अपने खाली समय में वॉलीबॉल और टेनिस खेलेगी भारतीय हॉकी टीम

मुख्य कोच ग्राहम रीड चाहते हैं कि टीम हॉकी के अलावा अन्य गतिविधियों में भी शामिल हो ताकि ज़रुरत पड़ने पर उससे मदद ली की जा सके।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

ये एक विशेष स्थिति है जिसमें भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) हर एक चीज में शामिल होते हैं।

ऑस्ट्रेलियाई कोच 4 सप्ताह के लंबे प्रशिक्षण शिविर में भारतीय हॉकी टीम के साथ बेंगलुरु में है। लेकिन कोरोना वायरस महामारी और अधिकारियों द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों के बाद एक ठहराव के बावजूद मुश्किल से खिलाड़ियों पर इसका कोई असर देखने को मिला है।

हालांकि पहले खिलाड़ी अपने खाली समय के दौरान मॉल और पसंदिदा स्थानों पर जाया करते थे, अब बढ़े प्रतिबंध का मतलब है कि भारतीय हॉकी टीम को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) परिसर के अंदर रहना होगा।

तो मुख्य कोच अपनी टीम के माहौल को ऐसी स्थिति में किस तरह शानदार बनाए रखते हैं? इसके जवाब में कोच ने AINS से कहा कि " हम वॉलीबॉल और टेनिस टूर्नामेंट जैसे खेलों की योजना बना रहे हैं।"

“हम निश्चित रूप से SAI में कुछ अच्छी सुविधाएं हैं। जैसा कि आप जानते हैं, युवा पीढ़ी अपने आईपैड और इंटरनेट के साथ बहुत सहज है, इसलिए इसके लिए अच्छी सुविधाएं हैं। लेकिन हमें उन्हें खुश रखने के लिए विभिन्न तरीकों को अपनाने की आवश्यकता है, यही वजह है कि हम वॉलीबॉल टूर्नामेंट की तरह कुछ और योजना बना रहे हैं।”

भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड दुनिया में हर बदलती स्थिति को देखते हुए योजना 'बी' पर काम कर रहे हैं। फोटो: हॉकी इंडिया

ग्राहम रीड प्लान ‘B’ पर काम कर रहे हैं

हालांकि इन सब के बावजूद अपने खिलाड़ियों को उत्साहित रखने के सभी प्रयास किए जाए रहे हैं, ग्राहम रीड को उन अनिश्चितताओं के बारे में पता है जो बेंगलुरु के SAI सेंटर के बाहर दुनिया को घेरे हुए हैं।

एफआईएच हॉकी प्रो लीग के 17 मई तक निलंबित रहने के साथ, भारतीय मुख्य कोच को पता है कि जुलाई-अगस्त में ओलंपिक की तैयारी के लिए उन्हें बहुत कम समय मिलेगा।

रीड ने कहा, "पिछले हफ्ते हमने कुछ विषयों पर काम किया - अगर हम जर्मनी या स्पेन नहीं जाते हैं तो हमारा कार्यक्रम कैसा दिखता है," रीड ने बताया कि उनकी टीम की बैक-अप योजना क्या हो सकती है।

"मुश्किल समय के बजाए समय-समय पर परिवर्तन एक बेहतर माहौल तैयार कर सकता है, हम एक आसान अनुसूची डिजाइन कर सकते हैं और कठिन काम को बाद के लिए छोड़ सकते हैं। प्रतियोगिताओं की कमी हमेशा एक चिंता का विषय है लेकिन अच्छी बात यह है कि हर कोई एक ही नाव में होगा।”

यूरोप जितने बुरे हालात भारत में नहीं है

हालाँकि, टोक्यो 2020 के लिए तैयारी करने वाली प्रत्येक टीम के लिए प्रतिस्पर्धा की कमी एक चिंता का विषय है, ग्राहम रीड को थोड़ी राहत मिली है कि भारत में स्थिति उतनी खराब नहीं है, जितनी कि उन्हें यूरोप में अपने दोस्तों से पता चला है।

कुछ साल पहले तक कैलदास के सहायक ऑस्ट्रेलियाई भारतीय कोच ने कहा “मैं मैक्सिमिलियानो कैलदास, नीदरलैंड्स कोच के साथ लगातार संपर्क में हूं; उनके पास टीम के साथ जुड़ने की इज़ाजत भी नहीं है क्योंकि वे तीन सप्ताह तक संघरोध में हैं।”

"कम से कम हमारे लिए, हम अभी भी प्रशिक्षण ले सकते हैं जब ओलंपिक जुलाई में आगे बढ़ेंगे तो हमें उम्मीद है कि हम इसके लिए तैयार हो सकते हैं।"

ओलंपिक को आगे बढ़ाने के लिए और अपने कौशल को सुधारने और अपने गेमप्लान को सही करने के लिए, भारतीय हॉकी टीम उस समय का सबसे अधिक लाभ लेने के लिए उत्सुक है, जो कि महामारी की वजह से उन्हें मिला है।

लेकिन खेल के समय की कमी उनकी तैयारी को कैसे प्रभावित करती है, यो तो टीम के अगले प्रतिस्पर्धाओं में उनके प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टीम के प्रदर्शन के बाद ही पता चल सकता है।