ओलंपिक के लिए मंगलवार से शुरू होगा भारतीय हॉकी नेशनल कैंप

टोक्यो ओलंपिक के लिए राष्ट्रीय हॉकी के सभी संभावित खिलाड़ी, कोच और सपोर्टिंग स्टाफ नेशनल कैंप से पहले अनिवार्य रूप से 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहेंगे।   

टोक्यो ओलंपिक के लिए जरूरी भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों का नेशनल कैंप 4 अगस्त से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु में शुरू किया जाएगा।

कर्नाटक सरकार द्वारा साई को अनुमति दिए जाने के बाद एक छोटा सा ब्रेक लिया गया और उसके बाद कैंप को पुनर्गठित करने का निर्णय भी लिया गया।

पुरुषों की हॉकी टीम के मुख्य समूह में 33 खिलाड़ी और आठ कोच शामिल हैं। वहीं महिलाओं के दल में 24 खिलाड़ी और सात कोच शामिल हैं।

बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे भारतीय हॉकी की पुरुष और महिल दोनों टीमों के नेशनल कैंप 
बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे भारतीय हॉकी की पुरुष और महिल दोनों टीमों के नेशनल कैंप बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे भारतीय हॉकी की पुरुष और महिल दोनों टीमों के नेशनल कैंप 

राज्य के प्रोटोकॉल के अनुसार, कैंप में हिस्सा लेने वाले सभी सदस्यों को SAI कैंपस के अंदर अनिवार्य रूप से 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहना होगा।

SAI की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "एथलीट, कोच और सपोर्टिंग स्टाफ का भी बेंगलुरु पहुंचने पर परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कैंप में हिस्सा लेने वाला कोई भी सदस्य कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित नहीं है।”

बेंगलुरु के SAI प्रशासन ने प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए पहले ही एथलीटों, कोचों और सहायक कर्मचारियों के साथ एक ऑनलाइन कार्यशाला को आयोजित किया है।

लंबी छुट्टी और देरी का असर

महिला हॉकी टीम ने शुरुआत में फरवरी से बेंगलुरु में प्रशिक्षण शुरू किया था। पुरुषों ने FIH हॉकी प्रो लीग में हिस्सा लेने के बाद मार्च में अपना कैंप शुरू किया था।

हालांकि, COVID-19 वायरस के प्रकोप के बाद 25 मार्च से भारत बंद होने की वजह से नियमित अभ्यास और सभी गतिविधियों को रोक लगानी पड़ी।

हालांकि, लॉकडाउन और ट्रैवल बैन के कारण सभी खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ बेंगलुरु के SAI सेंटर में तीन महीने से अधिक समय तक अटका रहा। आखिरकार उन्हें 19 जून को अपने-अपने घर वापस जाने की अनुमति दी गई थी।

प्रारंभिक योजना के अनुसार सभी को 19 जुलाई को वापस बुलाना तय था, लेकिन इस महामारी की स्थिति के कारण उत्पन्न होने वाले विभिन्न कारणों को देखते हुए इस योजना को स्थगित कर दिया गया था।

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