएच हॉकी प्रो लीग में उनका प्रदर्शन है।

दुनिया की अब तक की सर्वश्रेष्ठ हॉकी टीमों में से तीन के खिलाफ मुकाबले में, भारतीय हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

आम तौर पर हॉकी के खेल में समान्य गोल खाने वाली टीम अब बदली हुई नज़र आ रही है, भारतीय हॉकी टीम प्रो लीग में अपने शुरुआती मुक़ाबलों में एक अलग ही टीम लग रही है।

बेल्जियम, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाली ग्राहम रीड (Graham Reid) की कोचिंग वाली टीम ज़्यादा तेज़ नज़र आई है और अक्सर आक्रमणकारी हाफ में उन्होंने अपने विरोधियों को परेशान किया है।

उनकी डिफेंस भी मौका पड़ने पर गोलकीपरों के साथ बेहतर नज़र आई, जहां 60 मिनट तक बैकलाइन को भी कवर करने की कोशिश करते देखे गए हैं।

उनके मुख्य कोच का मानना है कि अब तक के अनुभव से टीम में आत्मविश्वास पैदा करने में मदद मिली है। “एफआईएच हॉकी प्रो लीग में हमने जो मैच खेले उनमें से एक निष्कर्ष ये था कि हमने खुद को साबित कर दिया है कि हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ अच्छे परिणाम हासिल कर सकते हैं। जो कि आत्म-विश्वास के निर्माण के लिए बेहतर कदम है।”

ग्राहम रीड ने इस साल: भारतीय डिफेंस को मजबूत करने पर जोर दिया है। तस्वीर साभार : हॉकी इंडिया
ग्राहम रीड ने इस साल: भारतीय डिफेंस को मजबूत करने पर जोर दिया है। तस्वीर साभार : हॉकी इंडियाग्राहम रीड ने इस साल: भारतीय डिफेंस को मजबूत करने पर जोर दिया है। तस्वीर साभार : हॉकी इंडिया

हालांकि इस तरह के सराहनीय प्रदर्शन के बावजूद, ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय कोच पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। उनका मानना है कि टीम को सभी क्वार्टर में लय में रहने की जरूरत है, न कि ऐसे मौके पर अपने प्रतिद्वंदियों को फायदा उठाने का मौका देना। उन्होंने कहा कि "हमें अभी भी न केवल मैचों में बल्कि सभी क्वार्टर में भी लय में रहने की आवश्यकता है।"

“कैंप में खिलाड़ियों के कौशल पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा- जैसे - टैकलिंग, गोल शूटिंग, ट्रैपिंग। हमें अपनी आक्रमण क्षमता पर भी काम करने की जरूरत है, विशेष कर गेंद को सर्कल में ले जाने के लिए। इस कैंप के बाद, हम जर्मनी और इंग्लैंड में उन्हीं के ख़िलाफ़ खेलने के लिए जाएंगे जो हमें 2020 ओलंपिक खेलों के लिए आवश्यक सुधारों का आकलन करने में मदद करेगा।”

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