बड़े मुक़ाबलों से मिले तजुर्बे का इस्तेमाल करना चाहते हैं नीलकांत शर्मा 

टोक्यो 2020 में भारतीय हॉकी के मिडफ़ील्डर नीलकांत शर्मा वर्ल्ड कप और ओलंपिक क्वालिफ़ायर में मिले अनुभव का इस्तेमाल करना चाहते हैं।

भारतीय हॉकी खिलाड़ी नीलकांत शर्मा (Nilkanta Sharma) को अब मालूम है कि बड़े स्तर पर खेलने के लिए किस तरह के खेल कौशल की आवश्यकता पड़ती है।

उनके पास 2016 जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप (2018 Junior Hockey World Cup) में खिताब जीतने से लेकर 2018 एफआईएच वर्ल्ड कप (2018 FIH World Cup) में दबाव की स्थिति में खेलने का अनुभव है। इतना ही नहीं ओलंपिक क्वालिफ़ायर जैसी अहम प्रतियोगिता में खेलना भी उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ।

अपने इसी तज़ुर्बे को मैदान पर अपने साथ औज़ार की तरह रख नीलकांत शर्मा टोक्यो 2020 (Tokyo 2020) की तैयारियों में जुटे हैं। भारतीय मेंस हॉकी टीम (Indian men’s Hockey team) के इस खिलाड़ी ने कहा, “दबाव वाले मुक़ाबलों में खेलने का यह अनुभव बहुत काम आएगा और खासतौर से ओलंपिक गेम्स (Olympic Games) जैसे बड़े स्तर पर इसका महत्व बढ़ जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “बीते कुछ सालों में मैंने दबाव वाली स्थिति में शांत रहना सिखा है और साथ ही मैंने टीम में अपनी भूमिका को भी समझ लिया है।”

नीलकांत शर्मा ने बताया कि उनके अच्छे खेल के पीछे कप्तान मनप्रीत सिंह का भी हाथ है। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया  
नीलकांत शर्मा ने बताया कि उनके अच्छे खेल के पीछे कप्तान मनप्रीत सिंह का भी हाथ है। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया  नीलकांत शर्मा ने बताया कि उनके अच्छे खेल के पीछे कप्तान मनप्रीत सिंह का भी हाथ है। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया  

मनप्रीत सिंह के साथ तालमेल अच्छा

इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने 3 साल पहले भारतीय मेंस हॉकी टीम में अपना डेब्यू किया था और अब वह इस खेमे का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। फ़ील्ड पर शांत रहना हो या जरूरत के समय में टीम के डिफेंस को मज़बूती देना हो, मणिपुर का यह खिलाड़ी सभी चीज़ों को बहुत उम्दा तरीके से निभा रहा है।

कप्तान मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) की अगुवाई में जब नीलकांत फ़ील्ड पर उतरते हैं तो वे ज़्यादा दबाव नहीं महसूस करते हैं। खिलाड़ी ने आगे कहा, “मुकाबले के दौरान मनप्रीत और मेरा तालमेल देखते ही बनता है। मनप्रीत को खेलते देख सभी खिलाड़ी उत्सुकता से खेलते हैं और वे ध्यान रखते हैं कि हर खिलाड़ी किसी न किसी रूप में योगदान देता रहे।”

रॉबिन आर्केल के दिलचस्प नुस्ख़ेपूरी टीम की तरह ही नीलकांत भी इस समय स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (Sports Authority of India) के सानिध्य में रह रहे हैं और अपने कौशल को और भी ज़्यादा मज़बूत कर रहे हैं। यह समय हम सब के लिए ही मुश्किल है लेकिन, हम लोग इस समय का प्रयोग अपने ऊपर काम करने में कर रहे हैं। उपकरणों की कमी की वजह से हम बैंड का उपयोग अपने कमरों में ही कर रहे हैं।”

इस समय को उपयोगी बनाने के लिए भारतीय मेंस हॉकी टीम के साइंटिफिक एडवाइज़र रॉबिन आर्केल (Robin Arkell) अपने नुस्खों से टीम को व्यस्त रख रहे हैं और उन्हें मनोरंजन के साधन भी दे रहे है।"

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