एफ़आईएच प्रो लीग में भारत की पहली हार, वर्ल्ड चैंपियन बेल्जियम से खाई मात

अपनी डिफेंस को सुधारने वाली रेड लायंस ने एफआईएच प्रो लीग में 3-2 से जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान पर कब्जा बरकरार रखा।

रविवार को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच प्रो लीग में पहली हार का सामना करना पड़ा, जहां विश्व चैंपियन बेल्जियम ने एक संघर्षपूर्ण मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की।

मैच के शुरुआती क्षण में बेल्जियम की ओर से पहला गोल देखने को मिला, जहां दूसरे ही मिनट में बेल्जियम के खिलाड़ी ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल कर टीम को जल्दी ही बढ़त दिला दी।

ड्रैग-फ्लिकर विशेषज्ञ अलेक्जेंडर हेंड्रिकक्स ने एफआईएच प्रो लीग में अपना चौथा गोल पेनल्टी कॉर्नर की मदद से किया, इस ड्रैग-फ्लिकर ने भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश से दूर शक्तिशाली स्वीप किया और गोल कर दिया। जिन्होंने शनिवार को भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया था।

एफआईएच प्रो लीग में बेल्जियम के अलेक्जेंडर हेंड्रिकक्स भारत के खिलाफ गोल करने के बाद जश्न मनाते हुए। फोटो सौजन्य: हॉकी इंडिया मीडिया
एफआईएच प्रो लीग में बेल्जियम के अलेक्जेंडर हेंड्रिकक्स भारत के खिलाफ गोल करने के बाद जश्न मनाते हुए। फोटो सौजन्य: हॉकी इंडिया मीडियाएफआईएच प्रो लीग में बेल्जियम के अलेक्जेंडर हेंड्रिकक्स भारत के खिलाफ गोल करने के बाद जश्न मनाते हुए। फोटो सौजन्य: हॉकी इंडिया मीडिया

बेल्जियम घायल शेर की तरह नियमित रूप से आक्रमण करने के साथ इस मैच में उतरा था लेकिन भारतीय रक्षक ज्यादातर मौकों पर चौकस नज़र आए। उन्होंने कप्तान मनप्रीत सिंह के रचनात्मक खेल को चालाकी से रोका, जब भी उनके पास गेंद होती थी, तो उन्होंने तुरंत दो डिफेंडरों को उनके पास भेज दिया।

हालांकि, मनप्रीत सिंह ने भारतीय हॉकी टीम का पहला मौका बनाया, जब उन्होंने गेंद को अपने कब्जे में रखते हुए सर्कल में भेजा लेकिन बेल्जियम ने विवेक प्रसाद तक गेंद के पहुंचने से पहले किसी तरह से रोक लिया।

19 वर्षीय युवा खिलाड़ी का गोल भी सराहनीय थी, जब उन्होंने पहले क्वार्टर के खत्म होने से ठीक पहले ही भारत को मैच में बराबरी दिलाई थी। सुरेन्द्र कुमार ने बाईं ओर ड्राइव करते हुए गेंद को आगे बढ़ाया, बचे हुए काम को विवेक प्रसाद ने पूरा करने में कोई चूक नहीं की और बेल्जियम के गोलकीपर विन्सेन्ट वानश्च को चकमा देते हुए गेंद को गोल के अंदर डाल दिया।

हाफ टाइम तक बेल्जियम ने बनाई बढ़त

दूसरे क्वार्टर में बेल्जियम ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और कुछ ही मिनट बाद बढ़त बना ली। साइमन गौगनार्ड को राइट विंग में जगह मिली और उन्होंने गेंद को उस तरफ भेजा, मैक्सिम प्लेनवाक्स ने इसे पास करने के पहले भारतीय रक्षापंक्ति को आश्चर्यचकित किया।

हालांकि, भारतीय हॉकी टीम ने 30 सेकंड बाद ही शानदार वापसी की। इस हाफ में शानदार खेल दिखाने वाले सुरेंद्र कुमार ने अपने आप को भीड़ से बाहर निकाला, और दो बेल्जियम के खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए गेंद ललित उपाध्याय को सौंप दिया, जिन्होंने पेनल्टी कार्नर हासिल किया।

ड्रैग-फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह की अनुपस्थिति में, भारतीय टीम के उप-कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जिम्मेदारी संभाली, लेकिन उनका पहला शॉट कारगर नहीं रहा क्योंकि बेल्जियम के डिफेंडरों ने उनके शॉट को ब्लॉक कर दिया। रिबाउंड पर विवेक प्रसाद के शॉट को विन्सेन्ट वानश्च ने रोक लिया, लेकिन गेंद अमित रोहिदास के पास चली गई, और उन्होंने भारत को बराबरी पर लाने में मदद की।

हालांकि, हाफ टाइम तक बेल्जियम ने 3-2 की बढ़त बना ली थी। जिसमें मैक्सिम प्लेनवाक्स का दूसरा गोल शामिल था, जब उन्होंने हरमनप्रीत सिंह के पास को सिर्फ दिशा बदलकर हासिल किया था।

भारत के पास एक बार फिर से बराबरी करने का मौका था लेकिन मंदीप सिंह के शॉट को अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने रोकते हुए अपनी टीम के खिलाफ गोल होने से बचाया।

भारतीय रक्षांपक्ति ने बेल्जियम के खिलाफ शानदार खेल दिखाया लेकिन आक्रमण बराबरी करने से चूके। फोटो सौजन्य: हॉकी इंडिया मीडिया
भारतीय रक्षांपक्ति ने बेल्जियम के खिलाफ शानदार खेल दिखाया लेकिन आक्रमण बराबरी करने से चूके। फोटो सौजन्य: हॉकी इंडिया मीडियाभारतीय रक्षांपक्ति ने बेल्जियम के खिलाफ शानदार खेल दिखाया लेकिन आक्रमण बराबरी करने से चूके। फोटो सौजन्य: हॉकी इंडिया मीडिया

पीआर श्रीजेश ने भारतीय टीम को मैच में बनाए रखा

भारतीय हॉकी टीम ने लगभग गोल करते हुए एक अन्य क्वार्टर की शुरूआत की, लेकिन गुरजंत सिंह समय पर सही तालमेल नहीं दिखा सके, जब जरमनप्रीत सिंह ने एक ऊंची गेंद उनकी ओर खेला। रमनदीप सिंह ने भी एक अच्छा मौका गंवा दिया, जब उन्होंने बेल्जियम के गोल से काफी दूर अपने शॉट को खेला।

भारतीय हॉकी टीम को लग रहा था कि कोच ग्राहम रेड की सलाह को शुरुआती मैच में ही बनाए रखा जा सकता है, लेकिन ऐसा हो नहीं सका, खासतौर तब जब उन्हें मौके बनाने थे। रेड लॉयन्स ने मैच पर अपनी पकड़ तो बना ली लेकिन उन्होंने भी ज्यादा मौके हासिल नहीं किए।

भारतीय टीम के खिलाफ वो तीसरे क्वार्टर के अंत तक अपनी बढ़त को दोगुनी कर सकते थे लेकिन पीआर श्रीजेश ने अपना फॉर्म यहां भी जारी रखा, जिन्होंने शानदार तीन गोल बचाए, और अपने डिफेंडर्स के तालमेल को देखकर काफी उत्साहित थे जो विरोधियों को लगातार गोल से दूर रखने का काम कर रहे थे।

क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत ने एक पेनल्टी कार्नर दे दिया, लेकिन पीआर श्रीजेश ने तेजी से बेल्जियम के काउंटर-अटैक से बचा लिया।

अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने कई कोशिश की और मुकाबले को रोमांचक बना दिया। बेल्जियम और भारत ने एक-दूसरे के खिलाफ कई मौके बनाए लेकिन दोनों गोलकीपर ने किसी भी और गोल के होने की संभावनाओं को खत्म कर दिया।

एफआईएच प्रो लीग की अंक तालिका में बेल्जियम शीर्ष पर पहुंची

इस जीत के साथ ही बेल्जियम का एफआईएच प्रो लीग की अंक तालिका में छह मैचों में 14 अंकों के साथ शीर्ष पर रहना सुनिश्चित हो गया है, जबकि भारतीय टीम चार मैचों में आठ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।  

एफआईएच प्रो लीग में भारतीय टीम के आगे का सफर

लंदन में एक महीने बाद ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ मुकाबले में उतरने से पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम 21 और 22 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया से कलिंगा स्टेडियम में आमने-सामने होगी।

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